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शाबास देशराज, बचा ली सैकड़ों रेल यात्रियों की जान
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अयोध्या। सालारपुर गांव के देशराज ने अपनी सूझबूझ से बुधवार सुबह साढ़े सात बजे सैकड़ों रेल यात्रियों की जान बचा ली। फैजाबाद-लखनऊ रेल मार्ग पर सालारपुर रेलवे स्टेशन के गेट नंबर-123 के पास पटरी की 70 पेंड्रोल उखड़ी हुई थीं। इसकी सूचना ग्रामीण ने पुलिस को 100 नंबर पर दी।
पीआरवी ने सूचना को सही पाने पर तत्काल जीआरपी को अलर्ट किया। सियालदह से जम्मू जा रही सियालदह एक्सप्रेस को फैजाबाद के पश्चिमी आउटर पर आनन-फानन में सिग्नल रेड करके रोका गया। मौके पर रेल अधिकारियों ने दोनों तरफ से रेल यातायात रुकवाया। फिर डेढ़ घंटे बाद उखड़े हुए पेंड्रोल को बदलकर यातायात शुरू हुआ। रेल यात्रियों ने जान बचाने वाले देशराज का शुक्रिया किया।
बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीण देशराज ने पुलिस को 100 नंबर पर सालारपुर रेलवे स्टेशन के गेट नंबर-123 के पास रेल पटरियों पर लगे पेंड्रोल के उखड़ने के सूचना दी। सूचना पर पहुंची पीआरवी ने सूचना सही पाने पर इसकी सूचना जीआरपी फैजाबाद को दी।
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सूचना पाते ही रेल विभाग में हड़कंप मच गया, आनन फानन में फैजाबाद व सोहावल स्टेशन के अधिकारी व इंजीनियरिंग विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेल अधिकारियों ने फैजाबाद से चल चुकी सियालदह ट्रेन को फैजाबाद जंक्शन के पश्चिमी गेट पर रोक दिया गया।
मौके पर पहुंचे फैजाबाद के टीडब्ल्यूआई रामकुमार वर्मा व सोहावल स्टेशन के पीडब्ल्यूआई अखिलेश गुप्ता की टीम ने करीब डेढ़ घंटे में उखड़े हुए पेंड्रोल को ठीक कराया। इस दौरान डेढ़ घंटे तक फैजाबाद-लखनऊ रेल मार्ग बंद रहा, पटरी ठीक होने के बाद सियालदह एक्सप्रेस करीब 9 बजे रवाना की गई।
समय से मिली इस सूचना ने एक बड़े रेल हादसे को होने से बचा लिया। किंतु इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ लोगों की आशंका है कि इसमें साजिश भी हो सकती है। घटना को लेकर रेल अधिकारी अलग-अलग जवाब दे रहे हैं।
फैजाबाद जीआरपी थानाध्यक्ष सूबेदार यादव का कहना है कि 5-6 पेंड्रोल ढीली हो गई थी, उसे रेल कर्मचारियों ने ठीक कर दिया।
उधर, स्टेशन मास्टर सालारपुर तरूण पांडेय को मिले मेमो में साफ कहा गया है कि 60 से 70 पेंड्रोल गायब पायी गई हैं। स्टेशन मास्टर ने इसे स्वीकार भी किया है।
वहीं रेल इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी कुछ अलग ही बयान दे रहे हैं। पीडब्ल्यूआई अखिलेश गुप्ता तो यह भी मानने के लिए तैयार नही हैं कि पेंड्रोल के निकलने से रेल हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह गांव के बच्चों की शरारत है।
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पीआरवी ने सूचना को सही पाने पर तत्काल जीआरपी को अलर्ट किया। सियालदह से जम्मू जा रही सियालदह एक्सप्रेस को फैजाबाद के पश्चिमी आउटर पर आनन-फानन में सिग्नल रेड करके रोका गया। मौके पर रेल अधिकारियों ने दोनों तरफ से रेल यातायात रुकवाया। फिर डेढ़ घंटे बाद उखड़े हुए पेंड्रोल को बदलकर यातायात शुरू हुआ। रेल यात्रियों ने जान बचाने वाले देशराज का शुक्रिया किया।
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बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीण देशराज ने पुलिस को 100 नंबर पर सालारपुर रेलवे स्टेशन के गेट नंबर-123 के पास रेल पटरियों पर लगे पेंड्रोल के उखड़ने के सूचना दी। सूचना पर पहुंची पीआरवी ने सूचना सही पाने पर इसकी सूचना जीआरपी फैजाबाद को दी।
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सूचना पाते ही रेल विभाग में हड़कंप मच गया, आनन फानन में फैजाबाद व सोहावल स्टेशन के अधिकारी व इंजीनियरिंग विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेल अधिकारियों ने फैजाबाद से चल चुकी सियालदह ट्रेन को फैजाबाद जंक्शन के पश्चिमी गेट पर रोक दिया गया।
मौके पर पहुंचे फैजाबाद के टीडब्ल्यूआई रामकुमार वर्मा व सोहावल स्टेशन के पीडब्ल्यूआई अखिलेश गुप्ता की टीम ने करीब डेढ़ घंटे में उखड़े हुए पेंड्रोल को ठीक कराया। इस दौरान डेढ़ घंटे तक फैजाबाद-लखनऊ रेल मार्ग बंद रहा, पटरी ठीक होने के बाद सियालदह एक्सप्रेस करीब 9 बजे रवाना की गई।
समय से मिली इस सूचना ने एक बड़े रेल हादसे को होने से बचा लिया। किंतु इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ लोगों की आशंका है कि इसमें साजिश भी हो सकती है। घटना को लेकर रेल अधिकारी अलग-अलग जवाब दे रहे हैं।
फैजाबाद जीआरपी थानाध्यक्ष सूबेदार यादव का कहना है कि 5-6 पेंड्रोल ढीली हो गई थी, उसे रेल कर्मचारियों ने ठीक कर दिया।
उधर, स्टेशन मास्टर सालारपुर तरूण पांडेय को मिले मेमो में साफ कहा गया है कि 60 से 70 पेंड्रोल गायब पायी गई हैं। स्टेशन मास्टर ने इसे स्वीकार भी किया है।
वहीं रेल इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी कुछ अलग ही बयान दे रहे हैं। पीडब्ल्यूआई अखिलेश गुप्ता तो यह भी मानने के लिए तैयार नही हैं कि पेंड्रोल के निकलने से रेल हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह गांव के बच्चों की शरारत है।