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लोहिया अस्पताल में दो माह से नहीं टीटी इंजेक्शन
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:41 PM IST
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में कई महत्वपूर्ण दवाएं न होने से मरीजों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। स्थिति यह है कि घायल होने पर सबसे पहले लगने वाला टीटी इंजेक्शन करीब दो माह से नहीं है। पैरासीटामाल व झुलसे लोगों को लगाने वाला मरहम भी लंबे समय से अस्पताल में नहीं है।
लोहिया अस्पताल में औसतन रोज पांच घायल इमरजेंसी कक्ष में पहुंचते हैं। घायल व्यक्ति को टिटनेस न हो इसके लिए सबसे टीटी इंजेक्शन डॉक्टर लगाते हैं। पर लोहिया अस्पताल में दो महीने से टीटी इंजेक्शन नहीं है। यहां पर दूर दराज से आने वाले मरीजों को बाहर से इंजेक्शन लाना पड़ता है। यदि किसी घायल के साथ परिजन आदि नहीं हैं तो उसके यह इंजेक्शन लग ही नहीं पाता है। उसकी मरहम पट्टी कर ही डॉक्टर इतिश्री कर लेते हैं।
कुछ समय पहले अस्पताल प्रशासन ने लोकल खरीद कर अस्पताल में इंजेक्शन दिए थे। कुछ ही दिनों बाद वह खत्म हो गए। अस्पताल में जिले के ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के भी मरीज यहां पर आते हैं। हालांकि दुर्घटना में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। इस इंजेक्शन के अलावा अस्पताल में झुलसे मरीजों के लिए लगाई जाने वाली सिल्वर सल्फाडायजिन क्रीम, कान के ड्राप, शुगर होने पर दी जाने वाली गोलियां, खुजली में लगाने वाला ट्यूब नहीं है। मौसम के बदलाव के बाद इस समय खुजली केे मरीजों की संख्या अधिक होने लगी है। इसके चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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दो बार जा चुकी डिमांड
लोहिया अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि टीटी इंजेक्शन के लिए दो बार डिमांड भेजी जा चुकी है। अभी तक इंजेक्शन नहीं आए हैं। इसके अलावा अन्य दवाओं की भी डिमांड भेजी जा चुकी है। लोकल खरीद में भी टीटी इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है।
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लोहिया अस्पताल में औसतन रोज पांच घायल इमरजेंसी कक्ष में पहुंचते हैं। घायल व्यक्ति को टिटनेस न हो इसके लिए सबसे टीटी इंजेक्शन डॉक्टर लगाते हैं। पर लोहिया अस्पताल में दो महीने से टीटी इंजेक्शन नहीं है। यहां पर दूर दराज से आने वाले मरीजों को बाहर से इंजेक्शन लाना पड़ता है। यदि किसी घायल के साथ परिजन आदि नहीं हैं तो उसके यह इंजेक्शन लग ही नहीं पाता है। उसकी मरहम पट्टी कर ही डॉक्टर इतिश्री कर लेते हैं।
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कुछ समय पहले अस्पताल प्रशासन ने लोकल खरीद कर अस्पताल में इंजेक्शन दिए थे। कुछ ही दिनों बाद वह खत्म हो गए। अस्पताल में जिले के ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के भी मरीज यहां पर आते हैं। हालांकि दुर्घटना में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। इस इंजेक्शन के अलावा अस्पताल में झुलसे मरीजों के लिए लगाई जाने वाली सिल्वर सल्फाडायजिन क्रीम, कान के ड्राप, शुगर होने पर दी जाने वाली गोलियां, खुजली में लगाने वाला ट्यूब नहीं है। मौसम के बदलाव के बाद इस समय खुजली केे मरीजों की संख्या अधिक होने लगी है। इसके चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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दो बार जा चुकी डिमांड
लोहिया अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि टीटी इंजेक्शन के लिए दो बार डिमांड भेजी जा चुकी है। अभी तक इंजेक्शन नहीं आए हैं। इसके अलावा अन्य दवाओं की भी डिमांड भेजी जा चुकी है। लोकल खरीद में भी टीटी इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है।