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सपा प्रत्याशी व पूर्व विधायक अभय सिंह गिरफ्तार
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अयोध्या। विधानसभा क्षेत्र गोसाईगंज में भाजपा-सपा समर्थकों के बीच शुक्रवार की रात हुए संघर्ष के मामले में थाना महाराजगंज पुलिस ने दोनों पक्ष की तहरीर पर हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इसी मामले में पुलिस ने भी दोनों पक्षों पर थाने में बवाल करने, पत्थरबाजी करने व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया है।
वहीं, पुलिस ने शनिवार तड़के करीब चार बजे सपा प्रत्याशी व पूर्व विधायक अभय सिंह व उनके तीन समर्थकों को राजेपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। उधर, भाजपा प्रत्याशी आरती तिवारी के समर्थक विकास सिंह व उनके दो समर्थकों को गिरफ्तार किया गया। अभय और खब्बू के बीच चल रही तनातनी से क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
गोसाईगंज विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रहे भाजपा व सपा प्रत्याशी के समर्थकों के बीच शुक्रवार रात तीसरी बार महाराजगंज थाने से कुछ ही दूर स्थित नेव कबीरपुर गांव में संघर्ष हुआ। इस दौरान दोनों तरफ से हवाई फायर भी की गई। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। इसके बाद दोनों दलों के समर्थक थाने पहुंचे और यहां पत्थरबाजी की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
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सूचना पर देर रात डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और थाने पर एकत्र भीड़ को बल प्रयोग कर तितर-बितर किया। वहीं, सपा प्रत्याशी पूर्व विधायक अभय सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह प्रचार करने जाना बाजार जा रहे थे। उनके आगे पुलिस की गाड़ी चल रही थी।
नेव कबीरपुर चौराहे पर रास्ता ब्लॉक था, एस्कॉर्ट व गनर ने रास्ता खाली कराने के बाद जब गाड़ी आगे बढ़ी तो कुछ ही दूर पर देवगढ़ निवासी विकास सिंह हाथ में पिस्टल लिए खड़ा था। उसके साथ पूरा बाजार निवासी रमेश दहाड़े व अन्य 20 लोग थे। इस दौरान उनकी गाड़ी पर किसी ने पत्थर फेंका, गनर नीचे उतरा तो ताबड़तोड़ पांच-छह राउंड गोलियां चलाई र्गइं। इस दौरान विकास चिल्लाया कि घेर लो और जान से मार दो, बचने न पाए। लेकिन सरकारी गनर की सक्रियता से उनकी जान बच गई।
वहीं, विकास सिंह ने अपनी तहरीर में बताया कि वह रात करीब 8:15 बजे नेव कबीरपुर से एक निमंत्रण से वापस लौट रहे थे तभी वहां सपा प्रत्याशी अभय सिंह अपने काफिले के साथ आ गए और इनकी गाड़ियों को देखते ही ललकारते हुए कहा कि मारो इनको, आज बचने न पाएं। इस दौरान अभय सिंह ने पिस्टल से उनके ऊपर फायर भी किया लेकिन वह बाल-बाल बच गए। बताया कि वह भाजपा प्रत्याशी आरती तिवारी के समर्थक हैं, इसलिए अभय उनसे रंजिश रखते हैं।
मामले में पुलिस ने सपा प्रत्याशी अभय सिंह की तहरीर पर विकास सिंह व रमेश दहाड़े समेत 20 अज्ञात के खिलाफ और विकास सिंह की तहरीर पर अभय सिंह व उनके कई समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं दोनों पक्षों द्वारा थाने में बवाल करने व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अभय सिंह व उनके सौ समर्थकों व विकास सिंह व उनके 60-70 समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मामले में पुलिस ने शनिवार की भोर में करीब चार बजे सपा प्रत्याशी अभय सिंह व उनके तीन समर्थकों को राजेपुर स्थित उनके आवास से व विकास सिंह व उनके दो समर्थकों को देवगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को पुलिस लाइन लाया गया जहां पुलिस ने दोनों का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया।
उप जिला मजिस्ट्रेट सदर की अदालत में दोनों को जमानत पर रिहा करने की अर्जी दी गई। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को पांच लाख की दो जमानत व इतनी ही धनराशि के निजी मुचलके दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया। आदेश के बाद दोनों पक्षों की तरफ से जमानत नामा व निजी मुचलका दाखिल किया गया। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को रिहा कर दिया।
मामले में अगली पेशी 26 फरवरी निर्धारित की गई है। उप जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि यदि दोनों की तरफ से बंधपत्र और जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया गया तो जमानत धनराशि जब्त करते हुए उसे वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। देर शाम बाकी पांच लोगों को भी मुचलका भरवाकर रिहा कर दिया गया।
