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बुलडोजर ने ढहाए अवैध कब्जे, रौंदी अकड़
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शहर के कादरी गेट स्थित होटल की दीवार तोड़ती जेसीबी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान मंगलवार को बुलडोजर ने अवैध कब्जे तो गिराए ही कुछ की अकड़ भी रौंद दी। एक होटल मालिक ने तो अवर अभियंता को कोर्ट ले जाने तक की धमकी भी दे दी। कुछ और ने भी तेवर दिखाए तो बुलडोजर ने उनका भी अतिक्रमण ढहा दिया। अफसरों के सख्त रुख को देख कई बैकफुट पर आ गए और हाथ जोड़कर मोहलत ले ली।
सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव की अगुवाई में मंगलवार सुबह आठ बजे लालगेट से पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाना शुरू किया गया। एक जनसेवा केंद्र का चबूतरा ढहाया गया। सड़क के दोनों ओर 15-15 मीटर दूरी पर चूना डालकर चबूतरे हटाए गए। कुछ दुकानदारों को बुधवार तक खुद निर्माण गिरा लेने की मोहलत दी गई। मधुवन होटल द्वितीय की चहारदीवारी गिरने के बाद उसके मालिक सुरेंद्र सिंह यादव पहुंचे।
उन्होंने अवर अभियंता आरके चतुर्वेदी को खरीखोटी सुनाई। कहा कि वह भी अधिकारी रहे हैं। आधा घंटे पहले नाप करके चूना डाला और बुलडोजर चला दिया। हटाने का समय देना चाहिए। यह ठीक नहीं है। उन्होंने कोर्ट ले जाने की धमकी दी।
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इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने गिहार बस्ती की एक प्लाईवुड की दुकान पर नाप की, तो दुकानदार अकड़ने लगा। इससे गुस्साई सिटी मजिस्ट्रेट ने तुरंत दुकान खाली करने की चेतावनी दी। बाद में दुकानदार ने मोहलत मांग ली। एक बाइक एजेंसी के गेट और बाउंड्रीवाल को गिरा दिया गया।
कोल्ड स्टोर के सामने नाप की गई, तो बाउंड्रीवाल के तीन मीटर अंदर तक फीता चला गया। इस पर आधी दूरी तक की दीवार गिरा दी गई। सुबह साढ़े 10 बजे अभियान बंद कर दिया गया। इस मौके पर ईओ रविंद्र कुमार, कोतवाली पुलिस मौजूद रही।
स्टे के कारण गिरने से बच गईं दुकानें
लालगेट गिहार बस्ती निवासी इंद्रभान सिंह की दो दुकानों पर विवाद चल रहा है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत से स्थगनादेश (स्टे) हासिल कर लिया है। सुबह ही इंद्रभान ने सिटी मजिस्ट्रेट को पत्रावली सौंप दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर ही रहने की बात कही। इसी दौरान इंद्रभान के विरोधी पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट से संपर्क साधा।
अभियान जब समाप्त होने वाला था, तो सिटी मजिस्ट्रेट ने बुलडोजर मंगवाकर दुकानें गिराने के आदेश दे दिए। इस पर इंद्रभान सिंह और उनके परिजनों ने मजिस्ट्रेट से आग्रह किया। इस पर दुकानों को गिराने से रोक दिया गया।
हालांकि पास में पड़ा मलबा तुरंत हटाने के लिए कहा गया। उधर, गिहार बस्ती की ओर यदि निष्पक्ष कार्रवाई की गई, तो 12 से अधिक ऐसे मकानों में कुछ पूरे और कुछ आधे ध्वस्त हो जाएंगे। यहां दो-दो मंजिला मकान भी बने हैं। चूना पड़ने के बाद लोगों में दहशत है।
नाला भी हो रहा बंद, जलनिकासी बाधित
नाले के दूसरी तरफ सड़क की ओर 10-10 फीट तक चबूतरे बने हैं। चबूतरा हटाते वक्त मलवा बड़े नाले में भर गया। लिहाजा जलनिकासी बाधित हो गई। इससे साफ है कि यदि जल्द ही सफाई और निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो जलभराव की समस्या पैदा हो जाएगी।
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सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव की अगुवाई में मंगलवार सुबह आठ बजे लालगेट से पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाना शुरू किया गया। एक जनसेवा केंद्र का चबूतरा ढहाया गया। सड़क के दोनों ओर 15-15 मीटर दूरी पर चूना डालकर चबूतरे हटाए गए। कुछ दुकानदारों को बुधवार तक खुद निर्माण गिरा लेने की मोहलत दी गई। मधुवन होटल द्वितीय की चहारदीवारी गिरने के बाद उसके मालिक सुरेंद्र सिंह यादव पहुंचे।
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उन्होंने अवर अभियंता आरके चतुर्वेदी को खरीखोटी सुनाई। कहा कि वह भी अधिकारी रहे हैं। आधा घंटे पहले नाप करके चूना डाला और बुलडोजर चला दिया। हटाने का समय देना चाहिए। यह ठीक नहीं है। उन्होंने कोर्ट ले जाने की धमकी दी।
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इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने गिहार बस्ती की एक प्लाईवुड की दुकान पर नाप की, तो दुकानदार अकड़ने लगा। इससे गुस्साई सिटी मजिस्ट्रेट ने तुरंत दुकान खाली करने की चेतावनी दी। बाद में दुकानदार ने मोहलत मांग ली। एक बाइक एजेंसी के गेट और बाउंड्रीवाल को गिरा दिया गया।
कोल्ड स्टोर के सामने नाप की गई, तो बाउंड्रीवाल के तीन मीटर अंदर तक फीता चला गया। इस पर आधी दूरी तक की दीवार गिरा दी गई। सुबह साढ़े 10 बजे अभियान बंद कर दिया गया। इस मौके पर ईओ रविंद्र कुमार, कोतवाली पुलिस मौजूद रही।
स्टे के कारण गिरने से बच गईं दुकानें
लालगेट गिहार बस्ती निवासी इंद्रभान सिंह की दो दुकानों पर विवाद चल रहा है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत से स्थगनादेश (स्टे) हासिल कर लिया है। सुबह ही इंद्रभान ने सिटी मजिस्ट्रेट को पत्रावली सौंप दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर ही रहने की बात कही। इसी दौरान इंद्रभान के विरोधी पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट से संपर्क साधा।
अभियान जब समाप्त होने वाला था, तो सिटी मजिस्ट्रेट ने बुलडोजर मंगवाकर दुकानें गिराने के आदेश दे दिए। इस पर इंद्रभान सिंह और उनके परिजनों ने मजिस्ट्रेट से आग्रह किया। इस पर दुकानों को गिराने से रोक दिया गया।
हालांकि पास में पड़ा मलबा तुरंत हटाने के लिए कहा गया। उधर, गिहार बस्ती की ओर यदि निष्पक्ष कार्रवाई की गई, तो 12 से अधिक ऐसे मकानों में कुछ पूरे और कुछ आधे ध्वस्त हो जाएंगे। यहां दो-दो मंजिला मकान भी बने हैं। चूना पड़ने के बाद लोगों में दहशत है।
नाला भी हो रहा बंद, जलनिकासी बाधित
नाले के दूसरी तरफ सड़क की ओर 10-10 फीट तक चबूतरे बने हैं। चबूतरा हटाते वक्त मलवा बड़े नाले में भर गया। लिहाजा जलनिकासी बाधित हो गई। इससे साफ है कि यदि जल्द ही सफाई और निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो जलभराव की समस्या पैदा हो जाएगी।