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फसल का सही दाम नहीं मिलने और कर्ज से परेशान किसान ने कर ली आत्महत्या
ब्यूरो/ अमर उजाला, मथुरा
Updated Wed, 26 Jul 2017 11:44 PM IST
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मथुरा के राया में गांव इटौली में किसान ने आत्महत्या कर ली। बुधवार की सुबह घर से कुछ दूरी पर स्थित पेड़ से उसका शव फंदे से लटका मिला। परिजनों के अनुसार आलू का उचित मूल्य न मिलने से किसान परेशान था। बैंक से लोन भी ले रखा था। इसी तनाव में उसने आत्मघाती कदम उठाया।
मृतक लक्ष्मन सिंह (62) के भाई लौहरे ने बताया कि उसने अपनी दस बीघा जमीन में आलू की खेती की थी। इस बार आलू का उचित दाम न मिलने के चलते लक्ष्मण सिंह काफी परेशान था। बैंक का भी उस पर कर्ज था।
इस सबके चलते वो काफी तनाव में था। बुधवार की सुबह घर से 50 मीटर दूर नीम के पेड़ पर फंदे से उसका शव लटका मिला। उन्होंने कहा कि कर्ज और आलू की फसल की सही कीमत नहीं मिलने पर उसने आत्महत्या की।
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उपनिरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि परिजनों किसान पर बैंक आदि का कर्जा बता रहे है। किसान पर कितना कर्ज था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। मृतक किसान लक्ष्मण सिंह के दो बेटे और एक बेटी है। मृतक के तीनों बच्चों का विवाह हो चुका है।
लागत पांच लाख, कीमत मिली 2.40 लाख
राया। आलू की वर्तमान स्थिति के मुताबिक 10 बीघा में करीब 1200 बोरा की पैदावार हुई। लागत करीब पांच लाख रुपये आई। वर्तमान बाजार में 200 रुपये बोरा की कीमत के चलते इस फसल के सिर्फ 2.40 लाख रुपये ही मिले। दो लाख साठ हजार का नुकसान हुआ।
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मृतक लक्ष्मन सिंह (62) के भाई लौहरे ने बताया कि उसने अपनी दस बीघा जमीन में आलू की खेती की थी। इस बार आलू का उचित दाम न मिलने के चलते लक्ष्मण सिंह काफी परेशान था। बैंक का भी उस पर कर्ज था।
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इस सबके चलते वो काफी तनाव में था। बुधवार की सुबह घर से 50 मीटर दूर नीम के पेड़ पर फंदे से उसका शव लटका मिला। उन्होंने कहा कि कर्ज और आलू की फसल की सही कीमत नहीं मिलने पर उसने आत्महत्या की।
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उपनिरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि परिजनों किसान पर बैंक आदि का कर्जा बता रहे है। किसान पर कितना कर्ज था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। मृतक किसान लक्ष्मण सिंह के दो बेटे और एक बेटी है। मृतक के तीनों बच्चों का विवाह हो चुका है।
लागत पांच लाख, कीमत मिली 2.40 लाख
राया। आलू की वर्तमान स्थिति के मुताबिक 10 बीघा में करीब 1200 बोरा की पैदावार हुई। लागत करीब पांच लाख रुपये आई। वर्तमान बाजार में 200 रुपये बोरा की कीमत के चलते इस फसल के सिर्फ 2.40 लाख रुपये ही मिले। दो लाख साठ हजार का नुकसान हुआ।