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ट्रेन के इंजन में फंसा पार्सल, सौ मीटर तक घिसटा
फैजाबाद
Updated Sat, 14 Jan 2017 10:28 PM IST
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फैजाबाद में शनिवार को रेलवे स्टेशन पर हादसे के बाद भी ट्रैक पर पड़ा रहा पार्सल।
- फोटो : अमर उजाला
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर पहुंची डाउन लखनऊ-फैजाबाद पैसेंजर ट्रेन शनिवार को हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गयी। पार्सल घर के कर्मियों की लापरवाही से ट्रेन के इंजन में दो बड़े पार्सल फंस गये और सौ मीटर दूर तक घिसटते गये।
पार्सल तभी छूटा जब ट्रेन अपने निर्धारित क्षेत्र में रुकी। पार्सल पहियों के नीचे आते तो गाड़ी डिरेल हो सकती थी। कर्मियों ने प्लेटफार्म के एक छोर से दूसरे छोर तक बिखरे व कटे गत्तों को तत्काल समेट लिया। पार्सल घर के जिम्मेदार अधिकारी ने हादसे की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया।
सूत्रों के अनुसार सुबह आठ बजे के करीब प्लेटफार्म नंबर तीन पर दिल्ली-फैजाबाद एक्सप्रेस ली गयी थी। पार्सल कर्मियों ने पश्चिमी इंड के वैगन से पार्सलों को निकालकर प्लेटफॉर्म तीन पर उतारा तो कुछेक चार नंबर प्लेटफार्म की लाइन की ओर गिरा दिए। इनमें दो पार्सल लाइन से जा लगे।
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लखनऊ से चली फैजाबाद पैसेंजर को सवा नौ बजे के करीब चार नंबर प्लेटफार्म पर लिया गया। इंजन चार नंबर प्लेटफॉर्म पर प्रवेश करने से पहले ही लाइन किनारे पड़े दो पार्सलों से जा टकराया। दोनों पार्सल इंजन के गार्ड में फंसकर करीब सौ मीटर दूर पूर्वी छोर तक घिसटते जा पहुंचेे।
पार्सल कर्मी यह नजारा देख दंग रह गये और भागते हुए रेलवे ट्रैक के किनारे छितराए, कटे गत्तों को समेटना शुरू कर दिया। पायलट गार्ड लॉबी में बैठे एक क्रू का कहना था कि गत्ते इंजन के बजाय पहियों से टकराते तो ट्रेन पटरी से उतर सकती थी। मुख्य वाणिज्य पर्यवेक्षक व पार्सल की जिम्मेदारी देख रहे एफआर मीना ने हादसे की आशंका से इंकार किया।
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पार्सल तभी छूटा जब ट्रेन अपने निर्धारित क्षेत्र में रुकी। पार्सल पहियों के नीचे आते तो गाड़ी डिरेल हो सकती थी। कर्मियों ने प्लेटफार्म के एक छोर से दूसरे छोर तक बिखरे व कटे गत्तों को तत्काल समेट लिया। पार्सल घर के जिम्मेदार अधिकारी ने हादसे की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया।
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सूत्रों के अनुसार सुबह आठ बजे के करीब प्लेटफार्म नंबर तीन पर दिल्ली-फैजाबाद एक्सप्रेस ली गयी थी। पार्सल कर्मियों ने पश्चिमी इंड के वैगन से पार्सलों को निकालकर प्लेटफॉर्म तीन पर उतारा तो कुछेक चार नंबर प्लेटफार्म की लाइन की ओर गिरा दिए। इनमें दो पार्सल लाइन से जा लगे।
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लखनऊ से चली फैजाबाद पैसेंजर को सवा नौ बजे के करीब चार नंबर प्लेटफार्म पर लिया गया। इंजन चार नंबर प्लेटफॉर्म पर प्रवेश करने से पहले ही लाइन किनारे पड़े दो पार्सलों से जा टकराया। दोनों पार्सल इंजन के गार्ड में फंसकर करीब सौ मीटर दूर पूर्वी छोर तक घिसटते जा पहुंचेे।
पार्सल कर्मी यह नजारा देख दंग रह गये और भागते हुए रेलवे ट्रैक के किनारे छितराए, कटे गत्तों को समेटना शुरू कर दिया। पायलट गार्ड लॉबी में बैठे एक क्रू का कहना था कि गत्ते इंजन के बजाय पहियों से टकराते तो ट्रेन पटरी से उतर सकती थी। मुख्य वाणिज्य पर्यवेक्षक व पार्सल की जिम्मेदारी देख रहे एफआर मीना ने हादसे की आशंका से इंकार किया।