रुड़की से आया रामलला का तिरपाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामलला के मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर पर लगाने के लिए सीबीआरआई रुड़की की ओर से बनाया गया खास तिरपाल रविवार को अयोध्या पहुंच गया है। इसे अधिग्रहीत परिसर के मानस भवन में रखवाया गया है।
मंदिर-मस्जिद विवाद से जुड़े पक्षकारों सहित अधिग्रहीत परिसर के पदेन रिसीवर मंडलायुक्त की सहमति से 22 नवंबर को तिरपाल बदलने का काम शुरू होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखकर तिरपाल बदलने में मजबूती का पूरा ख्याल रखा गया है। लगने वाला तिरपाल फायरप्रूफ है। साथ ही मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर की कुछ जर्जर बल्लियों को भी बदला जाना है। अयोध्या में मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर के लिए तिरपाल तैयार करने की जिम्मेदारी सीबीआरआई रुड़की को दी गई थी।
बताते हैं कि सीबीआरआई वैज्ञानिक डॉ. हरपाल सिंह की अगुवाई में यह तिरपाल तैयार की गई है। तिरपाल का आकार करीब 400 वर्गमीटर है। साथ ही इसे बनाने में करीब 11.4 लाख रुपये की लागत आई है जिसका भुगतान सीबीआरआई को किया जा चुका है।
कमिश्नर सूर्य प्रकाश मिश्र ने बताया कि रविवार को आए तिरपाल को अधिग्रहीत परिसर के मानस भवन में रखवाया गया है। रविवार को एएसआई के एए हाशमी, एनके सिन्हा, पर्यवेक्षक टीएम खान, एसके सिंह, विवादित परिसर के रिसीवर व मंडलायुक्त एसपी मिश्र, निर्मोही अखाड़े के वकील रणजीत लाल वर्मा, पुजारी रामदास, हाजी महबूब आदि विवादित परिसर स्थित खोदाई स्थल पर लगभग 11 बजे पहुंचे। तिरपाल को लेकर चर्चा हुई। कमिश्नर का कहना है कि 22 नवंबर को तिरपाल बदलने का काम रुड़की के इंजीनियर करेंगे।