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50 मकानों और दुकानों पर चला बुलडोजर
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रखा में कोल्ड स्टोरेज के पास मकान तोड़ती जेसीबी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के रखा तिराहे से लेकर शीतगृह तक तीन बुलडोजर लगाकर अतिक्रमण ध्वस्त कराया गया। सरकारी भूमि पर बने करीब 50 से अधिक मकानों व दुकानों का अवैध हिस्सा सोमवार को ध्वस्त करा दिया गया। शीतगृह की बाउंड्रीवाल गिरा दी गई, जबकि बंजर भूमि पर शीतगृह के निर्माण की आशंका होने से पैमाइश कराई जाएगी। इससे शीतगृह पर भी खतरा मंडराने लगा है।
शहर में इन दिनों अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी है। तीन दिन अभियान बंद रहने से लोग राहत महसूस करने लगे थे। 12 मई को फतेहगढ़ के रखा तिराहे से लेकर सेंट्रल जेल रोड पर काश्तकार कोल्ड स्टोरेज तक अतिक्रमण के दायरे में आने वाले मकान व दुकानें चिह्नित कर खुद ही अवैध निर्माण गिराने का मौका दिया गया, लेकिन लोग बेपरवाह हो गए।
सोमवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव पुलिस फोर्स, लेखपाल, नगरपालिका कर्मी व दो जेसीबी के साथ रखा तिराहे पर पहुंचीं। सबसे पहले रिटायर्ड अमीन के मकान पर दो बुलडोजर चलाकर सरकारी भूमि पर बनीं दुकानें व मकान का कुछ हिस्सा ध्वस्त करा दिया गया।
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इसके बाद लोग खुद ही अवैध निर्माण हटाने लगे। फिलहाल बुलडोजर अपनी रफ्तार से लगातार चलते रहे और जिसका अवैध निर्माण मिला, उसे ध्वस्त करा दिया गया। काश्तकार शीतगृह की सड़क पर बनी बाउंड्रीवाल गिराने के लिए नगरपालिका से तीसरी जेसीबी मंगाई गई।
इस दौरान शीतगृह मालिक डीएस यादव व उनके पुत्र यशपाल सिंह यादव ने सिटी मजिस्ट्रेट को बैनामा के कागज मंगाकर दिखाने का प्रयास किया। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि लेखपाल नक्शा देखकर ही चिह्नांकन कर रहे हैं। फर्जी आदेश दिखाने की कोई जरूरत नहीं है।
आखिरकार बाउंड्रीवाल ध्वस्त कर दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि सड़क की भूमि बाउंड्रीवाल से तीन मीटर अंदर तक है। अभी बंजर भूमि की 18 मीटर और नाप करनी है। इससे अपने शीतगृह के भविष्य का अनुमान लगा लो।
भाजपा में भी है पकड़
यशपाल सिंह यादव पूर्व ब्लाक प्रमुख रीता यादव के पति हैं। रीता यादव ने भाजपा से पिछले वर्ष जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। इससे भाजपा में भी उनकी पकड़ बताई जा रही है, जबकि पूर्व में उनकी पत्नी सपा के खेमे में शामिल थीं।
एसडीएम कराएंगे शीतगृह की पैमाइश
काश्तकार शीतगृह में चार बीघा बंजर भूमि बताई जा रही है। अब भवन का निर्माण बंजर भूमि पर है या भूमिधरी पर। इसके लिए पैमाइश कराई जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने बताया कि बंजर भूमि की पैमाइश के लिए वह एसडीएम को पत्र लिख रही हैं। पैमाइश के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
दुकानों का चबूतरा हटा, छज्जा खुद गिराने का आदेश
शीतगृह में ही डीएस यादव की करीब 40 दुकानें हैं। यह दुकानें भी सरकारी भूमि पर होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से दुकानों का अवैध निर्माण होने के संबंध में नोटिस भी जारी की गई थी। फिलहाल दुकानों के आगे लगीं ईंटें व चबूतरा हटवा दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने छज्जा खुद ही गिराने के निर्देश दिए हैं। पैमाइश होनी अभी बाकी है।
चूना पड़ते ही टूट जाती उम्मीद
अतिक्रमण हटाने के दौरान लेखपाल मीटर से नापकर अवैध निर्माण तक चिह्नांकन कर चूना डलवा देते हैं। चूना पड़ते ही भवन स्वामियों की उम्मीदें टूट जाती हैं और वह विरोध करने की बजाय खुद ही अवैध निर्माण तोड़ने की मोहलत मांगते दिखते हैं।
कब्जेदारों की बनेगी सूची
