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Farrukhabad News: आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में ताले, टेलीमेडिसिन सेवाएं मिलीं ठप
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फर्रुखाबाद। जनपद में आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। शनिवार को कई केंद्रों में ताले लगे मिले। जो खुले भी थे, उनमें मौजूद सीएचओ टेलीमेडिसिन सेवाएं नहीं दे रहे थे। लाल-पीली दवाएं बांटकर ही औपचारिकता की जा रही है। ।
जिले में 161 आयुष्मान आरोग्य केंद्र पर सीएचओ की तैनाती है। इनमें चार सीएचओ अवकाश पर हैं। प्रत्येक सीएचओ को पांच मरीज ऑनलाइन डॉक्टर को दिखाकर सलाह लेने के साथ डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा देने के आदेश हैं। इस टेलीमेडिसिन (टेली कंसल्टेंसी) सेवा के लिए लोहिया अस्पताल में हब बनाने के साथ 34 डॉक्टरों को जोड़ा गया है। इससे जिला अस्पताल व सीएचसी की ओपीडी में मरीजों की भीड़ कम हो और मरीजों को नजदीकी सेंटर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है। हालात यह हैं कि जिम्मेदारों की मिलीभगत के खेल में सीएचओ मनमानी ड्यूटी कर अपने मुताबिक ही स्वास्थ्य सेवाएं भी दे रहे हैं। इससे आयुष्मान आरोग्य केंद्र पर कहीं ताले लटकते मिल रहे हैं तो कहीं बिना लैपटॉप सीएचओ टेलीमेडिसिन सेवाएं ठप किए दिखे।
केस 1. ब्लाक राजेपुर क्षेत्र के आरोग्य मंदिर अलीगढ़ में दोपहर 12:30 बजे तक 12 मरीज पहुंचे। सीएचओ निशा खान बिना लैपटॉप सेवाएं दे रही थीं। दौलतपुर चकई में दोपहर एक बजे आरोग्य मंदिर बंद था। वहां दवा लेने आए रामबाबू, हरिहर, यासमीन, सीमा बानो ने बताया आरोग्य अधिकांश दिनों में आरोग्य केंद्र बंद मिलता है।
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केस 2. कमालगंज क्षेत्र के गांव शेखपुर रुस्तमपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य केंद्र में दोपहर 1.30 बजे ताला लटक रहा था। सीएचसो जिशा ने बताया कि वह मरीजों को देखने के बाद दवाएं लेने मोहम्मदाबाद गईं थी। गदनपुर देवराजपुर आरोग्य केंद्र खुला था, लेकिन सीएचओ गायब थे। आरोग्य केंद्र फतेहउल्लापुर, राजेपुर सरायमेदा में ताला लगा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के कई केंद्रों पर सीएचओ दोपहर दो बजे ताला लगाकर चले जाते हैं।
केस 3: शमशाबाद क्षेत्र के आरोग्य मंदिर बरई दोपहर एक बजे बंद था। आरोग्य मंदिर बसोला में भी ताले लटक रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि आरोग्य मंदिर बरई यदा-कदा ही खुलता है। जबकि बसोला के ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर ताला पड़ा रहता है।
केस 4 : अमृतपुर तहसील क्षेत्र के आरोग्य मंदिर अमैयापुर पश्चिमी में दोपहर सवा दो बजे ताला लगा था। आरोग्य मंदिर अमृतपुर में कई दिनों से ताला खोला ही नहीं गया। इससे आने वाले मरीज मायूस होकर लौट रहे हैं। आरोग्य मंदिर कंचनपुर सबलपुर में भी ताला लटक रहा था।
केस 5 : जहानगंज क्षेत्र के आरोग्य मंदिर महरूपुर बीजल में सीएचओ श्रेया चतुर्वेदी मरीज देख रही थीं। वहां मरीजों को टेलीमेडिसिन सेवा देना तो दूर की बात, लैपटॉप ही नहीं दिख रहा था।
केस 6 : नवाबगंज क्षेत्र के गांव मई रसीदपुर स्थित आरोग्य मंदिर में दोपहर 1:28 बजे ताला लगा था। यही हाला आरोग्य मंदिर कक्योली का था। ग्रामीणों को कहना है कि कई बार तो ताला ही नहीं खुलता। जब खुलता भी है तो दोपहर में ही बंद कर दिया जाता। शाम चार बजे तक केंद्र कभी नहीं खोला जाता है।
लापरवाह सीएचओ को चिह्नित कर चेतावनी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक आरोग्य केंद्र खोलने के आदेश हैं। जो सेंटर बंद मिले हैं या जिनमें टेली मेडिसिन सेवाएं नहीं दी जा रही है, उन सीएचओ से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई होगी। संबंधित सीएचसी प्रभारियों से भी जवाब मांगा जाएगा।
