फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   sri krishna janmaashtami

पांच हजार वर्ष बाद श्रीकृष्ण के जन्म जैसा योग

Tue, 23 Aug 2016 11:10 PM IST
फैजाबाद
फैजाबाद Updated Tue, 23 Aug 2016 11:10 PM IST
विज्ञापन
sri krishna janmaashtami
जनमाष्टमी
रामनगरी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां चरम पर हैं। इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वही संयोग बन रहा है, जो 5 हजार वर्ष पूर्व भगवान कृष्ण के जन्म पर था। इस जन्माष्टमी पर अष्टमी, उदयातिथि व मध्य रात्रि जन्मोत्सव के समय रोहिणी नक्षत्र का अद्भुत संयोग बन रहा है।
विज्ञापन


इस जन्माष्टमी के पर्व को ज्योतिषी अत्यन्त फलदायक एवं शुभ बता रहे हैं। ख्यातिलब्ध तांत्रिक एवं ज्योतिषाचार्य स्वामी हरिदयाल मिश्र बताते हैं कि इस बार 5 हजार पूर्व का संयोग बन रहा है जैसा भगवान श्रीकृष्ण का जन्म पर था।
विज्ञापन


माह, तिथि, वार और चन्द्रमा की स्थिति वैसी ही है जैसी श्रीकृष्ण जन्म के समय थी। इस लिहाज से यह जन्मोत्सव पर्व शुभकारक है। भगवान का जन्म भाद्रपद कृष्णपक्ष की अष्टमी बुधवार बुधवार को रोहिणी नक्षत्र और वृषभ के चन्द्रमा की स्थिति में हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बार जन्माष्टमी 25 अगस्त के दिन सूर्योदय के साथ ही अष्टमी तिथि का आगमन हो रहा है। अष्टमी तिथि 24 अगस्त को रात्रिकाल 10.13 पर ही लग जाएगी जो 25 अगस्त की रात्रि 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगी।

श्री मिश्र बताते हैं कि कुछ ऐसा ही संयोग 58 वर्ष पूर्व 1958 में भी बना था। 58 साल बाद ऐसा संयोग दोबारा आया है। भाद्रपद, कृष्ण पक्ष और रोहिणी नक्षत्र के अद्भुत संयोग में मनाया जाने वाला जन्मोत्सव पर्व सर्वोत्तम फलदायक होगा।


कहा, 24 अगस्त बुधवार रात्रि 10.13 बजे से अष्टमी शुरू हो रही है। इस वजह से तिथि काल मानने वाले बुधवार को भी जन्मोत्सव मनाएंगे, लेकिन गुरुवार उदयकाल की तिथि में जन्मोत्सव मनाना शास्त्र सम्मत रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed