{"_id":"6a889cb31915920ff5041a94","slug":"assets-worth-crores-belonging-to-anupam-dubey-and-two-lawyers-were-attached-following-action-taken-under-the-gangsters-act-farrukhabad-news-c-222-1-frk1012-147290-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद अनुपम दुबे व दो अधिवक्ताओं की करोड़ों की संपत्ति की गई थी कुर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद अनुपम दुबे व दो अधिवक्ताओं की करोड़ों की संपत्ति की गई थी कुर्क
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ कोतवाली में दर्ज गैंगस्टर के मामले में माफिया डॉ. अनुपम दुबे व अधिवक्ता शिवप्रताप सिंह चीनू को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को इन दोनों लोगों के साथ बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव स्व. संजीव पारिया की करोड़ों की कुर्क की गई संपत्ति को रिलीज करना होगा। हालांकि, संजीव पारिया के स्कूल पहले ही रिलीज हो चुके हैं।
कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक हरिश्याम ने 13 फरवरी 2024 को गैंगस्टर एक्ट के तहत मोहल्ला कसरट्टा निवासी डाॅ. अनुपम दुबे, सोता बहादुरपुर निवासी शिवप्रताप सिंह चीनू व कैंट बंगला नंबर दस निवासी संजीव पारिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद संजीव व शिव प्रताप सिंह जेल भेजे गए थे। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए इस मामले में सभी आरोपियों की संपत्ति की कुर्की की थी।
अधिवक्ता शिवप्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने उनका अमेठी कोहना का प्लॉट, पांच बसें, चार ट्रैक्टर व चार बाइकों सहित दस करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। इसी तरह संजीव पारिया के फतेहगढ़ के लोको रोड, कमालगंज व कन्नौज के स्कूलों के अलावा सिविल लाइंस का प्लॉट, इमामबाड़े के पास प्लॉट व दुकानें, गल्ला मंडी की दुकानों सहित करीब 86 करोड़ की सपत्ति कुर्क कर प्रशासक नियुक्त किए जाने के बोर्ड लगवा दिए थे।
विज्ञापन
पुलिस ने डॉ. अनुपम दुबे की भी नौ करोड़ 83 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली थी। अब सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद पूरी संपत्ति रिलीज करनी पड़ेगी। इससे डॉ. अनुपम दुबे व शिवप्रताप चीनू के साथ संजीव पारिया के परिजन को बड़ी राहत मिलेगी।
-- -- -- -- -- -- --
मथुरा जेल में इंस्पेक्टर हत्याकांड में सजा काट रहे डॉ. अनुपम दुबे
डॉ. अनुपम दुबे को इंस्पेक्टर रामनिवास व कन्नौज के समधन निवासी ठेकेदार शमीम हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। उन्हें मथुरा की जेल में रखा गया था। कुछ दिन पूर्व ही वर्ष 2005 में उन्हें मैनपुरी के नवीगंज में हुए दोहरे हत्याकांड में 13 दिन की रिमांड पर वहां की पुलिस लाई थी। आरोप है कि उन्होंने अपने चाचा व चाची की हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक हरिश्याम ने 13 फरवरी 2024 को गैंगस्टर एक्ट के तहत मोहल्ला कसरट्टा निवासी डाॅ. अनुपम दुबे, सोता बहादुरपुर निवासी शिवप्रताप सिंह चीनू व कैंट बंगला नंबर दस निवासी संजीव पारिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद संजीव व शिव प्रताप सिंह जेल भेजे गए थे। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए इस मामले में सभी आरोपियों की संपत्ति की कुर्की की थी।
विज्ञापन
अधिवक्ता शिवप्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने उनका अमेठी कोहना का प्लॉट, पांच बसें, चार ट्रैक्टर व चार बाइकों सहित दस करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। इसी तरह संजीव पारिया के फतेहगढ़ के लोको रोड, कमालगंज व कन्नौज के स्कूलों के अलावा सिविल लाइंस का प्लॉट, इमामबाड़े के पास प्लॉट व दुकानें, गल्ला मंडी की दुकानों सहित करीब 86 करोड़ की सपत्ति कुर्क कर प्रशासक नियुक्त किए जाने के बोर्ड लगवा दिए थे।
विज्ञापन
पुलिस ने डॉ. अनुपम दुबे की भी नौ करोड़ 83 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली थी। अब सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद पूरी संपत्ति रिलीज करनी पड़ेगी। इससे डॉ. अनुपम दुबे व शिवप्रताप चीनू के साथ संजीव पारिया के परिजन को बड़ी राहत मिलेगी।
मथुरा जेल में इंस्पेक्टर हत्याकांड में सजा काट रहे डॉ. अनुपम दुबे
डॉ. अनुपम दुबे को इंस्पेक्टर रामनिवास व कन्नौज के समधन निवासी ठेकेदार शमीम हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। उन्हें मथुरा की जेल में रखा गया था। कुछ दिन पूर्व ही वर्ष 2005 में उन्हें मैनपुरी के नवीगंज में हुए दोहरे हत्याकांड में 13 दिन की रिमांड पर वहां की पुलिस लाई थी। आरोप है कि उन्होंने अपने चाचा व चाची की हत्या कर दी थी।