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साल का आखिरी दिन हड़ताल के नाम
फैजाबाद
Updated Sat, 31 Dec 2016 09:53 PM IST
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फैजाबाद में शनिवार को विकास भवन में कार्यबष्किार कर प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
बीकापुर ब्लॉक के लेखाकार के साथ अभद्रता के विरोध में शनिवार को भी पूरे जिले में विकास के काम ठप रहे। विकास कर्मियों ने विकास भवन में धरना-प्रदर्शन किया। प्रशासन फिलहाल पूरे मामले पर मौन है। विकास भवन के अन्य संगठनों के हड़ताल में शामिल होने के घोषणा के बाद सोमवार से यहां भी पूरी तरह से ताला पड़ने के आसार हैं।
लेखाकार जगदीश प्रसाद शुक्ल प्रकरण को लेकर नाराज कर्मियों ने जिले के सभी विकास खंडों में शनिवार को तालाबंदी रखी। कार्य बहिष्कार करके विकासभवन और खंड विकास कार्यालय बंद कर दिए गए। सभी कर्मचारी विकास भवन में धरना-प्रदर्शन में शामिल रहे।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि लेखाकार के साथ की गई अभद्रता की जानकारी अफसरों को हैं। रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। मांग के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। न तो प्रशासन ने कोई कार्रवाई की और न ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।
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कर्मचारियों ने आरोपी ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही सात क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई किए जाने, विकास विभाग के कार्यालयों में किसी भी निजी असलहाधारी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किए जाने और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सरकारी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग एक बार फिर उठाई।
ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारी संगठनों के साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं उससे संबद्ध सभी कर्मचारी संगठनों ने धरने में घटना की निंदा की। धरने का संचालन संतोष पांडेय ने किया।
प्रशासन से घटना पर कर्रवाई के लिए कोई पहल न किए जाने के कारण विकास भवन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने दो जनवरी से विकास भवन स्थित सभी कार्यालयों के कर्मचारियों से कार्य बहिष्कार की घओषणा की है।
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लेखाकार जगदीश प्रसाद शुक्ल प्रकरण को लेकर नाराज कर्मियों ने जिले के सभी विकास खंडों में शनिवार को तालाबंदी रखी। कार्य बहिष्कार करके विकासभवन और खंड विकास कार्यालय बंद कर दिए गए। सभी कर्मचारी विकास भवन में धरना-प्रदर्शन में शामिल रहे।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि लेखाकार के साथ की गई अभद्रता की जानकारी अफसरों को हैं। रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। मांग के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। न तो प्रशासन ने कोई कार्रवाई की और न ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।
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कर्मचारियों ने आरोपी ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही सात क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई किए जाने, विकास विभाग के कार्यालयों में किसी भी निजी असलहाधारी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किए जाने और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सरकारी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग एक बार फिर उठाई।
ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारी संगठनों के साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं उससे संबद्ध सभी कर्मचारी संगठनों ने धरने में घटना की निंदा की। धरने का संचालन संतोष पांडेय ने किया।
प्रशासन से घटना पर कर्रवाई के लिए कोई पहल न किए जाने के कारण विकास भवन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने दो जनवरी से विकास भवन स्थित सभी कार्यालयों के कर्मचारियों से कार्य बहिष्कार की घओषणा की है।