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क ही परिवार के 8 लोगों को तीन-तीन साल की सजा
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अयोध्या। गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप सिद्ध होने पर एक ही परिवार के 8 लोगों को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रत्येक पर साढ़े तीन हजार रुपये जुर्माना भी हुआ। फैसला अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट हरिनाथ पांडेय की अदालत से हुआ।
अभियोजन अधिकारी अशोक मिश्रा ने बताया कि घटना 24 दिसंबर 2004 की है। तारुन के परसावा महोला के रहने वाले भरथरी ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह अपने खेत में गेहूं की बोआई कर रहा था, तभी उसके गांव के राजेंद्र प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र प्रताप सिंह, लालमणि सिंह, जयप्रकाश सिंह, द्वारिका प्रसाद सिंह, सत्य प्रकाश उर्फ राहुल सिंह व शीतला प्रसाद सिंह लाठी-डंडा व असलहा लेकर आए और हमला बोल दिया।
जिसमें भरथरी, रामावतार, शिवकांत, मालती, शशिकला, बृजेश कुमार, राजा राम, श्याम कुमार घायल हो गए थे। इसकी रिपोर्ट सभी के खिलाफ गंभीर चोट पहुंचाने समेत अन्य धाराओं तथा दलित उत्पीड़न एक्ट के तहत लिखाई गई थी।
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दौरान मुकदमा शीतला प्रसाद सिंह की मौत हो गई। इसलिए मुकदमा उनके खिलाफ अबेट कर दिया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अन्य आरोपियों को गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी पाते हुए सजा दी। जबकि दलित उत्पीड़न एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया।
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अभियोजन अधिकारी अशोक मिश्रा ने बताया कि घटना 24 दिसंबर 2004 की है। तारुन के परसावा महोला के रहने वाले भरथरी ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह अपने खेत में गेहूं की बोआई कर रहा था, तभी उसके गांव के राजेंद्र प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र प्रताप सिंह, लालमणि सिंह, जयप्रकाश सिंह, द्वारिका प्रसाद सिंह, सत्य प्रकाश उर्फ राहुल सिंह व शीतला प्रसाद सिंह लाठी-डंडा व असलहा लेकर आए और हमला बोल दिया।
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जिसमें भरथरी, रामावतार, शिवकांत, मालती, शशिकला, बृजेश कुमार, राजा राम, श्याम कुमार घायल हो गए थे। इसकी रिपोर्ट सभी के खिलाफ गंभीर चोट पहुंचाने समेत अन्य धाराओं तथा दलित उत्पीड़न एक्ट के तहत लिखाई गई थी।
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दौरान मुकदमा शीतला प्रसाद सिंह की मौत हो गई। इसलिए मुकदमा उनके खिलाफ अबेट कर दिया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अन्य आरोपियों को गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी पाते हुए सजा दी। जबकि दलित उत्पीड़न एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया।