फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   The head of the country's visit to Ayodhya has given many messages to the world.

विश्व को कई संदेश दे गया देश के प्रमुख का अयोध्या दौरा

Mon, 30 Aug 2021 01:02 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 01:02 AM IST
विज्ञापन
The head of the country's visit to Ayodhya has given many messages to the world.
अयोध्या-रविवार को सजा रामलला का दरबार - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। देश के प्रमुख रामनाथ कोविंद का रविवार को अयोध्या दौरा विश्व को कई संदेश दे गया। रामनाथ कोविंद स्वतंत्र भारत के इतिहास में रामलला के दर्शन कर पूजा-आरती करने वाले पहले राष्ट्रपति बने।
विज्ञापन

राष्ट्रपति का राममंदिर दर्शन रामनगरी के पौराणिक वैभव की पुर्नस्थापना का भी संकेत है। सुप्रीम फैसले के बाद जब भव्य मंदिर निर्माण के साथ रामनगरी और रामलला का खोया वैैभव वापस लौट रहा है।
विज्ञापन

ऐसे में राष्ट्रपति द्वारा रामलला के दर्शन-पूजन को राष्ट्र की अस्मिता से जोड़कर देखा जा रहा है। रामनगरी को दुनिया की प्रथम नगरी माना जाता है। सृष्टि के प्रथम मनुष्य महाराज मनु ने इसकी स्थापना की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

युगों का सफर तय करने के बाद भी अयोध्या की धार्मिक आभा निंरतर चमत्कृत होती रही। अयोध्या भले ही सदियों से उपेक्षित रही हो पर इसकी महिमा को मुस्लिम शासकों से लेकर अंग्रेजों ने भी समझा।
इसलिए अयोध्या पर आधिपत्य जमाने की कई कोशिशें भी हुईं। ऐसी कहानियां मिलती हैं जिसमें यह जिक्र है कि कई मुस्लिम शासक अयोध्या की धार्मिकता से प्रभावित रहे।
अंग्रेज विद्वान एडवर्ड के 148 माइल स्टोन आज भी रामनगरी की पौराणिकता के गवाह हैं। फैजाबाद गजेटियर के अनुसार 1902 में तत्कालीन आईसीएस आरसी होबर्ट, जिलाधिकारी फैजाबाद ने इस नगरी की पौराणिकता को देखते हुए एडवर्ड अयोध्या तीर्थ विवेचनी सभा नाम की एक समिति का गठन किया था।
विवेचनी सभा ने एडवर्ड सप्तम के राज्यारोहण समारोह पर वर्ष 1902 में अयोध्या के 148 मठ-मंदिरों, कुंडों, सागरों व अन्य पौराणिक स्थलों पर एडवर्ड के नाम के शिलापट लगवाए थे।
सुप्रीम कोर्ट में राममंदिर के पक्ष में फैसला के लिए यह माइल स्टोन अहम सबूत साबित हुए थे। अब चूंकि सदियों से संतप्त रही अयोध्या की गौरव-गरिमा पुर्नस्थापित हो रही है।
ऐसे में देश के प्रमुख का सृष्टि की प्रथम नगरी में आकर दर्शन-पूजन करना रामनगरी की श्रेष्ठता का प्रमाण है। राष्ट्रपति रामनगरी की धार्मिकता में लीन दिखे।
उन्होंने रामजन्मभूमि में सपत्नीक रामलला की आरती उतारने व दर्शन-पूजन के साथ-साथ जब राममंदिर निर्माण की प्रक्रिया की ओर गौर किया तो वे जन-जन के राम...की अवधारणा को भी पुष्ट करते दिखे।
ज.गु.रामदिनेशाचार्य कहते हैं कि रामनगरी अयोध्या अब पूरे विश्व के लिए प्रेरक बन रही है। यह सच्चाई देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति के अयोध्या आगमन से और भी पुष्ट हुई है।
राष्ट्रपति का अयोध्या दौरा रामनगरी के गौरव, महिमा, गरिमा के उत्कर्ष का परिचायक है। यह परिदृश्य रामलला के प्रति जन-जन की आस्था का शिखर बयां करने के साथ ही रामनगरी की संभावनाएं भी प्रशस्त करने वाला है।
जब भी राममंदिर का जिक्र आएगा तो अगस्त जरूर याद आएगा। रानगरी के लिए अगस्त का महीना खास है। अगस्त में ही भूमिपूजन हुआ, दशकों बाद रामलला चांदी के झूले पर विराजे।
नींव का काम भी पूरा हुआ तो देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति का भी अयोध्या की धरती पर पहली बार आगमन हुआ। इन सभी शुभ आयोजनों ने अगस्त माह को रामनगरी के लिए खास बना दिया है।

पिछले वर्ष 05 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ साल बाद राममंदिर की आधारशिला रखी थी, तो एक साल बाद 29 अगस्त को स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार देश के राष्ट्रपति का रामलला के दरबार में आगमन हुआ। इसी माह नागपंचमी को दशकों बाद रामलला चांदी के झूले पर भी विराजे हैं तो राममंदिर की नींव का काम भी इसे महीना पूरा हो गया है।

अयोध्या-रविवार को रामलला के दरबार में पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद साथ मे मौजूद राष्ट्रपति क

अयोध्या-रविवार को रामलला के दरबार में पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद साथ मे मौजूद राष्ट्रपति क- फोटो : FAIZABAD

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed