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भीख मांगकर टोह ले गया था बाबरिया गिरोह
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Wed, 03 Aug 2016 10:57 PM IST
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घायलों के कपड़ों में लगा खून दिखाता ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
बाबरिया गिरोह के तीन सदस्य भीख मांगने के नाम पर रामऔतार यादव के घर में सदस्यों की संख्या की टोह ले गए थे। गांव वालों का कहना है कि मंगलवार को तीन लोग लाल और पीले कपड़े पहनकर भीख मांगते रहे। घटना का शिकार हुए अब्बास ने भी इस बात को स्वीकार किया है।
अब्बास का कहना है कि उसके घर में जो दो लोग पहले घुसे थे। वह ठीक उसी तरह के लगते थे, जिस तरह के लोग सुबह यहां गांव में भीख मांग रहे थे। उसका कहना है कि दोनों लुटेरे पिंक कलर की सैंडो बनियान और काले रंग का हाफ पैंट पहने थे। इसी तरह के तीन लोग दिन में भीख मांगते रहे।
लुटेरों ने नसरतपुर में जिन दो घरों में धावा बोला वह दोनों घर गांव के किनारे हैं। गांव के बाहर और छोटी-छोटी दीवारों वाले मकानों में उन्होंने धावा बोलकर लूटपाट की। सबसे बड़ी बात यह है कि इस गिरोह के सदस्यों के पास कोई तमंचा या बंदूक तथा राइफल नजर नहीं आई। उनके हाथ में केवल डंडे और टकोरा दिखाई दिए। इससे जाहिर है कि इस घटना को अंजाम घुमंतू जाति के लोग यानी बाबरिया गिरोह ने दिया है।
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पुलिस कप्तान खुद इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। उनका भी मानना है कि बाबरिया गिरोह ने इस घटना को अंजाम दिया है। फिलहाल इस घटना के बाद गांव में दहशत का आलम बना हुआ है। पुलिस कप्तान घटना का खुलासा करने के लिए खुद दो बार जा चुके हैं। जगह-जगह पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
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अब्बास का कहना है कि उसके घर में जो दो लोग पहले घुसे थे। वह ठीक उसी तरह के लगते थे, जिस तरह के लोग सुबह यहां गांव में भीख मांग रहे थे। उसका कहना है कि दोनों लुटेरे पिंक कलर की सैंडो बनियान और काले रंग का हाफ पैंट पहने थे। इसी तरह के तीन लोग दिन में भीख मांगते रहे।
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लुटेरों ने नसरतपुर में जिन दो घरों में धावा बोला वह दोनों घर गांव के किनारे हैं। गांव के बाहर और छोटी-छोटी दीवारों वाले मकानों में उन्होंने धावा बोलकर लूटपाट की। सबसे बड़ी बात यह है कि इस गिरोह के सदस्यों के पास कोई तमंचा या बंदूक तथा राइफल नजर नहीं आई। उनके हाथ में केवल डंडे और टकोरा दिखाई दिए। इससे जाहिर है कि इस घटना को अंजाम घुमंतू जाति के लोग यानी बाबरिया गिरोह ने दिया है।
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पुलिस कप्तान खुद इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। उनका भी मानना है कि बाबरिया गिरोह ने इस घटना को अंजाम दिया है। फिलहाल इस घटना के बाद गांव में दहशत का आलम बना हुआ है। पुलिस कप्तान घटना का खुलासा करने के लिए खुद दो बार जा चुके हैं। जगह-जगह पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।