{"_id":"587279274f1c1b8002ba8039","slug":"the-uproar-over-maternal-deaths-after-the-operation","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत पर हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत पर हंगामा
फैजाबाद
Updated Sun, 08 Jan 2017 11:13 PM IST
विज्ञापन
फैजाबाद के जिला महिला अस्पताल में महिला की मौत के बाद गुस्साए परिवारीजनों से बात करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला महिला अस्पताल में सीजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत हो गई। परिवारीजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप मढ़ा है। प्रसूता के पति महेश गुप्त का कहना है कि डॉक्टरों ने पहले नहीं बताया था कि प्रसूता को खून की कमी थी, अंतिम समय में कह रहे थे कि खून लाओ।
जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार/शनिवार की रात नौ बजे बीकापुर क्षेत्र के सफीपुर निवासी रेनू गुप्ता (27) पत्नी महेश कुमार को रात नौ बजे भर्ती कराया गया। शनिवार को जांच के बाद प्रसूता का ऑपरेशन कराया गया। सायं प्रसूता की सांसें रुकने लगी।
परिवारीजनों का आरोप है कि डॉक्टर को बुलाया गया तो चार बार जाने के बाद स्टाफ नर्स आई। डॉक्टर बाद में कहने लगे कि फौरी तौर पर ब्लड लेकर आओ। इतना जल्दी खून कहां से लाते। जब तक कुछ व्यवस्था हो पाती, तब तक रेनू की मौत हो गई।
विज्ञापन
घटना के बाद परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया, सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची और किसी तरह परिवारीजनों को शांत कराया। बाद में शव ले जाने के लिए मदद न मिलने पर भी हंगामा हुआ। अंत में परिवारीजन जैसे-तैसे शव को ले गए।
ऑपरेशन करने वाले सर्जन डॉ. वीके गुप्ता का कहना है कि प्रसूता एनिमिया से पीड़ित थी। इसे पहले बीकापुर में भर्ती कराया गया था। घर वालों को मरीज के बारे में सारी जानकारी मुहैया करा दी गई थी। हालांकि बच्चा स्वस्थ है। सीएमओ डॉ. सीबी द्विवेदी ने बताया कि किसी भी प्रसूता के मरने की कोई सूचना नहीं मिली है। शिकायत मिलेगी तो मामले की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार/शनिवार की रात नौ बजे बीकापुर क्षेत्र के सफीपुर निवासी रेनू गुप्ता (27) पत्नी महेश कुमार को रात नौ बजे भर्ती कराया गया। शनिवार को जांच के बाद प्रसूता का ऑपरेशन कराया गया। सायं प्रसूता की सांसें रुकने लगी।
विज्ञापन
परिवारीजनों का आरोप है कि डॉक्टर को बुलाया गया तो चार बार जाने के बाद स्टाफ नर्स आई। डॉक्टर बाद में कहने लगे कि फौरी तौर पर ब्लड लेकर आओ। इतना जल्दी खून कहां से लाते। जब तक कुछ व्यवस्था हो पाती, तब तक रेनू की मौत हो गई।
विज्ञापन
घटना के बाद परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया, सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची और किसी तरह परिवारीजनों को शांत कराया। बाद में शव ले जाने के लिए मदद न मिलने पर भी हंगामा हुआ। अंत में परिवारीजन जैसे-तैसे शव को ले गए।
ऑपरेशन करने वाले सर्जन डॉ. वीके गुप्ता का कहना है कि प्रसूता एनिमिया से पीड़ित थी। इसे पहले बीकापुर में भर्ती कराया गया था। घर वालों को मरीज के बारे में सारी जानकारी मुहैया करा दी गई थी। हालांकि बच्चा स्वस्थ है। सीएमओ डॉ. सीबी द्विवेदी ने बताया कि किसी भी प्रसूता के मरने की कोई सूचना नहीं मिली है। शिकायत मिलेगी तो मामले की जांच कराई जाएगी।