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पांच कोस की परिधि में बिखरी आस्था की छटा
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अयोध्या-पचकोसी परिक्रमा करते संत व भक्तगण
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। रामनगरी की ऐतिहासिक/प्रांतीयकृत पंचकोसी परिक्रमा रविवार को शुभ मुहूर्त से पूर्व ही शुरू हो गई। परिक्रमा का शुभ मुहूर्त सुबह 9 बजे से था लेकिन श्रद्धालुओं में परिक्रमा को लेकर इतना उत्साह था कि उन्होंने मुहूर्त से एक घंटे पूर्व सुबह आठ बजे से ही परिक्रमा शुरू कर दी। शाम होते-होते आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
पांच कोस की परिधि में आस्था का पग नापने उमड़े श्रद्धालुओं का हुजूम आस्था का चरमोत्कर्ष परिलक्षित कर रहा था। संपूर्ण अयोध्या नगरी जय श्रीराम, जय सरयू मैया के जयकारों से गुंजायमान हो रही थी। एक ओर जहां परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं का प्रवाह बढ़ता जा रहा था तो वहीं दूसरी ओर परिक्रमा पूर्ण करने वाले श्रद्धालु सरयू स्नान से लेकर अपने आराध्य की चौखट पर माथा टेकने को उमड़ रहे थे।
पंचकोसी परिक्रमा पथ पर रविवार को उमड़ा आस्था का ज्वार रामनगरी की महत्ता को पुष्ट करता दिखाई दिया। हर वर्ग बाल, वृंद, वृद्ध, महिलाएं परिक्रमा में शामिल होकर पुण्यार्जन करने हेतु उत्सुक दिख रहे थे। राह की कठिनाई एवं परिक्रमा मार्ग पर व्याप्त दुश्वारियों को दरकिनार करते हुए राम-नाम की धुन गाते श्रद्धालु परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ते रहे।
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सुबह आठ बजे से शुरू हुआ परिक्रमा का दौर पूरी रात चलता रहा। परिक्रमा सोमवार की सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक संचालित होगी। रामनगरी में उदयातिथि की मान्यता है इसलिए बहुत सारे साधु-संत 15 की सुबह से परिक्रमा का श्रीगणेश करेंगे। इससे पूर्व जिनकी परिक्रमा पूरी होती गई उन श्रद्धालुओं का हुजूम मेला क्षेत्र के आंतरिक मार्गों पर बढ़ने लगा था।
सरयू के घाट पर ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का जमघट लग गया । श्रद्धालुओं का अंतहीन काफिला भोर से लेकर शाम तक पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाता रहा। सरयू स्नान के बाद श्रद्धा का सैलाब विभिन्न मंदिरों की ओर उन्मुख होता रहा। विभिन्न मंदिरों हनुमानगढ़ी, कनकभवन, रामलला के दर्शनार्थ लाखों श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
इसी बीच बहुत से ऐसे श्रद्धालु भी थे जो परिक्रमा पूर्ण कर अपने आराध्य की चौखट पर आस्था निवेदित करने के उपरांत घर वापसी की राह पर थे, तो वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु अभी भी रामनगरी में जमे हुए हैं। पंचकोसी परिक्रमा को लेकर भक्तों में खासा उत्साह दिखा। श्रद्धालुुओं ने अलग-अलग स्थानों से परिक्रमा की शुरूआत की।
फैजाबाद शहर के रहने वाले लोगों ने उदया चौराहे से परिक्रमा शुरू की। चौराहे पर पक्रिमार्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बैरियरों का जाल बिछा रखा था। भक्तों ने धरती माता को प्रणाम कर परिक्रमा शुरू की। जय श्रीराम के उद्घोष से परिक्रमा पथ गुंजायमान होता रहा।
सरयू तट से नयाघाट मार्ग श्रद्धालुओं से पटा रहा। भक्त हरि कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ परिक्रमा पथ पर बढ़े जा रहे थे। युवा हाथों में तिरंगा व श्रीराम, हनुमान जी की छवि वाले भगवा ध्वज लेकर जय श्रीराम के उद्घोष के साथ परिक्रमा में लीन दिखे। नयाघाट से लेकर रामघाट तक का पूरा इलाका परिक्रमा के लोकगीतों व जयघोष से गुंजायमान होता रहा। सरयू के घाट स्नानार्थियों की भीड़ से गुलजार नजर आए।
