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पोस्ट कोविड मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में बनेगा वार्ड
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अयोध्या। कोरोना की दूसरी लहर में वायरस को मात देने के बाद भी तमाम दिक्कतों से जूझ रहे लोगों के उपचार के लिए राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का अलग से वार्ड बनाया जाएगा। कोविड मरीजों का उपचार कर रहे विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम इनके उपचार में भी लगाई जाएगी। सभी बेडों पर ऑक्सीजन व अन्य संसाधनों का भी इंतजाम किया जाएगा। व्यवस्था की जानकारी के लिए जिलाधिकारी ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण भरी किया।
दूसरी लहर में कोरोना वायरस और घातक हो गया है। फेफड़े सहित अन्य अंगों में इसका तीव्र असर लंबे समय तक हो रहा है। जिसकी वजह से कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी लोग तमाम तरह की दिक्कतों से पीड़ित हैं। नॉन कोविड अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ठप होने से सिर्फ इमरजेंसी में ही मरीज देखे जा रहे हैं। ऐसे में कोरोना से जंग जीत चुके इन पोस्ट कोविड मरीजों को उपचार में तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अब सरकार ने इन मरीजों पर भी विशेष ध्यान देते हुए इनके उपचार के लिए अलग से व्यवस्था बना रही है। कोविड एल-2 अस्पताल बने मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में 200 बेड कोविड मरीजों के लिए बनाए गए हैं। शेष बचे 100 बेड में करीब 50 बेड पर पीडियाट्रिक आईसीयू बनाने के साथ-साथ करीब 20 बेड पोस्ट कोविड मरीजों का उपचार करने के लिए भी आरक्षित किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के कोरोना नोडल डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि कोरोना रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी मरीजों में तमाम तरह की दिक्कतें हो रही हैं।
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उन्हें कमजोरी के साथ-साथ फेफड़े में संक्रमण के कारण सांस लेने में दिक्कत, खांसी व अन्य दिक्कतें भी रहती हैं। ऐसे मरीज लगातार संपर्क में रहते हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव होने के कारण उन्हें कोविड वार्ड में नहीं रखा जा सकता है, जबकि उन्हें ऑक्सीजन व अन्य उपचार की जरूरत होती है। ऐसे मरीजों के लिए अलग से इंतजाम किया जा रहा है।
बताया कि इसके लिए अलग से 20 बेड का एक वार्ड आरक्षित किया जाएगा। जहां शिफ्टवार चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाएगी व ऑक्सीजन सहित अन्य इंतजाम भी दुरुस्त किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज दर्शननगर के सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि पोस्ट कोविड वार्ड बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं, शीघ्र ही मरीजों को भर्ती करके उनका उपचार किया जाएगा।
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दूसरी लहर में कोरोना वायरस और घातक हो गया है। फेफड़े सहित अन्य अंगों में इसका तीव्र असर लंबे समय तक हो रहा है। जिसकी वजह से कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी लोग तमाम तरह की दिक्कतों से पीड़ित हैं। नॉन कोविड अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ठप होने से सिर्फ इमरजेंसी में ही मरीज देखे जा रहे हैं। ऐसे में कोरोना से जंग जीत चुके इन पोस्ट कोविड मरीजों को उपचार में तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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अब सरकार ने इन मरीजों पर भी विशेष ध्यान देते हुए इनके उपचार के लिए अलग से व्यवस्था बना रही है। कोविड एल-2 अस्पताल बने मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में 200 बेड कोविड मरीजों के लिए बनाए गए हैं। शेष बचे 100 बेड में करीब 50 बेड पर पीडियाट्रिक आईसीयू बनाने के साथ-साथ करीब 20 बेड पोस्ट कोविड मरीजों का उपचार करने के लिए भी आरक्षित किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के कोरोना नोडल डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि कोरोना रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी मरीजों में तमाम तरह की दिक्कतें हो रही हैं।
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उन्हें कमजोरी के साथ-साथ फेफड़े में संक्रमण के कारण सांस लेने में दिक्कत, खांसी व अन्य दिक्कतें भी रहती हैं। ऐसे मरीज लगातार संपर्क में रहते हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव होने के कारण उन्हें कोविड वार्ड में नहीं रखा जा सकता है, जबकि उन्हें ऑक्सीजन व अन्य उपचार की जरूरत होती है। ऐसे मरीजों के लिए अलग से इंतजाम किया जा रहा है।
बताया कि इसके लिए अलग से 20 बेड का एक वार्ड आरक्षित किया जाएगा। जहां शिफ्टवार चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाएगी व ऑक्सीजन सहित अन्य इंतजाम भी दुरुस्त किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज दर्शननगर के सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि पोस्ट कोविड वार्ड बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं, शीघ्र ही मरीजों को भर्ती करके उनका उपचार किया जाएगा।