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Farrukhabad News: फैक्टरी में लगी आग से झुलसे युवक ने अस्पताल में तोड़ा दम
Mon, 27 Oct 2025 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 27 Oct 2025 12:26 AM IST
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फोटो-02, गोपी का फाइल फोटो।
कमालगंज। मध्यप्रदेश में काम करने के दौरान फैक्टरी में आग लग गई। घटना में झुलसे एक ही गांव के तीन दोस्तों में एक युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया तो परिजन बिलख पड़े।
पांच दिन पूर्व एक दोस्त की मौत हो चुकी है। जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव उस्मानगंज निवासी अहिवरन कश्यप का पुत्र गोपी कश्यप (21) की मौत हो गई। वह गांव के दुर्गेश कश्यप, अनुपम समेत करीब 15 युवकों के साथ ढाई माह पूर्व मध्यप्रदेश के मुरैना के पास एक फैक्टरी में नौकरी करने गया था।
फैक्टरी में टायर को जलाकर तरल पदार्थ बनाने का काम होता है। 16 अक्तूबर को फैक्टरी में आग लगने से गोपी, दुर्गेश कश्यप व अनुपम झुलस गए थे। तीनों दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। वहां 21 अक्तूबर को दुर्गेश की मौत हो गई थी।
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शनिवार सुबह गोपी ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। घटना की जानकारी पर परिजन बेहाल हो गए। पोस्टमार्टम के बाद रविवार सुबह गोपी का शव गांव लाया गया। मां सावित्री देवी, भाई गोविंद व बहनें शव के पास बिलखतीं रहीं।
पिता अहिवरन ने बताया कि वह नेत्रहीन हैं। गोपी की शादी तय हो गई थी। शादी व घर बनवाने के लिए पुत्र नौकरी करने गया था। गोपी का एक भाई गोविंद व तीन बहनें हैं। रविवार दोपहर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कराया।
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पांच दिन पूर्व एक दोस्त की मौत हो चुकी है। जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव उस्मानगंज निवासी अहिवरन कश्यप का पुत्र गोपी कश्यप (21) की मौत हो गई। वह गांव के दुर्गेश कश्यप, अनुपम समेत करीब 15 युवकों के साथ ढाई माह पूर्व मध्यप्रदेश के मुरैना के पास एक फैक्टरी में नौकरी करने गया था।
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फैक्टरी में टायर को जलाकर तरल पदार्थ बनाने का काम होता है। 16 अक्तूबर को फैक्टरी में आग लगने से गोपी, दुर्गेश कश्यप व अनुपम झुलस गए थे। तीनों दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। वहां 21 अक्तूबर को दुर्गेश की मौत हो गई थी।
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शनिवार सुबह गोपी ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। घटना की जानकारी पर परिजन बेहाल हो गए। पोस्टमार्टम के बाद रविवार सुबह गोपी का शव गांव लाया गया। मां सावित्री देवी, भाई गोविंद व बहनें शव के पास बिलखतीं रहीं।
पिता अहिवरन ने बताया कि वह नेत्रहीन हैं। गोपी की शादी तय हो गई थी। शादी व घर बनवाने के लिए पुत्र नौकरी करने गया था। गोपी का एक भाई गोविंद व तीन बहनें हैं। रविवार दोपहर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कराया।

फोटो-02, गोपी का फाइल फोटो।