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घोटाला में निवर्तमान प्रधान व सचिव से 6.90 लाख रिकवरी के आदेश
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निवर्तमान प्रधान व सचिव से 6.90 लाख की वसूली होगी
फर्रुखाबाद। शौचालय निर्माण में घोटाले के मामले में निवर्तमान ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ जिलाधिकारी ने 6.90 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश दिए हैं। धनराशि जमा न करने पर सचिव के वेतन से वसूली की जाएगी जबकि निवर्तमान प्रधान से भूूराजस्व की तरह सरकारी धन वसूला जाएगा।
शमसाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगला दमू निवासी प्रेमपाल आदि ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण में धांधली की शिकायत की थी। इस पर सीडीओ एम.अरून्मोली ने जिला समाज कल्याण अधिकारी, बीडीओ शमसाबाद व अवर अभियंता आरईडी की समिति गठित कर जांच कराई। इसमें 170 शौचालयों में से 109 बने मिले। सात शौचालय अपूूर्ण थे। 54 शौचालयों का निर्माण ही नहीं कराया गया था।
इस पर सीडीओ ने निवर्तमान ग्राम प्रधान संजीव गंगवार व तत्कालीन सचिव/ग्राम विकास अधिकारी वेदप्रकाश को एफआईआर की चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सरकारी धन का गबन व दुरुपयोग मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति कर दी।
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जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने संजीव गंगवार व वेदप्रकाश को बराबर का दोषी मानते हुए दोनों को 6 लाख 90 हजार रुपये जिला स्वच्छता समिति के खाते में तत्काल जमा कराकर रसीद प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। धनराशि जमा न करने पर सचिव के वेतन से, जबकि निवर्तमान प्रधान से भू राजस्व की तरह वसूली की जाएगी।
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फर्रुखाबाद। शौचालय निर्माण में घोटाले के मामले में निवर्तमान ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ जिलाधिकारी ने 6.90 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश दिए हैं। धनराशि जमा न करने पर सचिव के वेतन से वसूली की जाएगी जबकि निवर्तमान प्रधान से भूूराजस्व की तरह सरकारी धन वसूला जाएगा।
शमसाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगला दमू निवासी प्रेमपाल आदि ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण में धांधली की शिकायत की थी। इस पर सीडीओ एम.अरून्मोली ने जिला समाज कल्याण अधिकारी, बीडीओ शमसाबाद व अवर अभियंता आरईडी की समिति गठित कर जांच कराई। इसमें 170 शौचालयों में से 109 बने मिले। सात शौचालय अपूूर्ण थे। 54 शौचालयों का निर्माण ही नहीं कराया गया था।
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इस पर सीडीओ ने निवर्तमान ग्राम प्रधान संजीव गंगवार व तत्कालीन सचिव/ग्राम विकास अधिकारी वेदप्रकाश को एफआईआर की चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सरकारी धन का गबन व दुरुपयोग मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति कर दी।
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जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने संजीव गंगवार व वेदप्रकाश को बराबर का दोषी मानते हुए दोनों को 6 लाख 90 हजार रुपये जिला स्वच्छता समिति के खाते में तत्काल जमा कराकर रसीद प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। धनराशि जमा न करने पर सचिव के वेतन से, जबकि निवर्तमान प्रधान से भू राजस्व की तरह वसूली की जाएगी।