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सरयू लाल निशान के करीब, पलायन तेज
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:56 PM IST
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पूरा बाजार में सरयू किनारे होती कटान।
- फोटो : अमर उजाला
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भारी बारिश से बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से सरयू/घाघरा ने फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। दो दिन से स्थिर होकर घट रही नदी बीते 12 घंटे में तेजी से उफान पर है। बुधवार शाम चार बजे तक जलस्तर लाल निशान से मात्र 13 सेमी. दूर रह गया था।
सिंचाई विभाग का अनुमान है कि बढ़ाव की रफ्तार और छोड़े जा रहे पानी के कारण देर रात नदी लाल निशान को पार कर सकती है। इसी के साथ पूराबाजार व रुदौली के कछारीय इलाकों में कटान तेज हो गई है। बाढ़ प्रभावित डेढ़ दर्जन गांवों के ग्रामीणों का सुरक्षित स्थानों के लिये पलायन जारी है।
पहाड़ों व मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश से सरयू/घाघरा तेजी से खतरे के निशान को पार करने की ओर अग्रसर है। बनबसा से एक लाख 6 हजार 285 क्यूसेक और गिरिजा बैराज से एक लाख 9 हजार 35 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जेपी यादव के मुताबिक, बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज पर पानी 32 सेमी. बढ़ा है, यह उफान बुधवार शाम तक जारी था। इसका असर यहां 24 घंटे आगे तक दिखेगा। नदी का जलस्तर खतरा के निशान 92.73 मीटर को रात दो बजे तक पार कर सकता है।
केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या घाट स्थित कार्यालय के मुताबिक, शाम चार बजे नदी का जलस्तर 92.60 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया। जबकि मंगलवार को चार बजे शाम तक 92.28 मीटर पर नदी स्थिर थी। देर रात से उफान में काफी तेजी आई और बुधवार सुबह 8 बजे जलस्तर 92.50 मीटर पहुंच गया।
एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी दुबे ने बताया कि जिले में बाढ़ की स्थितियों को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट किया गया है और राजस्व टीमें मौके पर भेजी जा रही हैं।
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सिंचाई विभाग का अनुमान है कि बढ़ाव की रफ्तार और छोड़े जा रहे पानी के कारण देर रात नदी लाल निशान को पार कर सकती है। इसी के साथ पूराबाजार व रुदौली के कछारीय इलाकों में कटान तेज हो गई है। बाढ़ प्रभावित डेढ़ दर्जन गांवों के ग्रामीणों का सुरक्षित स्थानों के लिये पलायन जारी है।
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पहाड़ों व मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश से सरयू/घाघरा तेजी से खतरे के निशान को पार करने की ओर अग्रसर है। बनबसा से एक लाख 6 हजार 285 क्यूसेक और गिरिजा बैराज से एक लाख 9 हजार 35 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जेपी यादव के मुताबिक, बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज पर पानी 32 सेमी. बढ़ा है, यह उफान बुधवार शाम तक जारी था। इसका असर यहां 24 घंटे आगे तक दिखेगा। नदी का जलस्तर खतरा के निशान 92.73 मीटर को रात दो बजे तक पार कर सकता है।
केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या घाट स्थित कार्यालय के मुताबिक, शाम चार बजे नदी का जलस्तर 92.60 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया। जबकि मंगलवार को चार बजे शाम तक 92.28 मीटर पर नदी स्थिर थी। देर रात से उफान में काफी तेजी आई और बुधवार सुबह 8 बजे जलस्तर 92.50 मीटर पहुंच गया।
एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी दुबे ने बताया कि जिले में बाढ़ की स्थितियों को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट किया गया है और राजस्व टीमें मौके पर भेजी जा रही हैं।