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अवध विवि ने पूर्णांक से ज्यादा दे दिए नंबर
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:21 AM IST
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अवध विश्वविद्यालय के एमएससी भौतिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के छात्रों का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। सभी छात्रों को पूर्णांक से ज्यादा अंक प्राप्त हो गए। विवि की वेबसाइट पर जब रिजल्ट आया तो, छात्र चौंक उठे।
छात्रों की शिकायत पर विभागाध्यक्ष ने परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर पूर्णांक आधा करते हुए उसके मुताबिक मिले अंकों को घटाकर परीक्षाफल संशोधित करने का अनुरोध किया है। अवध विवि के एमएससी भौतिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के पाठ्यक्रम सत्र 2015-16 के चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा अगस्त माह में हुई थी।
रिजल्ट आया तो सभी 18 छात्रों के होश फाख्ता हो गए। सभी को पूर्णांक के सापेक्ष प्राप्तांक ज्यादा प्राप्त हो गए। चार अक्टूबर को सुयश राय, अतुल कुमार पटेल, सौरभ कुमार श्रीवास्तव और ज्ञानदीप आदि छात्रों ने विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसएन शुक्ला को मांगपत्र देकर त्रुटिपूर्ण परीक्षाफल को संशोधित करने की मांग की।
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डॉ. शुक्ला ने चार अक्टूबर को परीक्षा नियंत्रक एएम अंसारी को पत्र भेजा जिसमें उन्होंने परीक्षकों पर दोष मढ़ते हुए लिखा कि पूर्णांक 100 की जगह 200 मानकर छात्रों को अंक दिए गए हैं, ऐसे में मिले प्राप्तांकों को अब 100 पूर्णांक मानकर संशोधित करते हुए नया अंक पत्र जारी किया जाए।
मामले में डॉ. शुक्ला ने कहा कि परीक्षा फल उसी दिन संशोधित हो गया है। जबकि परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि परीक्षाफल संशोधित हुआ है या नहीं, वह इस बारे में नहीं बता सकता। विवि के मीडिया प्रभारी डा. शुक्ला ही इस बारे में जानकारी दे सकते है। डा. शुक्ला ने कहा कि मामला अब ठीक हो गया है, छात्रों की आपत्ति दुरुस्त कर दी गई है।
चतुर्थ सेमेस्टर के पहले की प्रायोगिक परीक्षाएं दो अंकों की थी। इसी गफलत में परीक्षकों ने मूल्यांकन कर दिया होगा जबकि चतुर्थ सेमेस्टर सौ अंक का था। जैसे ही छात्र मामला मेरे संज्ञान में लाया, उसी दिन परीक्षा नियंत्रक को संशोधित करने का पत्र लिखा।
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छात्रों की शिकायत पर विभागाध्यक्ष ने परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर पूर्णांक आधा करते हुए उसके मुताबिक मिले अंकों को घटाकर परीक्षाफल संशोधित करने का अनुरोध किया है। अवध विवि के एमएससी भौतिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के पाठ्यक्रम सत्र 2015-16 के चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा अगस्त माह में हुई थी।
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रिजल्ट आया तो सभी 18 छात्रों के होश फाख्ता हो गए। सभी को पूर्णांक के सापेक्ष प्राप्तांक ज्यादा प्राप्त हो गए। चार अक्टूबर को सुयश राय, अतुल कुमार पटेल, सौरभ कुमार श्रीवास्तव और ज्ञानदीप आदि छात्रों ने विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसएन शुक्ला को मांगपत्र देकर त्रुटिपूर्ण परीक्षाफल को संशोधित करने की मांग की।
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डॉ. शुक्ला ने चार अक्टूबर को परीक्षा नियंत्रक एएम अंसारी को पत्र भेजा जिसमें उन्होंने परीक्षकों पर दोष मढ़ते हुए लिखा कि पूर्णांक 100 की जगह 200 मानकर छात्रों को अंक दिए गए हैं, ऐसे में मिले प्राप्तांकों को अब 100 पूर्णांक मानकर संशोधित करते हुए नया अंक पत्र जारी किया जाए।
मामले में डॉ. शुक्ला ने कहा कि परीक्षा फल उसी दिन संशोधित हो गया है। जबकि परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि परीक्षाफल संशोधित हुआ है या नहीं, वह इस बारे में नहीं बता सकता। विवि के मीडिया प्रभारी डा. शुक्ला ही इस बारे में जानकारी दे सकते है। डा. शुक्ला ने कहा कि मामला अब ठीक हो गया है, छात्रों की आपत्ति दुरुस्त कर दी गई है।
चतुर्थ सेमेस्टर के पहले की प्रायोगिक परीक्षाएं दो अंकों की थी। इसी गफलत में परीक्षकों ने मूल्यांकन कर दिया होगा जबकि चतुर्थ सेमेस्टर सौ अंक का था। जैसे ही छात्र मामला मेरे संज्ञान में लाया, उसी दिन परीक्षा नियंत्रक को संशोधित करने का पत्र लिखा।