सपा प्रत्याशी ने सुबह करीब चार बजे अपनी गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उसमें उन्होंने कहा कि एक तरफ उनके ऊपर जानलेवा हमला हुआ तो दूसरी तरफ पुलिस ने उन्हीं को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। कहा कि अब वह जेल जा रहे हैं, अब जनता को चुनाव लड़ना होगा।
हालांकि शाम को उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। वहीं विकास सिंह ने भी अभय से अपनी जान का खतरा बताते हुए कहा कि वह भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं, इसीलिए अभय उनकी हत्या कराना चाहते हैं।
सपा-भाजपा समर्थकों के बीच विवाद के दौरान थाना महाराजगंज के गेट पर पत्रकार की पिटाई के मामले में पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने शंभूनाथ सिंह उर्फ दीपू निवासी रामपुर मया नागीपुर के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़ित पत्रकार राम प्रकाश तिवारी ने अपनी तहरीर में बताया कि थाने पर बवाल होने की सूचना पर वह समाचार संकलन के लिए महाराजगंज थाने पर पहुंचे तो गेट पर सपा समर्थक एक दिव्यांग को पीट रहे थे जिसे उन्होंने अपने मोबाइल में कैद कर लिया।
इससे वह चिढ गए, इस दौरान वहां मौजूद शंभूनाथ सिंह ने उनका मोबाइल छीन लिया और वहां मौजूद लोगों को उनको जान से मारने के लिए कहा। इस पर लोगों ने उन पर हमला कर दिया व उनके जेब में रखे छह हजार रुपये भी छीन लिए। इससे उन्हें गंभीर चोटें आई और वह किसी तरह जान बचाकर वहां से भागे और कनकपुर के पास बेहोश होकर गिर गये। थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि आरोपी शंभूनाथ सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि सपा प्रत्याशी अभय सिंह व भाजपा प्रत्याशी के समर्थक विकास सिंह की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। अभय को उनके तीन समर्थकों व विकास को उनके दो समर्थकों के साथ गिरफ्तार कर सभी सातों लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया है। वहीं, थाने में हुए बवाल के मामले में पुलिस ने दोनों व उनके समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। घटना में और कौन-कौन शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है।
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वहीं, पुलिस ने शनिवार तड़के करीब चार बजे सपा प्रत्याशी व पूर्व विधायक अभय सिंह व उनके तीन समर्थकों को राजेपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। उधर, भाजपा प्रत्याशी आरती तिवारी के समर्थक विकास सिंह व उनके दो समर्थकों को गिरफ्तार किया गया। अभय और खब्बू के बीच चल रही तनातनी से क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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गोसाईगंज विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रहे भाजपा व सपा प्रत्याशी के समर्थकों के बीच शुक्रवार रात तीसरी बार महाराजगंज थाने से कुछ ही दूर स्थित नेव कबीरपुर गांव में संघर्ष हुआ। इस दौरान दोनों तरफ से हवाई फायर भी की गई। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। इसके बाद दोनों दलों के समर्थक थाने पहुंचे और यहां पत्थरबाजी की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
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सूचना पर देर रात डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और थाने पर एकत्र भीड़ को बल प्रयोग कर तितर-बितर किया। वहीं, सपा प्रत्याशी पूर्व विधायक अभय सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह प्रचार करने जाना बाजार जा रहे थे। उनके आगे पुलिस की गाड़ी चल रही थी।
नेव कबीरपुर चौराहे पर रास्ता ब्लॉक था, एस्कॉर्ट व गनर ने रास्ता खाली कराने के बाद जब गाड़ी आगे बढ़ी तो कुछ ही दूर पर देवगढ़ निवासी विकास सिंह हाथ में पिस्टल लिए खड़ा था। उसके साथ पूरा बाजार निवासी रमेश दहाड़े व अन्य 20 लोग थे। इस दौरान उनकी गाड़ी पर किसी ने पत्थर फेंका, गनर नीचे उतरा तो ताबड़तोड़ पांच-छह राउंड गोलियां चलाई र्गइं। इस दौरान विकास चिल्लाया कि घेर लो और जान से मार दो, बचने न पाए। लेकिन सरकारी गनर की सक्रियता से उनकी जान बच गई।
वहीं, विकास सिंह ने अपनी तहरीर में बताया कि वह रात करीब 8:15 बजे नेव कबीरपुर से एक निमंत्रण से वापस लौट रहे थे तभी वहां सपा प्रत्याशी अभय सिंह अपने काफिले के साथ आ गए और इनकी गाड़ियों को देखते ही ललकारते हुए कहा कि मारो इनको, आज बचने न पाएं। इस दौरान अभय सिंह ने पिस्टल से उनके ऊपर फायर भी किया लेकिन वह बाल-बाल बच गए। बताया कि वह भाजपा प्रत्याशी आरती तिवारी के समर्थक हैं, इसलिए अभय उनसे रंजिश रखते हैं।
मामले में पुलिस ने सपा प्रत्याशी अभय सिंह की तहरीर पर विकास सिंह व रमेश दहाड़े समेत 20 अज्ञात के खिलाफ और विकास सिंह की तहरीर पर अभय सिंह व उनके कई समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं दोनों पक्षों द्वारा थाने में बवाल करने व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अभय सिंह व उनके सौ समर्थकों व विकास सिंह व उनके 60-70 समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मामले में पुलिस ने शनिवार की भोर में करीब चार बजे सपा प्रत्याशी अभय सिंह व उनके तीन समर्थकों को राजेपुर स्थित उनके आवास से व विकास सिंह व उनके दो समर्थकों को देवगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को पुलिस लाइन लाया गया जहां पुलिस ने दोनों का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया।
उप जिला मजिस्ट्रेट सदर की अदालत में दोनों को जमानत पर रिहा करने की अर्जी दी गई। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को पांच लाख की दो जमानत व इतनी ही धनराशि के निजी मुचलके दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया। आदेश के बाद दोनों पक्षों की तरफ से जमानत नामा व निजी मुचलका दाखिल किया गया। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को रिहा कर दिया।
मामले में अगली पेशी 26 फरवरी निर्धारित की गई है। उप जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि यदि दोनों की तरफ से बंधपत्र और जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया गया तो जमानत धनराशि जब्त करते हुए उसे वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। देर शाम बाकी पांच लोगों को भी मुचलका भरवाकर रिहा कर दिया गया।
सपा प्रत्याशी ने सुबह करीब चार बजे अपनी गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उसमें उन्होंने कहा कि एक तरफ उनके ऊपर जानलेवा हमला हुआ तो दूसरी तरफ पुलिस ने उन्हीं को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। कहा कि अब वह जेल जा रहे हैं, अब जनता को चुनाव लड़ना होगा।
हालांकि शाम को उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। वहीं विकास सिंह ने भी अभय से अपनी जान का खतरा बताते हुए कहा कि वह भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं, इसीलिए अभय उनकी हत्या कराना चाहते हैं।
सपा-भाजपा समर्थकों के बीच विवाद के दौरान थाना महाराजगंज के गेट पर पत्रकार की पिटाई के मामले में पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने शंभूनाथ सिंह उर्फ दीपू निवासी रामपुर मया नागीपुर के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़ित पत्रकार राम प्रकाश तिवारी ने अपनी तहरीर में बताया कि थाने पर बवाल होने की सूचना पर वह समाचार संकलन के लिए महाराजगंज थाने पर पहुंचे तो गेट पर सपा समर्थक एक दिव्यांग को पीट रहे थे जिसे उन्होंने अपने मोबाइल में कैद कर लिया।
इससे वह चिढ गए, इस दौरान वहां मौजूद शंभूनाथ सिंह ने उनका मोबाइल छीन लिया और वहां मौजूद लोगों को उनको जान से मारने के लिए कहा। इस पर लोगों ने उन पर हमला कर दिया व उनके जेब में रखे छह हजार रुपये भी छीन लिए। इससे उन्हें गंभीर चोटें आई और वह किसी तरह जान बचाकर वहां से भागे और कनकपुर के पास बेहोश होकर गिर गये। थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि आरोपी शंभूनाथ सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि सपा प्रत्याशी अभय सिंह व भाजपा प्रत्याशी के समर्थक विकास सिंह की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। अभय को उनके तीन समर्थकों व विकास को उनके दो समर्थकों के साथ गिरफ्तार कर सभी सातों लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया है। वहीं, थाने में हुए बवाल के मामले में पुलिस ने दोनों व उनके समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। घटना में और कौन-कौन शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है।