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नगर क्षेत्र में जल्द दूर होगी शिक्षकों की कमी
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अयोध्या। पिछले कई वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे नगर क्षेत्र के विद्यालयों के दिन भी अब बहुरने वाले हैं। इन क्षेत्रों में नियुक्ति की राह देख रहे शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र से वरिष्ठता के आधार पर जल्द ही समायोजित किया जाएगा।
ऐसा होने पर शिक्षामित्रों के भरोसे चल रहे नगर क्षेत्र के 56 स्कूलों में सहूलियत मिलने की संभावना प्रबल हो गई है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा सचिव द्वारा आदेश निर्गत किया गया है।
नगर क्षेत्र में 43 प्राथमिक व 13 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। इनमें आवश्यक 80 शिक्षकों के सापेक्ष महज 27 की तैनाती की गई है। शेष में शिक्षामित्रों से काम चलाया जा रहा है।
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अब तक ग्रामीणांचल के शिक्षकों के समायोजन का कोई विकल्प न होने से इस क्षेत्र की दुश्वारियां कम नहीं हो पा रही थी। अब इसमें संशोधन करते हुए शासनादेश जारी कर दिया है, जिससे सहूलियत मिलने की उम्मीद जगी है।
जारी आदेश में कहा गया है कि विस्तारित नगर सीमा में आने वाले विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को विकल्प लेकर ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में समायोजित किया जा सकता है। इस तरह अब ग्रामीण क्षेत्र से शहर में आने का मौका शिक्षकों को मिल सकेगा।
इस समायोजन के बाद शिक्षामित्रों को भी काफी राहत मिलेगी। अध्यापकों की कमी के कारण मूल विद्यालय का शासनादेश जारी होने के बाद भी नगर क्षेत्र में शिक्षामित्र मूल विद्यालय नहीं लौट सके थे। अब अध्यापकों की पूर्ति होने पर शिक्षामित्रों को भी मूल विद्यालय लौटने का मौका मिलेगा।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनुज सिंह व मीडिया प्रभारी अनूप द्विवेदी ने कहा कि इस आदेश से शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में आने के दरवाजे खुले हैं तो दूसरी ओर नगरीय क्षेत्र के शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय जाने का मौका मिल सकेगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमिता सिंह ने बताया कि शासन से आदेश प्राप्त हुआ है। जिले में कार्यरत शिक्षकों से विकल्प पत्र प्राप्त करके बीते वर्ष 20 मई तक कार्यरत सभी शिक्षकों की सूचना संकलित करके भेजा जाएगा।
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ऐसा होने पर शिक्षामित्रों के भरोसे चल रहे नगर क्षेत्र के 56 स्कूलों में सहूलियत मिलने की संभावना प्रबल हो गई है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा सचिव द्वारा आदेश निर्गत किया गया है।
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नगर क्षेत्र में 43 प्राथमिक व 13 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। इनमें आवश्यक 80 शिक्षकों के सापेक्ष महज 27 की तैनाती की गई है। शेष में शिक्षामित्रों से काम चलाया जा रहा है।
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अब तक ग्रामीणांचल के शिक्षकों के समायोजन का कोई विकल्प न होने से इस क्षेत्र की दुश्वारियां कम नहीं हो पा रही थी। अब इसमें संशोधन करते हुए शासनादेश जारी कर दिया है, जिससे सहूलियत मिलने की उम्मीद जगी है।
जारी आदेश में कहा गया है कि विस्तारित नगर सीमा में आने वाले विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को विकल्प लेकर ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में समायोजित किया जा सकता है। इस तरह अब ग्रामीण क्षेत्र से शहर में आने का मौका शिक्षकों को मिल सकेगा।
इस समायोजन के बाद शिक्षामित्रों को भी काफी राहत मिलेगी। अध्यापकों की कमी के कारण मूल विद्यालय का शासनादेश जारी होने के बाद भी नगर क्षेत्र में शिक्षामित्र मूल विद्यालय नहीं लौट सके थे। अब अध्यापकों की पूर्ति होने पर शिक्षामित्रों को भी मूल विद्यालय लौटने का मौका मिलेगा।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनुज सिंह व मीडिया प्रभारी अनूप द्विवेदी ने कहा कि इस आदेश से शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में आने के दरवाजे खुले हैं तो दूसरी ओर नगरीय क्षेत्र के शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय जाने का मौका मिल सकेगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमिता सिंह ने बताया कि शासन से आदेश प्राप्त हुआ है। जिले में कार्यरत शिक्षकों से विकल्प पत्र प्राप्त करके बीते वर्ष 20 मई तक कार्यरत सभी शिक्षकों की सूचना संकलित करके भेजा जाएगा।