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Ayodhya News: छेड़छाड़ की घटना के बीच अस्पताल की सुरक्षा में कई छेद
Mon, 21 Sep 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:56 PM IST
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41--जिला अस्पताल के दिव्यांग काउंटर से गायब कर्मचारी। अमर उजाला
अयोध्या। जिला अस्पताल में महिला मरीज से छेड़छाड़ की घटना के बाद अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। पड़ताल में जिला महिला अस्पताल का मुख्य गेट और मरीजों की भीड़ वाला प्रतीक्षालय सीसीटीवी की निगरानी से बाहर मिला। अस्पताल में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं है। वहीं, जिला महिला और पुरुष अस्पताल में अग्निशमन व्यवस्था के कई बॉक्स खराब मिले। इलाज के लिए आने वाले मरीजों को जांच और दवा के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पतालों में सुरक्षा और मरीजों की सुविधाओं के इंतजामों की स्थिति पड़ताल में सामने आई।
मुख्य गेट पर कैमरा नहीं, प्रतीक्षालय भी निगरानी से बाहर
जिला महिला अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। मरीजों और तीमारदारों की सबसे अधिक भीड़ वाले प्रतीक्षालय में भी कैमरे की व्यवस्था नहीं है। पास के एक काउंटर पर कैमरा लगा है, लेकिन मरीजों के बैठने और इंतजार करने वाला बड़ा हिस्सा उसकी निगरानी में नहीं आता। बीते शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती एक महिला से छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद जांच की बात कही जा रही है। ऐसे में अस्पताल के मुख्य परिसर में सीसीटीवी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से किसी घटना की स्थिति में जांच में भी परेशानी हो सकती है। यहां बैठने के लिए पर्याप्त सीटें भी नहीं हैं। महिलाओं को पुरुष शौचालय के सामने खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
आग के बाद भी चार फायर बॉक्स खराब
जिला महिला और पुरुष अस्पताल में अग्निशमन प्रणाली के करीब चार बॉक्स खराब मिले। यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि 21 मई को चौथे तल पर शॉर्ट सर्किट से आग लग चुकी है। उस समय दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। अस्पताल में मरीजों, नवजातों और तीमारदारों की मौजूदगी के बीच अग्निशमन उपकरणों का दुरुस्त रहना जरूरी है।
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ओपीडी में विशेषज्ञ का इंतजार, जूनियर डॉक्टर देख रहे मरीज
महिला अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में मरीज डॉक्टर के इंतजार में बैठे मिले। मेडिसिन विभाग में जूनियर डॉक्टर मरीजों को देखते और दवाएं लिखते नजर आए। विशेषज्ञ चिकित्सक के इंतजार के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पानी पीने की जगह काई और बदबू
महिला अस्पताल में पेयजल स्थल के आसपास काई और गंदगी मिली। बदबू के बीच मरीज और तीमारदार पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के पास गंदा पानी जमा मिला। लंबे समय से पानी ठहरा होने के कारण वहां काई जम गई है।
संपूर्ण सुरक्षा केंद्र ही जर्जर भवन में
महिला अस्पताल का संपूर्ण सुरक्षा केंद्र जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। कई जगह छज्जे के पास सीमेंट उखड़ी हुई है। खिड़की का शीशा भी टूटा हुआ है। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाला केंद्र खुद ही सुरक्षित स्थिति में नहीं है।
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मुख्य गेट पर कैमरा नहीं, प्रतीक्षालय भी निगरानी से बाहर
जिला महिला अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। मरीजों और तीमारदारों की सबसे अधिक भीड़ वाले प्रतीक्षालय में भी कैमरे की व्यवस्था नहीं है। पास के एक काउंटर पर कैमरा लगा है, लेकिन मरीजों के बैठने और इंतजार करने वाला बड़ा हिस्सा उसकी निगरानी में नहीं आता। बीते शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती एक महिला से छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद जांच की बात कही जा रही है। ऐसे में अस्पताल के मुख्य परिसर में सीसीटीवी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से किसी घटना की स्थिति में जांच में भी परेशानी हो सकती है। यहां बैठने के लिए पर्याप्त सीटें भी नहीं हैं। महिलाओं को पुरुष शौचालय के सामने खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
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आग के बाद भी चार फायर बॉक्स खराब
जिला महिला और पुरुष अस्पताल में अग्निशमन प्रणाली के करीब चार बॉक्स खराब मिले। यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि 21 मई को चौथे तल पर शॉर्ट सर्किट से आग लग चुकी है। उस समय दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। अस्पताल में मरीजों, नवजातों और तीमारदारों की मौजूदगी के बीच अग्निशमन उपकरणों का दुरुस्त रहना जरूरी है।
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ओपीडी में विशेषज्ञ का इंतजार, जूनियर डॉक्टर देख रहे मरीज
महिला अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में मरीज डॉक्टर के इंतजार में बैठे मिले। मेडिसिन विभाग में जूनियर डॉक्टर मरीजों को देखते और दवाएं लिखते नजर आए। विशेषज्ञ चिकित्सक के इंतजार के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पानी पीने की जगह काई और बदबू
महिला अस्पताल में पेयजल स्थल के आसपास काई और गंदगी मिली। बदबू के बीच मरीज और तीमारदार पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के पास गंदा पानी जमा मिला। लंबे समय से पानी ठहरा होने के कारण वहां काई जम गई है।
संपूर्ण सुरक्षा केंद्र ही जर्जर भवन में
महिला अस्पताल का संपूर्ण सुरक्षा केंद्र जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। कई जगह छज्जे के पास सीमेंट उखड़ी हुई है। खिड़की का शीशा भी टूटा हुआ है। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाला केंद्र खुद ही सुरक्षित स्थिति में नहीं है।