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Farrukhabad News: माफिया अनुपम दुबे को दोहरी आजीवन सजा के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट वार शुरू, चचेरे भाई ने पोस्ट कर बयां किया दर्द
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। माफिया अनुपम दुबे को कोर्ट ने शमीम ठेकेदार हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के बाद माफिया की पत्नी मीनाक्षी दुबे ने उनके साथ अन्याय होने की अपील करते हुए लोगों से सहयोग की अपील की। एक दिन बाद ही माफिया के चचेरे भाई सीटू दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनके साथ हुए अन्याय की बात कही।
कहा कि उनके मां-बाप को वर्ष 2005 में 20 गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया था। उस समय वह महज 15 वर्ष का था। 16 वर्षीय बहन ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपराधियों ने पुलिस से सांठगांठ कर एक वर्ष में ही फाइनल रिपोर्ट लगवा दी थी। कहा कि उसको और उसके भाई-बहनों को जान से मारकर वंश समाप्त करने की अपराधियों की साजिश थी। इस कारण वह माता-पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका था। अब न्याय की अपील कर रहे लोग तब क्या सो रहे थे।
भगवान किए की सजा अवश्य देता है। बता दें कि ठेकेदार शमीम हत्याकांड में माफिया को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद विभिन्न आइडी से पोस्ट डालीं जा रहीं हैं।
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फर्रुखाबाद। माफिया अनुपम दुबे को कोर्ट ने शमीम ठेकेदार हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के बाद माफिया की पत्नी मीनाक्षी दुबे ने उनके साथ अन्याय होने की अपील करते हुए लोगों से सहयोग की अपील की। एक दिन बाद ही माफिया के चचेरे भाई सीटू दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनके साथ हुए अन्याय की बात कही।
कहा कि उनके मां-बाप को वर्ष 2005 में 20 गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया था। उस समय वह महज 15 वर्ष का था। 16 वर्षीय बहन ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपराधियों ने पुलिस से सांठगांठ कर एक वर्ष में ही फाइनल रिपोर्ट लगवा दी थी। कहा कि उसको और उसके भाई-बहनों को जान से मारकर वंश समाप्त करने की अपराधियों की साजिश थी। इस कारण वह माता-पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका था। अब न्याय की अपील कर रहे लोग तब क्या सो रहे थे।
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भगवान किए की सजा अवश्य देता है। बता दें कि ठेकेदार शमीम हत्याकांड में माफिया को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद विभिन्न आइडी से पोस्ट डालीं जा रहीं हैं।
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