फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Urbanization is helpful in the economic progress of the country: Ashutosh Tandon

शहरीकरण देश की आर्थिक उन्नति में सहायक : आशुतोष टंडन

Mon, 13 Sep 2021 12:20 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 12:20 AM IST
विज्ञापन
Urbanization is helpful in the economic progress of the country: Ashutosh Tandon
अयोध्या-देवकाली स्थित होटल में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 111वीं बैठक में मंचस्थ अतिथि नगर विकास ? - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि शहरीकरण देश की अर्थिक उन्नति में सहायक होता है। आईआईएम के विशेषज्ञों द्वारा रिपोर्ट में बताया गया है कि जहां पर शहरीकरण का दायरा बढ़ा है, उन शहरों में विकास तेजी से हुआ है।
विज्ञापन

इसलिए प्रदेश सरकार ने शहरीकरण को बढ़ावा दिया है। 83 नए नगर निकाय बनाए गए हैं, सभी नगर निगमों की सीमा का विस्तार भी किया गया है। वे यहां एक होटल में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 111वीं बैठक को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

इसके पहले नगर विकास मंत्री ने बैठक का दीप प्रज्वलित करके शुभारंभ किया। कहा कि सिंधु घाटी की सभ्यता ने अपनी नगरीय व्यवस्था परिभाषा से अवगत कराया है। यही अब तक दुनिया की सबसे उत्कृष्ठ नगरीय व्यवस्था मानी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि आज आवश्यकताएं बहुत है। सड़कें, पेयजल, सीवर, जल निकासी व प्रदूषण एक बड़ी समस्या के रूप में हमारे सामने चुनौती बनकर खड़ी है।
कहा, इससे निपटने के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। कचरे के निस्तारण के लिए नगर निगमों में मशीनें स्थापित की जा रही हैं। जल जीवन शहरी मिशन के अंतर्गत काफी कार्य प्रस्तावित हैं।
प्रदेश के 60 नगर निगमों व निकायों में अमृत योजना के तहत बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। नगर विकास मंत्री ने कहा कि नगर निगमों में कोशिश की जा रही है कि मैकेनाइज सफाई की व्यवस्था लागू हो जाए।
नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया है कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के बाद बहुत से लोगों स्लम ऐरिया के मकान नहीं बन पा रहे हैं। इसके लिए जल्द ही अर्बन स्लम री-डेवलपमेंट पॉलिसी लांच की जाएगी।
इसमें स्लम ऐरिया में रहने वाले लोगों के लिए उसी स्थान पर पक्का मकान बनाकर दिया जाएगा। साथ ही शेष स्थानों पर डिस्पेंसरी, पार्क व अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही नगर निगमों के म्युनिसिपल बांड के कार्यक्रम को विस्तार देने की बात कही।
उन्होंने बताया है कि लखनऊ व गाजियाबाद को क्रमश: 200 व 150 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। अब वाराणसी के लिए बांड बनाने की तैयारी चल रही है।
इस सबके अलावा तमाम समस्याओं के निपटारे के लिए नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। कोरोना महामारी के चलते संसाधनों में कमी आई है। अखिल भारतीय महापौर परिषद की बैठक में समस्याओं व नए प्रयोगों पर चर्चा होगी।
इसमें चर्चा के बाद जो कुछ सामने आयेेगा, वो देश व प्रदेश को आगे ले जाने में सहायक होगा। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व आगरा के महापौर नवीन जैन ने कोरोना काल में महापौर के कार्यों को सराहते हुए एक देश एक विधान की बात कही।
उन्होंने कहा कि परिषद में देश के 204 नगर निगम सदस्य हैं। परिषद की सबसे बड़ी समस्या है कि नगर निगम के लिए देश में कोई एक विधान नहीं है। कहीं नगर निगम का कार्यकाल एक वर्ष, कहीं दो वर्ष तो कहीं पांच वर्ष होता है।
इसके साथ ही कही महापौर सीधे जनता की ओर से चुना जाता है तो कहीं पर पार्षद को महापौर चुनने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि बहुत से राज्यों में 74 वां संशोधन लागू हो गया है लेकिन अभी भी बहुत से राज्यों में यह संशोधन लागू नहीं हुआ है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी इसको लागू किए जाने की बात कही। बताया है कि लगातार महापौर के अधिकार क्षेत्रों में कटौती होती आ रही है। पहले असेसमेंट तक का अधिकार महापौर को होता था, लेकिन अब धीरे-धीरे सब सरकारी नियंत्रण में होता चला गया है।
उन्होंने कहा प्रदेश सरकार के संकल्प पत्र में शेष मांगों को पूरा किए जाने की बात कही है। परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री व भोपाल के पूर्व महापौर उमाशंकर गुप्त ने कहा कि हम अपनी समस्याओं का निस्तारण करने नहीं बल्कि जनता को किस प्रकार अधिक सुविधाएं दे सकते हैं।
इसलिए अयोध्या में एकत्र हुए हैं। प्रदेेश अध्यक्ष उमेश गौतम ने कहा कि देश का सर्वांगीण व सही दिशा में विकास हो रहा है, महापौर परिषद की बैठक में समस्याओं के निस्तारण किए जाने पर चर्चा हुई है।
कार्यक्रम का संचालन जयेंद्र सिंह ने किया। अयोध्या के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने देश भर के आए महापौर का स्वागत किया। कहा कि यह हमारे लिए गौरव का क्षण है।
कार्यक्रम में नगर आयुक्त विशाल सिंह ने नगर निगम में हो रहे कार्यों का ब्योरा पेश किया। महापौर के ओएसडी रामकिशोर यादव ने बताया कि प्रथम सत्र में डीएम अनुज कुमार झा, एसएसपी शैलेश पांडेय समेत देश के 26 महापौर उपस्थित थे।
उद्घाटन समारोह के बाद रामराज्य कार्यक्रम के अंतर्गत पंचमुखी महादेव मंदिर के महंत मिथिलेश नंदनीशरण ने महापौरों को अयोध्या की महत्ता के बारे में अवगत कराया।
उन्होंने रामायण, स्कंदपुराण व वेदों के हवाले से बताया कि अयोध्या आठ चक्रों पर बनी नौ दरवाजों की है। यह चक्र विष्णु का चक्र है। इसके अलावा अयोध्या 12 योजन लंबी व तीन योजन चौड़ी है, यानी कि अयोध्या की लंबाई 148 मीटर लंबी व 36 किमी. चौड़ी है।
इसके साथ ही एक अंतगृहित अयोध्या है जो विल्वहरि से लेकर गुप्तारघाट तक की है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की एक ऐसी जगह है जहां भगवान राम द्रव्य रूप में साक्षात विराजमान हैं।

अयोध्या आदिकाल से सत्य का संदेश देती आयी है, इसी कारण इसका नाम सत्यता भी है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का अर्थ कभी न हारने वाला होता है। इसका एक स्वरूप मर्यादा का भी है। साथ ही माता जानकी की अयोध्या नारी गौरव का भी संदेश देती है।

अयोध्या-देवकाली स्थित होटल में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 111वीं बैठक का दीप प्रज्वलित कर शुभारं?

अयोध्या-देवकाली स्थित होटल में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 111वीं बैठक का दीप प्रज्वलित कर शुभारं?- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-देवकाली स्थित होटल में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 111वीं बैठक के पूर्व पाठ करते संत

अयोध्या-देवकाली स्थित होटल में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 111वीं बैठक के पूर्व पाठ करते संत- फोटो : FAIZABAD

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed