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मानक से ज्यादा मतदाता वाले गांवों की जांच
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2015 10:27 PM IST
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राज्य निर्वाचन आयोग का मानना है कि जनसंख्या के सापेक्ष मतदाताओं का औसत लगभग 65 फीसदी होता है। इसी के आधार पर निर्वाचन विभाग ने पिछले चुनाव की मतदाता सूची और 2011 की जनसंख्या के अनुपात को निकाला तो 65 फीसदी औसत से ऊपर की दर्जनों गांव पंचायतें पाई गई।
बताया गया है कि इस गुणा गणित में जिले में मतदाताओं और जनसंख्या का औसत 69.5 फीसदी से ऊपर पाया गया। उसी में से ऐसी ग्राम पंचायतों चिह्नित की गई। जिनमें 60 से 90 फीसदी तक जनसंख्या और वोटरों का औसत रहा है।
इसी औसत की असलियत जानने की कोशिश की जा रही है। किन कारणों से इन ग्राम पंचायतों का औसत ज्यादा है। इन ग्राम पंचायतों में उपजिलाधिकारियों को 80 फीसदी से ज्यादा औसत वाली ग्राम पंचायतों को, 70 से 80 फीसदी के बीच वाली ग्राम पंचायतों को तहसीलदार, और 65 से ऊपर वाली ग्राम पंचायतों को तहसीलदार को जांच के लिए सौंपा गया है।
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इसी तरह 11 अन्य अफसरों को भी जांच के लिए लगाया गया है। इन ग्राम पंचायतों में खोजनपुर, चांदपुर हरंवंश, मूड़ाडीहा, भौरीपुर, आशापुर, ताजपुर कोडऱा, नेवती, खैरी, रेवना, देवगिरी जैसी कई अन्य ग्राम पंचायतें हैं।
इन गांवों में जांच करके वोटरों के बारे में जानकारी की जाएगी कि यह मतदाता गांव में रहते भी हैं या नहीं जिनके कारण गांव के मतदाताओं का औसत बढ़ रहा है। अफसरों ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
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बताया गया है कि इस गुणा गणित में जिले में मतदाताओं और जनसंख्या का औसत 69.5 फीसदी से ऊपर पाया गया। उसी में से ऐसी ग्राम पंचायतों चिह्नित की गई। जिनमें 60 से 90 फीसदी तक जनसंख्या और वोटरों का औसत रहा है।
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इसी औसत की असलियत जानने की कोशिश की जा रही है। किन कारणों से इन ग्राम पंचायतों का औसत ज्यादा है। इन ग्राम पंचायतों में उपजिलाधिकारियों को 80 फीसदी से ज्यादा औसत वाली ग्राम पंचायतों को, 70 से 80 फीसदी के बीच वाली ग्राम पंचायतों को तहसीलदार, और 65 से ऊपर वाली ग्राम पंचायतों को तहसीलदार को जांच के लिए सौंपा गया है।
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इसी तरह 11 अन्य अफसरों को भी जांच के लिए लगाया गया है। इन ग्राम पंचायतों में खोजनपुर, चांदपुर हरंवंश, मूड़ाडीहा, भौरीपुर, आशापुर, ताजपुर कोडऱा, नेवती, खैरी, रेवना, देवगिरी जैसी कई अन्य ग्राम पंचायतें हैं।
इन गांवों में जांच करके वोटरों के बारे में जानकारी की जाएगी कि यह मतदाता गांव में रहते भी हैं या नहीं जिनके कारण गांव के मतदाताओं का औसत बढ़ रहा है। अफसरों ने इसकी जांच शुरू कर दी है।