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नए परिवेश में तैयार हो रही धर्म व अध्यात्म की आधारभूमि
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अयोध्या। कोरोना संक्रमण के चलते दो साल तक परंपरा निवर्हन तक ही सीमित रहे श्रीराम विवाहोत्सव का उल्लास इस बार थमने का नाम नहीं ले रहा। भक्तों में अपने आराध्य के विवाहोत्सव में शामिल होने की उमंग तो है ही साथ ही राम मंदिर निर्माण को बनता देखने की खुशी भी थमने का नाम नहीं ले रही।
उत्सव के मुख्य पर्व विवाह पंचमी पर बुधवार को रामनगरी में भक्तों की भारी भीड़ जुटी। इसमें जुटे भक्तों में रामलला के साथ ही राममंदिर निर्माण कार्य के दर्शन की ललक हिलोरे मानती दिखी। दर्शन के बाद उत्साहित श्रद्धालु खुलकर बोले कि राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या अब नए परिवेश में धर्म व अध्यात्म की आधार भूमि बनती दिख रही है।
लखनऊ निवासी व्यापारी अंकित गुप्ता रामलला का दर्शन करने के बाद निहाल दिखेे। बोले कि राम विवाहोत्सव में शामिल होने आए हैं। लंबे संघर्ष के बाद श्रीराम की मर्यादा के अनुरूप भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, मंदिर निर्माण कार्य के दर्शन का आनंद शब्दों में बयां नही किया जा सकता।
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बस्ती निवासी प्रधानाचार्य पंडित अवधेश मिश्र ने कहा कि यह तय है कि राममंदिर निर्माण के साथ-साथ अब नए परिवेश में धर्म, संस्कृति, अध्यात्म की आधारभूमि का सृजन हो रहा है। दिल्ली निवासी नरेश गर्ग के चेहरे पर भी रामलला के दर्शन की खुशी छलकती दिखी। कहा कि राम मंदिर निर्माण से न सिर्फ सनातन संस्कृति समृद्ध होगी बल्कि आकार ले रही दिव्य-भव्य अयोध्या भी नई ऊर्जा के साथ पूरे विश्व का नेतृत्व करेगी।
मध्यप्रदेश निवासी श्रद्धा शर्मा बोलीं कि अयोध्या अब पहले से ज्यादा ओजस्वी लगती है। मंदिर मस्जिद विवाद से मुक्ति के बाद ही यह संभव हो पाया है। एक महाविद्यालय में प्रोफेसर बाराबंकी निवासी रामकुमार शर्मा व एमए के छात्र सचिन शुक्ला ने उम्मीद जतायी कि नई अयोध्या धर्म व अध्यात्म के साथ-साथ रोजगार व पयर्टन का भी प्रधान केंद्र बनेगी।
राम विवाहोत्सव में उमड़ी भीड़ देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब पूरे विश्व को अयोध्या आकर्षित करने लगी है। अब जरूरत सिर्फ संसाधनों से लैसे होने की है। 80 वर्षीय गुजरात निवासी सुमन बेन व्हीलचेयर पर बैठकर रामलला का दर्शन कर लौटीं तो उनके आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे थे। पूछने पर बोलीं कि यह आंतरिक संतुष्टि के आंसू हैं। परब्रह्म का मंदिर बनते देखा, अत्यंत खुशी है। निश्चित रूप से नई अयोध्या का वैभव, अद्भुत व अलौकिक होगा।
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उत्सव के मुख्य पर्व विवाह पंचमी पर बुधवार को रामनगरी में भक्तों की भारी भीड़ जुटी। इसमें जुटे भक्तों में रामलला के साथ ही राममंदिर निर्माण कार्य के दर्शन की ललक हिलोरे मानती दिखी। दर्शन के बाद उत्साहित श्रद्धालु खुलकर बोले कि राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या अब नए परिवेश में धर्म व अध्यात्म की आधार भूमि बनती दिख रही है।
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लखनऊ निवासी व्यापारी अंकित गुप्ता रामलला का दर्शन करने के बाद निहाल दिखेे। बोले कि राम विवाहोत्सव में शामिल होने आए हैं। लंबे संघर्ष के बाद श्रीराम की मर्यादा के अनुरूप भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, मंदिर निर्माण कार्य के दर्शन का आनंद शब्दों में बयां नही किया जा सकता।
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बस्ती निवासी प्रधानाचार्य पंडित अवधेश मिश्र ने कहा कि यह तय है कि राममंदिर निर्माण के साथ-साथ अब नए परिवेश में धर्म, संस्कृति, अध्यात्म की आधारभूमि का सृजन हो रहा है। दिल्ली निवासी नरेश गर्ग के चेहरे पर भी रामलला के दर्शन की खुशी छलकती दिखी। कहा कि राम मंदिर निर्माण से न सिर्फ सनातन संस्कृति समृद्ध होगी बल्कि आकार ले रही दिव्य-भव्य अयोध्या भी नई ऊर्जा के साथ पूरे विश्व का नेतृत्व करेगी।
मध्यप्रदेश निवासी श्रद्धा शर्मा बोलीं कि अयोध्या अब पहले से ज्यादा ओजस्वी लगती है। मंदिर मस्जिद विवाद से मुक्ति के बाद ही यह संभव हो पाया है। एक महाविद्यालय में प्रोफेसर बाराबंकी निवासी रामकुमार शर्मा व एमए के छात्र सचिन शुक्ला ने उम्मीद जतायी कि नई अयोध्या धर्म व अध्यात्म के साथ-साथ रोजगार व पयर्टन का भी प्रधान केंद्र बनेगी।
राम विवाहोत्सव में उमड़ी भीड़ देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब पूरे विश्व को अयोध्या आकर्षित करने लगी है। अब जरूरत सिर्फ संसाधनों से लैसे होने की है। 80 वर्षीय गुजरात निवासी सुमन बेन व्हीलचेयर पर बैठकर रामलला का दर्शन कर लौटीं तो उनके आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे थे। पूछने पर बोलीं कि यह आंतरिक संतुष्टि के आंसू हैं। परब्रह्म का मंदिर बनते देखा, अत्यंत खुशी है। निश्चित रूप से नई अयोध्या का वैभव, अद्भुत व अलौकिक होगा।