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Farrukhabad News: बोले सो निहाल सत श्री अकाल का गूंजा जयघोष
Sat, 15 Apr 2023 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 15 Apr 2023 12:06 AM IST
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फर्रुखाबाद। खालसा पंत का स्थापना दिवस बैसाखी पर्व धूमधाम से मनाया गया। प्रभातफेरी निकाली व गुरुद्वारों में गुरुगोविंद सिंह के स्थापना के बारे में बताया गया। फतेहगढ़ स्थित सिखलाई रेजीमेंट सेंटर में दूरदराज से पहुंचे लोगों को सिख धर्म की महत्ता के बारे में बताया गया। बैसाखी पर शुक्रवार सुबह फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन से सतनाम सिंह की अगुवाई में प्रभात फेरी निकाली गई।
प्रभात फेरी लोहाई रोड स्थित गुरुद्वारा में समाप्त हुई। इसके बाद गुरु का दरबार सजाया गया। वहां ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने वैसाखी पर्व के बारे में जानकारी दी। फतेहगढ़ गुरुद्वारा में भी कार्यक्रम हुआ। ज्ञानी बलवंत सिंह ने गुरुद्वारा साहिब में शबद-कीर्तन किया। ज्ञानी रघुबीर सिंह जी ने सिखलाई गुरुद्वारा साहिब में शब्द कीर्तन कराया।
देह शिवाय वर मोहे सुनाकर सभी को गुरू की शक्ति का एहसास कराया। सरदार जगदीप सिंह ने कहा कि गुरुजी ने अपने सबसे प्रिय पांच शिष्यों को पंच प्यारे के खिताब से नवाजा था और इन्हीं पंच प्यारों को अपना गुरु समझकर उनसे खुद अमृत की दात मांगी।
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गुरुजी ने इन पांचों से अमृत पान किया और अपना नाम गोविंद राय से गोविंद सिंह रख लिया। सचिव किशन वर्मा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि खालसा ने सदा जुल्म से टक्कर ली है। रेजीमेंट के डिप्टी कमांडेट कर्नल पुष्पेंद्र झिंगवान ने बताया कि समारोह की शुरूआत 12 अप्रैल को निशान साहिब का चोला परिवर्तन और अखंड पाठ के आरंभ से हुई थी। शुक्रवार को अखंड पाठ का समापन हुआ।
गुरु का अटूट लंगर बरता। ब्रिगेडियर सीएस अग्रवाल, ऊष अग्रवाल सहित सेंटर के तमाम अधिकारियों और जवानों ने दरबार में माथा टेककर हाजिरी लगाई। बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयघोष से गुरुद्वारा परिसर गुंजायमान रहा। इस मौके पर आलोक गुप्ता, कन्हैया लाल जैन, अतुल कुमार रस्तोगी, महावीर प्रसाद श्रीवास्तव आदि ने दरबार में हाजिरी लगाई।
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प्रभात फेरी लोहाई रोड स्थित गुरुद्वारा में समाप्त हुई। इसके बाद गुरु का दरबार सजाया गया। वहां ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने वैसाखी पर्व के बारे में जानकारी दी। फतेहगढ़ गुरुद्वारा में भी कार्यक्रम हुआ। ज्ञानी बलवंत सिंह ने गुरुद्वारा साहिब में शबद-कीर्तन किया। ज्ञानी रघुबीर सिंह जी ने सिखलाई गुरुद्वारा साहिब में शब्द कीर्तन कराया।
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देह शिवाय वर मोहे सुनाकर सभी को गुरू की शक्ति का एहसास कराया। सरदार जगदीप सिंह ने कहा कि गुरुजी ने अपने सबसे प्रिय पांच शिष्यों को पंच प्यारे के खिताब से नवाजा था और इन्हीं पंच प्यारों को अपना गुरु समझकर उनसे खुद अमृत की दात मांगी।
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गुरुजी ने इन पांचों से अमृत पान किया और अपना नाम गोविंद राय से गोविंद सिंह रख लिया। सचिव किशन वर्मा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि खालसा ने सदा जुल्म से टक्कर ली है। रेजीमेंट के डिप्टी कमांडेट कर्नल पुष्पेंद्र झिंगवान ने बताया कि समारोह की शुरूआत 12 अप्रैल को निशान साहिब का चोला परिवर्तन और अखंड पाठ के आरंभ से हुई थी। शुक्रवार को अखंड पाठ का समापन हुआ।
गुरु का अटूट लंगर बरता। ब्रिगेडियर सीएस अग्रवाल, ऊष अग्रवाल सहित सेंटर के तमाम अधिकारियों और जवानों ने दरबार में माथा टेककर हाजिरी लगाई। बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयघोष से गुरुद्वारा परिसर गुंजायमान रहा। इस मौके पर आलोक गुप्ता, कन्हैया लाल जैन, अतुल कुमार रस्तोगी, महावीर प्रसाद श्रीवास्तव आदि ने दरबार में हाजिरी लगाई।