रखा तिराहे के निकट ग्राम समाज की करीब 60 बीघा बंजर भूमि पर लोग मकान बनाकर रह रहे हैं। इनमें कुछ गरीब परिवार हैं, जबकि काफी संख्या में धनाढ्य रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से बंजर भूमि पर मकान बनाकर रह रहे कब्जेदारों की सूची बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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शहर में इन दिनों अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी है। तीन दिन अभियान बंद रहने से लोग राहत महसूस करने लगे थे। 12 मई को फतेहगढ़ के रखा तिराहे से लेकर सेंट्रल जेल रोड पर काश्तकार कोल्ड स्टोरेज तक अतिक्रमण के दायरे में आने वाले मकान व दुकानें चिह्नित कर खुद ही अवैध निर्माण गिराने का मौका दिया गया, लेकिन लोग बेपरवाह हो गए।
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सोमवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव पुलिस फोर्स, लेखपाल, नगरपालिका कर्मी व दो जेसीबी के साथ रखा तिराहे पर पहुंचीं। सबसे पहले रिटायर्ड अमीन के मकान पर दो बुलडोजर चलाकर सरकारी भूमि पर बनीं दुकानें व मकान का कुछ हिस्सा ध्वस्त करा दिया गया।
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इसके बाद लोग खुद ही अवैध निर्माण हटाने लगे। फिलहाल बुलडोजर अपनी रफ्तार से लगातार चलते रहे और जिसका अवैध निर्माण मिला, उसे ध्वस्त करा दिया गया। काश्तकार शीतगृह की सड़क पर बनी बाउंड्रीवाल गिराने के लिए नगरपालिका से तीसरी जेसीबी मंगाई गई।
इस दौरान शीतगृह मालिक डीएस यादव व उनके पुत्र यशपाल सिंह यादव ने सिटी मजिस्ट्रेट को बैनामा के कागज मंगाकर दिखाने का प्रयास किया। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि लेखपाल नक्शा देखकर ही चिह्नांकन कर रहे हैं। फर्जी आदेश दिखाने की कोई जरूरत नहीं है।
आखिरकार बाउंड्रीवाल ध्वस्त कर दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि सड़क की भूमि बाउंड्रीवाल से तीन मीटर अंदर तक है। अभी बंजर भूमि की 18 मीटर और नाप करनी है। इससे अपने शीतगृह के भविष्य का अनुमान लगा लो।
भाजपा में भी है पकड़
यशपाल सिंह यादव पूर्व ब्लाक प्रमुख रीता यादव के पति हैं। रीता यादव ने भाजपा से पिछले वर्ष जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। इससे भाजपा में भी उनकी पकड़ बताई जा रही है, जबकि पूर्व में उनकी पत्नी सपा के खेमे में शामिल थीं।
एसडीएम कराएंगे शीतगृह की पैमाइश
काश्तकार शीतगृह में चार बीघा बंजर भूमि बताई जा रही है। अब भवन का निर्माण बंजर भूमि पर है या भूमिधरी पर। इसके लिए पैमाइश कराई जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने बताया कि बंजर भूमि की पैमाइश के लिए वह एसडीएम को पत्र लिख रही हैं। पैमाइश के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
दुकानों का चबूतरा हटा, छज्जा खुद गिराने का आदेश
शीतगृह में ही डीएस यादव की करीब 40 दुकानें हैं। यह दुकानें भी सरकारी भूमि पर होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से दुकानों का अवैध निर्माण होने के संबंध में नोटिस भी जारी की गई थी। फिलहाल दुकानों के आगे लगीं ईंटें व चबूतरा हटवा दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने छज्जा खुद ही गिराने के निर्देश दिए हैं। पैमाइश होनी अभी बाकी है।
चूना पड़ते ही टूट जाती उम्मीद
अतिक्रमण हटाने के दौरान लेखपाल मीटर से नापकर अवैध निर्माण तक चिह्नांकन कर चूना डलवा देते हैं। चूना पड़ते ही भवन स्वामियों की उम्मीदें टूट जाती हैं और वह विरोध करने की बजाय खुद ही अवैध निर्माण तोड़ने की मोहलत मांगते दिखते हैं।
कब्जेदारों की बनेगी सूची
रखा तिराहे के निकट ग्राम समाज की करीब 60 बीघा बंजर भूमि पर लोग मकान बनाकर रह रहे हैं। इनमें कुछ गरीब परिवार हैं, जबकि काफी संख्या में धनाढ्य रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से बंजर भूमि पर मकान बनाकर रह रहे कब्जेदारों की सूची बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।