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साफ-सफाई में 134वें पायदान पर पहुंचा शहर

Sat, 20 Nov 2021 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 11:42 PM IST
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The city reached the 134th position in cleanliness
अयोध्या। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में नगर निगम अयोध्या की रैंकिंग पिछले वर्ष की तुलना में कम हो गई है। इस बार अयोध्या नगर निगम को राष्ट्रीय रैंकिंग में 134वां स्थान मिला है। अयोध्या ने देश के 4320 शहरों में यह स्थान हासिल किया है। अयोध्या को इस बार राष्ट्रीय स्तर पर 2072 व प्रदेश स्तर पर 1939 अंक मिले हैं। हालांकि पिछली बार अयोध्या को राष्ट्रीय सूची में 97वां स्थान मिला था।
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अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में लगभग साढ़े चार लाख की आबादी निवास करती है। नगर निगम का क्षेत्र पहले ही ओडीएफ घोषित हो चुका है। अयोध्या जोन में सूखे व गीले कचरे को अलग करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। फैजाबाद जोन में अभी तक यह व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। पिछले दो वर्षों से डोर-टू-डोर कचरा संकलित करने का भी काम चल रहा है लेकिन डंपिंग सेंटरों से कचरा कई कई दिनों तक नहीं उठ रहा है।
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अयोध्या नगर निगम की सबसे बड़ी समस्या यह है कि अयोध्या में प्रतिदिन 120 टन कचरा निकलता है लेकिन अभी तक कचरों को वैज्ञानिक विधि से उपचारित करने के लिए वेस्टेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लग सका है। जिला प्रशासन व नगर निगम प्रशासन ने संयुक्त रूप से पिरखौली में लगभग 12 एकड़ भूमि ने चिह्नित कर रखी है। इसे नगर निगम के खाते में दर्ज किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही वेस्टेज ट्रीटमेंट प्लांट लगने की उम्मीद है।
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इस सबके अलावा अयोध्या नगर निगम प्रशासन ने कचरों को खुले स्थान पर न रखने के लिए छह बड़े डंपिंग सेंटर बनाए हैं लेकिन इन तक कचरे पहुंच नहीं पा रहे हैं। अयोध्या में शासन के निर्देेश पर मैकेनाइज्ड स्वीपिंग का काम भी शुरू हो चुका है। इसके अलावा अयोध्या नगर निगम क्षेत्र की साफ-सफाई का जिम्मा आउटसोर्स कंपनी को सौंपा जा चुका है। अयोध्या में आउटसोर्स कंपनी ने अपना काम भी शुरू कर दिया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद भी शहर स्वच्छ नहीं दिखाई दे रहा है।
अयोध्या नगर निगम में पिछले वर्ष की अपेक्षा सामुदायिक शौचालयों की भी संख्या बढ़ी है। यहां मौजूदा समय में 40 से अधिक स्थानों पर सामुदायिक शौचालय चल रहे हैं। कुछ स्थानों पर इनकी स्थिति ठीक नहीं है, इसके लिए नगर निगम प्रशासन पिछले एक वर्ष से काम कर रहा है।
इसके अलावा अयोध्या नगर निगम पहले से खुले में शौच से मुक्त है। प्रत्येक घर में शौचालय का निर्माण हो चुका है। इन तमाम कारकों के बीच अयोध्या की सफाई व्यवस्था में गिरावट दर्ज की गई है जिसका असर रैंकिंग पर पड़ा है।
अयोध्या नगर निगम क्षेत्र का पिछले वर्ष विस्तार हुआ है। इसमें 41 ग्राम सभाएं शामिल की गई हैं लेकिन मैन पावर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। लगभग छह माह बीत जाने के बाद भी नगर निगम के विस्तारित इलाकों में अभी न तो झाड़ूू लग रही है और न ही कूड़ा उठ रहा है।
इसका कारण यह है कि नगर निगम के विस्तार के बाद मैन पावर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। पुराने कर्मचारियों पर ही नए इलाकों की जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। इससे नए इलाकों की सफाई व्यवस्था नगर निगम में शामिल होने के बाद जस की तस है।

नगर आयुक्त विशाल सिंह ने बताया कि पिछली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में शहरों की संख्या कम थी। इस बार दोगुने से अधिक शहरों को स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल किया गया है। इसके सापेक्ष हम अपनी रैंकिंग को बहुत ज्यादा गिरने से बचा पाए हैं। भविष्य में अयोध्या पूरी तरह स्वच्छ दिखाई देगी।
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