डॉ.अवनींद्र कुमार, सीएमओ फर्रुखाबाद।
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जिले में 161 आयुष्मान आरोग्य केंद्र पर सीएचओ की तैनाती है। इनमें चार सीएचओ अवकाश पर हैं। प्रत्येक सीएचओ को पांच मरीज ऑनलाइन डॉक्टर को दिखाकर सलाह लेने के साथ डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा देने के आदेश हैं। इस टेलीमेडिसिन (टेली कंसल्टेंसी) सेवा के लिए लोहिया अस्पताल में हब बनाने के साथ 34 डॉक्टरों को जोड़ा गया है। इससे जिला अस्पताल व सीएचसी की ओपीडी में मरीजों की भीड़ कम हो और मरीजों को नजदीकी सेंटर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है। हालात यह हैं कि जिम्मेदारों की मिलीभगत के खेल में सीएचओ मनमानी ड्यूटी कर अपने मुताबिक ही स्वास्थ्य सेवाएं भी दे रहे हैं। इससे आयुष्मान आरोग्य केंद्र पर कहीं ताले लटकते मिल रहे हैं तो कहीं बिना लैपटॉप सीएचओ टेलीमेडिसिन सेवाएं ठप किए दिखे।
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केस 1. ब्लाक राजेपुर क्षेत्र के आरोग्य मंदिर अलीगढ़ में दोपहर 12:30 बजे तक 12 मरीज पहुंचे। सीएचओ निशा खान बिना लैपटॉप सेवाएं दे रही थीं। दौलतपुर चकई में दोपहर एक बजे आरोग्य मंदिर बंद था। वहां दवा लेने आए रामबाबू, हरिहर, यासमीन, सीमा बानो ने बताया आरोग्य अधिकांश दिनों में आरोग्य केंद्र बंद मिलता है।
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केस 2. कमालगंज क्षेत्र के गांव शेखपुर रुस्तमपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य केंद्र में दोपहर 1.30 बजे ताला लटक रहा था। सीएचसो जिशा ने बताया कि वह मरीजों को देखने के बाद दवाएं लेने मोहम्मदाबाद गईं थी। गदनपुर देवराजपुर आरोग्य केंद्र खुला था, लेकिन सीएचओ गायब थे। आरोग्य केंद्र फतेहउल्लापुर, राजेपुर सरायमेदा में ताला लगा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के कई केंद्रों पर सीएचओ दोपहर दो बजे ताला लगाकर चले जाते हैं।
केस 3: शमशाबाद क्षेत्र के आरोग्य मंदिर बरई दोपहर एक बजे बंद था। आरोग्य मंदिर बसोला में भी ताले लटक रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि आरोग्य मंदिर बरई यदा-कदा ही खुलता है। जबकि बसोला के ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर ताला पड़ा रहता है।
केस 4 : अमृतपुर तहसील क्षेत्र के आरोग्य मंदिर अमैयापुर पश्चिमी में दोपहर सवा दो बजे ताला लगा था। आरोग्य मंदिर अमृतपुर में कई दिनों से ताला खोला ही नहीं गया। इससे आने वाले मरीज मायूस होकर लौट रहे हैं। आरोग्य मंदिर कंचनपुर सबलपुर में भी ताला लटक रहा था।
केस 5 : जहानगंज क्षेत्र के आरोग्य मंदिर महरूपुर बीजल में सीएचओ श्रेया चतुर्वेदी मरीज देख रही थीं। वहां मरीजों को टेलीमेडिसिन सेवा देना तो दूर की बात, लैपटॉप ही नहीं दिख रहा था।
केस 6 : नवाबगंज क्षेत्र के गांव मई रसीदपुर स्थित आरोग्य मंदिर में दोपहर 1:28 बजे ताला लगा था। यही हाला आरोग्य मंदिर कक्योली का था। ग्रामीणों को कहना है कि कई बार तो ताला ही नहीं खुलता। जब खुलता भी है तो दोपहर में ही बंद कर दिया जाता। शाम चार बजे तक केंद्र कभी नहीं खोला जाता है।
लापरवाह सीएचओ को चिह्नित कर चेतावनी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक आरोग्य केंद्र खोलने के आदेश हैं। जो सेंटर बंद मिले हैं या जिनमें टेली मेडिसिन सेवाएं नहीं दी जा रही है, उन सीएचओ से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई होगी। संबंधित सीएचसी प्रभारियों से भी जवाब मांगा जाएगा।
डॉ.अवनींद्र कुमार, सीएमओ फर्रुखाबाद।