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पांच कोस की परिधि में आस्था का पग नापने उमड़े श्रद्धालुओं का हुजूम आस्था का चरमोत्कर्ष परिलक्षित कर रहा था। संपूर्ण अयोध्या नगरी जय श्रीराम, जय सरयू मैया के जयकारों से गुंजायमान हो रही थी। एक ओर जहां परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं का प्रवाह बढ़ता जा रहा था तो वहीं दूसरी ओर परिक्रमा पूर्ण करने वाले श्रद्धालु सरयू स्नान से लेकर अपने आराध्य की चौखट पर माथा टेकने को उमड़ रहे थे।
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पंचकोसी परिक्रमा पथ पर रविवार को उमड़ा आस्था का ज्वार रामनगरी की महत्ता को पुष्ट करता दिखाई दिया। हर वर्ग बाल, वृंद, वृद्ध, महिलाएं परिक्रमा में शामिल होकर पुण्यार्जन करने हेतु उत्सुक दिख रहे थे। राह की कठिनाई एवं परिक्रमा मार्ग पर व्याप्त दुश्वारियों को दरकिनार करते हुए राम-नाम की धुन गाते श्रद्धालु परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ते रहे।
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सुबह आठ बजे से शुरू हुआ परिक्रमा का दौर पूरी रात चलता रहा। परिक्रमा सोमवार की सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक संचालित होगी। रामनगरी में उदयातिथि की मान्यता है इसलिए बहुत सारे साधु-संत 15 की सुबह से परिक्रमा का श्रीगणेश करेंगे। इससे पूर्व जिनकी परिक्रमा पूरी होती गई उन श्रद्धालुओं का हुजूम मेला क्षेत्र के आंतरिक मार्गों पर बढ़ने लगा था।
सरयू के घाट पर ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का जमघट लग गया । श्रद्धालुओं का अंतहीन काफिला भोर से लेकर शाम तक पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाता रहा। सरयू स्नान के बाद श्रद्धा का सैलाब विभिन्न मंदिरों की ओर उन्मुख होता रहा। विभिन्न मंदिरों हनुमानगढ़ी, कनकभवन, रामलला के दर्शनार्थ लाखों श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
इसी बीच बहुत से ऐसे श्रद्धालु भी थे जो परिक्रमा पूर्ण कर अपने आराध्य की चौखट पर आस्था निवेदित करने के उपरांत घर वापसी की राह पर थे, तो वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु अभी भी रामनगरी में जमे हुए हैं। पंचकोसी परिक्रमा को लेकर भक्तों में खासा उत्साह दिखा। श्रद्धालुुओं ने अलग-अलग स्थानों से परिक्रमा की शुरूआत की।
फैजाबाद शहर के रहने वाले लोगों ने उदया चौराहे से परिक्रमा शुरू की। चौराहे पर पक्रिमार्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बैरियरों का जाल बिछा रखा था। भक्तों ने धरती माता को प्रणाम कर परिक्रमा शुरू की। जय श्रीराम के उद्घोष से परिक्रमा पथ गुंजायमान होता रहा।
सरयू तट से नयाघाट मार्ग श्रद्धालुओं से पटा रहा। भक्त हरि कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ परिक्रमा पथ पर बढ़े जा रहे थे। युवा हाथों में तिरंगा व श्रीराम, हनुमान जी की छवि वाले भगवा ध्वज लेकर जय श्रीराम के उद्घोष के साथ परिक्रमा में लीन दिखे। नयाघाट से लेकर रामघाट तक का पूरा इलाका परिक्रमा के लोकगीतों व जयघोष से गुंजायमान होता रहा। सरयू के घाट स्नानार्थियों की भीड़ से गुलजार नजर आए।

अयोध्या-जयघोष के साथ पचकोसी परिक्रमा करते भक्तगण- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-पचकोसी परिक्रमा के दौरान सेल्फी लेते परिक्रमार्थी- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-परिक्रमा मार्ग पर जयघोष के साथ आगे बढ़ते भक्तगण- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-परिक्रमा मार्ग पर जयघोष के साथ आगे बढ़ते भक्तगण- फोटो : FAIZABAD