{"_id":"69cacfc46ece0a4d4c04a877","slug":"bhanu-pratap-became-nayab-tehsildar-and-smriti-became-joint-commissioner-gst-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-109660-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: भानु प्रताप नायब तहसीलदार और स्मृति बनीं ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: भानु प्रताप नायब तहसीलदार और स्मृति बनीं ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी
विज्ञापन
फोटो-24 उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग कार्यालय के बाहर खड़े भानु प्रताप। स्रोत: स्वयं
मोहम्मदाबाद। फर्रुखाबाद जिले के मोहम्मदाबाद निवासी भानु प्रताप ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार का पद प्राप्त किया है। इसी परीक्षा में फतेहगढ़ स्थित बीएसए कार्यालय में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी राजीव श्रीवास्तव की पुत्री स्मृति श्रीवास्तव ने भी उत्तीर्ण होकर ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी का पद पाया है। दोनों की सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
मोहम्मदाबाद के नंदसा निवासी भानु प्रताप ने अपनी फेसबुक पोस्ट में अपनी सफलता का श्रेय मामा रत्नेश प्रताप और मां ममता देवी को दिया है। उन्होंने बताया कि 2006 में पिता की आकस्मिक मृत्यु के बाद मामा ने उन्हें सहारा दिया और उनकी पढ़ाई व परवरिश का पूरा ध्यान रखा। मां ममता देवी ने भी अपने तप और त्याग से इस यात्रा को प्रश्रय दिया। भानु प्रताप ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में मदर मेमोरियल स्कूल, रामकृष्ण मेमोरियल इंटर कॉलेज और काशी हिंदू विश्वविद्यालय (विशेषतः आचार्य नरेंद्र देव छात्रावास) के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अपने शिक्षकों और दोस्तों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें बेहतर बनाने में मदद की। भानु प्रताप ने लिखा, मेरे पास जितनी दुआएं और आशीर्वाद है, उतना विरले ही किसी के पास हो। उनकी इस भावुक पोस्ट को 18 घंटे में 62 लोगों ने साझा किया और 532 लोगों ने पसंद किया। मामा रत्नेश प्रताप खिमसेपुर ग्रामीण बैंक में कर्मचारी हैं, जबकि मां ममता देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। भानु प्रताप के बड़े भाई सूरज प्रताप कपड़ों का व्यवसाय करते हैं और बहनें रक्षांद्री व सुरभि पढ़ाई कर रही हैं।
भानु प्रताप का संघर्ष और सफलता
भानु प्रताप के पिता जगरूप कठेरिया की वर्ष 2006 में बुखार के चलते मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनके मामा रत्नेश प्रताप ने परिवार का सहारा बनकर उनकी शिक्षा का जिम्मा उठाया। उनकी मां ममता देवी ने भी इस कठिन समय में उनका साथ दिया। भानु प्रताप ने अपनी सफलता का श्रेय मामा की मेहनत, गुरुओं के मार्गदर्शन और मित्रों के साथ को दिया है। मामा रत्नेश प्रताप ने भांजे की सफलता पर बैंक में मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
विज्ञापन
बीईओ राजीव की पुत्री ने पास कर ली पीसीएस की परीक्षा
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित बीएसए कार्यालय में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राजीव श्रीवास्तव की पुत्री स्मृति श्रीवास्तव ने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। वह मूल रूप से लखीमपुर खीरी के निवासी हैं। स्मृति ने एमएससी कैमिस्ट्री के साथ बीएड डिग्री प्राप्त कर पीसीएस परीक्षा की तैयारी की थी। उन्हें ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी बनाया गया। बेटी के पीसीएस परीक्षा में सफलता पर शिक्षक नेता राजकिशोर शुक्ल, अवनीश चौहान, अमित मिश्रा, मुन्नालाल यादव, देवेंद्र यादव, राजेश यादव, राकेश यादव, निर्देश गंगवार आदि ने शुभकामनाएं दीं। (संवाद)
विज्ञापन
मोहम्मदाबाद के नंदसा निवासी भानु प्रताप ने अपनी फेसबुक पोस्ट में अपनी सफलता का श्रेय मामा रत्नेश प्रताप और मां ममता देवी को दिया है। उन्होंने बताया कि 2006 में पिता की आकस्मिक मृत्यु के बाद मामा ने उन्हें सहारा दिया और उनकी पढ़ाई व परवरिश का पूरा ध्यान रखा। मां ममता देवी ने भी अपने तप और त्याग से इस यात्रा को प्रश्रय दिया। भानु प्रताप ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में मदर मेमोरियल स्कूल, रामकृष्ण मेमोरियल इंटर कॉलेज और काशी हिंदू विश्वविद्यालय (विशेषतः आचार्य नरेंद्र देव छात्रावास) के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अपने शिक्षकों और दोस्तों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें बेहतर बनाने में मदद की। भानु प्रताप ने लिखा, मेरे पास जितनी दुआएं और आशीर्वाद है, उतना विरले ही किसी के पास हो। उनकी इस भावुक पोस्ट को 18 घंटे में 62 लोगों ने साझा किया और 532 लोगों ने पसंद किया। मामा रत्नेश प्रताप खिमसेपुर ग्रामीण बैंक में कर्मचारी हैं, जबकि मां ममता देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। भानु प्रताप के बड़े भाई सूरज प्रताप कपड़ों का व्यवसाय करते हैं और बहनें रक्षांद्री व सुरभि पढ़ाई कर रही हैं।
विज्ञापन
भानु प्रताप का संघर्ष और सफलता
भानु प्रताप के पिता जगरूप कठेरिया की वर्ष 2006 में बुखार के चलते मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनके मामा रत्नेश प्रताप ने परिवार का सहारा बनकर उनकी शिक्षा का जिम्मा उठाया। उनकी मां ममता देवी ने भी इस कठिन समय में उनका साथ दिया। भानु प्रताप ने अपनी सफलता का श्रेय मामा की मेहनत, गुरुओं के मार्गदर्शन और मित्रों के साथ को दिया है। मामा रत्नेश प्रताप ने भांजे की सफलता पर बैंक में मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
विज्ञापन
बीईओ राजीव की पुत्री ने पास कर ली पीसीएस की परीक्षा
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित बीएसए कार्यालय में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राजीव श्रीवास्तव की पुत्री स्मृति श्रीवास्तव ने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। वह मूल रूप से लखीमपुर खीरी के निवासी हैं। स्मृति ने एमएससी कैमिस्ट्री के साथ बीएड डिग्री प्राप्त कर पीसीएस परीक्षा की तैयारी की थी। उन्हें ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी बनाया गया। बेटी के पीसीएस परीक्षा में सफलता पर शिक्षक नेता राजकिशोर शुक्ल, अवनीश चौहान, अमित मिश्रा, मुन्नालाल यादव, देवेंद्र यादव, राजेश यादव, राकेश यादव, निर्देश गंगवार आदि ने शुभकामनाएं दीं। (संवाद)

फोटो-24 उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग कार्यालय के बाहर खड़े भानु प्रताप। स्रोत: स्वयं