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सावन माह आज से शिवभक्ति में लीन हुई रामनगरी
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अयोध्या। अब पूरे एक माह रामनगरी शिवभक्ति में लीन है, क्योंकि सावन मास का शुभारंभ आज से हो रहा है। सावन मास में राम की नगरी मे जय श्रीराम के साथ-साथ हर-हर बम-बम, ऊं नम: शिवाय की भी गूंज होगी।
विभिन्न जिलों से लाखों भक्त अयोध्या में भगवान शिव का पूजन-अर्चन करने के लिए उमड़ेंगे। इसको लेकर जहां प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं वहीं शहर के शिवालयों को भी सजाया व संवारा जा रहा है।
प्रमुख शिवमंदिरों के आस-पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। नागेश्वरनाथ मंदिर में बैरीकेडिंग भी कराई गयी है।
सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को पड़ेगा, दूसरा सोमवार 29 जुलाई को तीसरा पांच अगस्त को व अंतिम सोमवार 12 अगस्त को पड़ेगा।
सावन के सोमवार पर रामनगरी अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसको लेकर तैयारियाें को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
वहीं, सावन मास में लाखों भक्त भगवान भोलेनाथ का दर्शन-पूजन, अभिषेक करने उमड़ते हैं। इसी बीच कावंड़ियों का रेला भी रामनगरी में उमड़ता है।
जिनको बेहतर व्यवस्था देना व सुरक्षा के इंतजाम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। जिसको लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
रामनगरी अयोध्या में शिव की आराधना की प्रमुख पीठ नागेश्वरनाथ व क्षीरेश्वरनाथ मंदिर सावन मास में भक्तों की आस्था का केंद्र होते हैं। शहर के सभी शिवमंदिरों को सजाया संवारा जा रहा है।
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पौराणिक कथाओं की मानें तो जो व्यक्ति सावन में भगवान शिव की पूजा करता है उसकी मनोकामना पूरी होती है।
सावन में भगवान शिव के साथ-साथ मां पार्वती की भी पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि जो भक्त शिव-पार्वती की पूजा करते हैं उन पर प्रभु की असीमा अनुकंपा होती है।
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विभिन्न जिलों से लाखों भक्त अयोध्या में भगवान शिव का पूजन-अर्चन करने के लिए उमड़ेंगे। इसको लेकर जहां प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं वहीं शहर के शिवालयों को भी सजाया व संवारा जा रहा है।
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प्रमुख शिवमंदिरों के आस-पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। नागेश्वरनाथ मंदिर में बैरीकेडिंग भी कराई गयी है।
सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को पड़ेगा, दूसरा सोमवार 29 जुलाई को तीसरा पांच अगस्त को व अंतिम सोमवार 12 अगस्त को पड़ेगा।
सावन के सोमवार पर रामनगरी अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसको लेकर तैयारियाें को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
वहीं, सावन मास में लाखों भक्त भगवान भोलेनाथ का दर्शन-पूजन, अभिषेक करने उमड़ते हैं। इसी बीच कावंड़ियों का रेला भी रामनगरी में उमड़ता है।
जिनको बेहतर व्यवस्था देना व सुरक्षा के इंतजाम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। जिसको लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
रामनगरी अयोध्या में शिव की आराधना की प्रमुख पीठ नागेश्वरनाथ व क्षीरेश्वरनाथ मंदिर सावन मास में भक्तों की आस्था का केंद्र होते हैं। शहर के सभी शिवमंदिरों को सजाया संवारा जा रहा है।
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पौराणिक कथाओं की मानें तो जो व्यक्ति सावन में भगवान शिव की पूजा करता है उसकी मनोकामना पूरी होती है।
सावन में भगवान शिव के साथ-साथ मां पार्वती की भी पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि जो भक्त शिव-पार्वती की पूजा करते हैं उन पर प्रभु की असीमा अनुकंपा होती है।