फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Worshiped

आखिरी सावन सोमवार पर पूजन को उमड़े

Tue, 13 Aug 2019 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2019 10:51 PM IST
विज्ञापन
Worshiped
आखिरी सावन सोमवार पर शिवमय हुई रामनगरी
विज्ञापन

शिवालयों में जलाभिषेक को रहा तांता, प्रतिबंधित रहा यातायात
फोटो-10 से 25
माई सिटी रिपोर्टर
अयोध्या। सावन मास के आखिरी सोमवार पर रामनगरी शिवमय नजर आई। शिवमंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक को भक्तों का तांता लगा रहा। देवाधिदेव महादेव के दर्शन पूजन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही भक्तों की कतार शिव मंदिरों के द्वार पर लग गई। हाथों में पूजन सामग्री लिए भक्तगण अपनी बारी की प्रतीक्षा में बेसब्र नजर आए। शिव शंकर को जिसने पूजा उसका बेड़ा पार हुआ..., हर-हर महादेव, ऊं. नम: शिवाय के जयघोष से रामनगरी गूंजती रही तो वहीं मेला क्षेत्र में यातायात प्रतिबंधित कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
सावन माह के आखिरी सोमवार पर शिवभक्ति का रंग चारों तरफ दिखा। हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए शिवभक्तों का रेला सरयू में स्नान के बाद सीधे नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचा और विधिविधान से महादेव का पूजन-अर्चन के बाद अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए निकल पड़ा। शहर के अन्य शिवालयों क्षीरेश्वरनाथ, कोटेश्वरनाथ, झारखंडेश्वर महादेव सहित अन्य शिव मंदिरों में ब्रह्ममुहूर्त से ही शिवभक्तों का तांता लगा रहा। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, पूजन-अर्चन के बाद शिवभक्तों ने हनुमानगढ़ी, कनकभवन व रामलला के दरबार में हाजिरी लगार्ई। इस अवसर पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। मेलाधिकारी/एडीएमसिटी वैभव शर्मा, एसपी सिटी विजय पाल सिंह सहित अन्य अधिकारी मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहे।
विज्ञापन

इनसेट..
बाबा गहनाग देव के मेले में उमड़े भक्त
फोटो-68
अमानीगंज। थाना खंडासा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित बाबा गहनाग देव मंदिर में आयोजित वार्षिक मेले में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। बाबा गहनाग देव के पौराणिक प्राचीन प्रसिद्ध मंदिर ग्राम राय पट्टी में स्थापित है। हर वर्ष सावन माह के नाग पंचमी के बाद पड़ने वाले पहले सोमवार पर यहां परंपरागत रूप से मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में सबसे पहले बाबा गहनाग देव की पूजा की जाती है और उसके बाद आठ अंग रक्षकों की पूजा की जाती है और 101 पीठ पर दीपक जलाए जाते हैं। उसी दिन प्रत्यक्ष रूप से बाबा गहनाग देव नाग के रूप में दर्शन देते हैं यह यहां की परंपरा अनुसार पुजारी नृत्य तांडव करते है। मान्यता है यहां के सरसों को घर मेें डाल देने से सांप और अन्य जानवर दिखाई नही पड़ते।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed