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डेंजर जोन से सुरक्षित जगह पहुंचे अयोध्या के छह छात्र
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रोमानिया स्थित एक रेस्टोरेंट में सुभाष वर्मा।-संवाद
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। यूक्रेन में फंसे रामनगरी के छह अन्य छात्र भी अब डेंजर जोन से निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए हैं। आशुुतोष गुप्ता, त्रिशुल गुप्ता व सुभाष वर्मा तीन दिनों से हंगरी बार्डर पर फंसे हैं।
सूरज व सनी लाल के बुडापेस्ट और मनीष के बुखारेस्ट पहुंचने की सूचना है। इन सभी को सुरक्षित आसरा मिल गया है। परिजन अपने बच्चों की वापसी को लेकर बेचैन हैं।
यूक्रेेन और रूस के बीच छिड़ी जंग में खारकीव में लगातार हमले हो रहे हैं। अभी भी अयोध्या के छह छात्र यूक्रेन के बार्डर पर फंसे हुए हैं। परिजन लगातार बच्चों से संपर्क में हैं।
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खंडासा थाना क्षेत्र के बासगांव निवासी दीनानाथ द्विवेदी का पुत्र एमबीबीएस छात्र मनीष द्विवेदी के गुरुवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने की संभावना है।
ग्रामवासी प्रगतिशील कृषक उमानाथ शुक्ला ने बताया कि परिजनों से हुई वार्ता के अनुसार यूक्रेन के समयानुसार 11 बजे की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना होगा।
रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट एयरपोर्ट के वॉलंटियर ने उसे टिकट उपलब्ध करा एयरपोर्ट में प्रवेश दिया है। मनीष द्विवेदी यूक्रेन में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। सनी लाल भी बुडापेस्ट पहुंच गया है।
वहीं मया ब्लॉक के हैदरपुर निवासी अमरजीत वर्मा का पुत्र सुभाष वर्मा रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंच गया है। अमरजीत ने बताया कि उनका बेटा सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया है अब खतरे के कोई बात नहीं है।
बस उसके आने का इंतजार है। गोसाईगंज के बबुआपुर निवासी सूरज तिवारी की माता ने बताया कि सूरज बुडापेस्ट पहुंच गया है। जहां वह अब सुरक्षित है, वहां से शीघ्र ही वह अयोध्या पहुंच जाएगा।
शहर के रिकाबगंज के महाजनी टोला निवासी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि उनका पुत्र त्रिशूल गुप्ता व भतीजा जयंत गुप्ता अभी हंगरी बार्डर पर पहुंच गए हैं। बच्चों ने जो आपबीती सुनाई है वह खौफनाक है।
बताया कि आज शाम छह बजे उनकी बच्चों से बात हुई है। यूनिवर्सिटी खाली कराए जाने के बाद बच्चे गोलाबारी के बीच जान पर खेलकर किसी तरह रेलवे स्टेेशन पहुंचे। सभी बच्चों ने पैसा एकत्र कर बस बुक की।
बस ने इन्हें हंगरी के बॉर्डर पर लाकर छोड़ दिया। बॉर्डर पर बच्चे फंसे हुए हैं, कड़ाके की ठंड में बच्चे परेशान हैं। कहा कि राहत की बात यह है कि बच्चे अब सुरक्षित स्थान पर हैं। बताया कि पांच मार्च तक उनके अयोध्या के लिए निकलने की संभावना है।
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सूरज व सनी लाल के बुडापेस्ट और मनीष के बुखारेस्ट पहुंचने की सूचना है। इन सभी को सुरक्षित आसरा मिल गया है। परिजन अपने बच्चों की वापसी को लेकर बेचैन हैं।
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यूक्रेेन और रूस के बीच छिड़ी जंग में खारकीव में लगातार हमले हो रहे हैं। अभी भी अयोध्या के छह छात्र यूक्रेन के बार्डर पर फंसे हुए हैं। परिजन लगातार बच्चों से संपर्क में हैं।
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खंडासा थाना क्षेत्र के बासगांव निवासी दीनानाथ द्विवेदी का पुत्र एमबीबीएस छात्र मनीष द्विवेदी के गुरुवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने की संभावना है।
ग्रामवासी प्रगतिशील कृषक उमानाथ शुक्ला ने बताया कि परिजनों से हुई वार्ता के अनुसार यूक्रेन के समयानुसार 11 बजे की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना होगा।
रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट एयरपोर्ट के वॉलंटियर ने उसे टिकट उपलब्ध करा एयरपोर्ट में प्रवेश दिया है। मनीष द्विवेदी यूक्रेन में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। सनी लाल भी बुडापेस्ट पहुंच गया है।
वहीं मया ब्लॉक के हैदरपुर निवासी अमरजीत वर्मा का पुत्र सुभाष वर्मा रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंच गया है। अमरजीत ने बताया कि उनका बेटा सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया है अब खतरे के कोई बात नहीं है।
बस उसके आने का इंतजार है। गोसाईगंज के बबुआपुर निवासी सूरज तिवारी की माता ने बताया कि सूरज बुडापेस्ट पहुंच गया है। जहां वह अब सुरक्षित है, वहां से शीघ्र ही वह अयोध्या पहुंच जाएगा।
शहर के रिकाबगंज के महाजनी टोला निवासी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि उनका पुत्र त्रिशूल गुप्ता व भतीजा जयंत गुप्ता अभी हंगरी बार्डर पर पहुंच गए हैं। बच्चों ने जो आपबीती सुनाई है वह खौफनाक है।
बताया कि आज शाम छह बजे उनकी बच्चों से बात हुई है। यूनिवर्सिटी खाली कराए जाने के बाद बच्चे गोलाबारी के बीच जान पर खेलकर किसी तरह रेलवे स्टेेशन पहुंचे। सभी बच्चों ने पैसा एकत्र कर बस बुक की।
बस ने इन्हें हंगरी के बॉर्डर पर लाकर छोड़ दिया। बॉर्डर पर बच्चे फंसे हुए हैं, कड़ाके की ठंड में बच्चे परेशान हैं। कहा कि राहत की बात यह है कि बच्चे अब सुरक्षित स्थान पर हैं। बताया कि पांच मार्च तक उनके अयोध्या के लिए निकलने की संभावना है।

बस से हंगरी जाते हुए त्रिशूल गुप्ता,जयंत गुप्ता व उनके दो रांची के सहपाठी।-संवाद- फोटो : FAIZABAD

यूक्रेन में फंसा अमानीगंज के बांसगांव का छात्र मनीष द्विवेदी।-संवाद- फोटो : FAIZABAD