{"_id":"580b9bd84f1c1b592c7069b4","slug":"ruckus-over-the-death-of-the-mother-and-infant","type":"story","status":"publish","title_hn":"जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा
फैजाबाद
Updated Sat, 22 Oct 2016 10:33 PM IST
विज्ञापन
फैजाबाद ः जिला महिला अस्पताल में मां-बच्चे की मौत के बाद बिलखते परिवारीजन।
- फोटो : अमर उजाला
जिला महिला अस्पताल में शनिवार को एक प्रसव पीड़िता की डिलीवरी के पहले ही लेबर रूम में मौत हो गई। इस पर अस्पताल में एकत्र महिला के परिवारीजनों ने हंगामा किया। अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। प्रकरण में अभी कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है।
रौनाही थाना क्षेत्र के रमवापुर गांव निवासी पूजा तिवारी (30) पत्नी दुर्गा प्रसाद को शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो परिवारीजनों ने उसको सीएचसी सोहावल पहुंचाया। प्रसव पीड़िता की हालत गंभीर देख सीएचसी के चिकित्सक ने उसको जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिवारीजन प्रसव पीड़िता को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसको भर्ती कर लिया और जांच के लिए सैंपल क्षेत्रीय निदान केंद्र भेजवा दिये गये। इसके बाद प्रसव पीड़िता को लेबर रूम में पहुंचा दिया गया।
विज्ञापन
क्षेत्रीय निदान केंद्र से जांच रिपोर्ट पहुंचती, इसके पूर्व ही जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। प्रसव पीड़िता की हालत गंभीर होने तथा जिला महिला अस्पताल लाए जाने की खबर पर उसके परिवार के अन्य सदस्य तथा नाते-रिश्तेदार भी जिला महिला अस्पताल पहुंचने लगे। दोपहर में परिवारीजनों व अन्य लोगों की भीड़ एकत्र होने के बाद सभी ने हंगामा व प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मृतका के पति दुर्गा प्रसाद ने बताया कि पत्नी की हालत सीरियस थी, जिसके चलते उसको यहां लाया गया। अस्पताल की सिस्टर व डॉक्टर से तत्काल ऑपरेशन की बात कही गई तो हाल देख ड्यूटी पर मौजूद सिस्टर ने 50 हजार रुपये बतौर सुविधा शुल्क की मांग रखी। विनती करने पर वह पत्नी को लेकर लेबर रूम में चली गई, लेकिन उसका उपचार व ऑपरेशन नहीं शुरू किया।
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। वहीं मृतका के देवर बब्बन का कहना है कि पहुंचते ही उसने ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों से कहा था कि मामला न संभल पाये तो वह प्रसव पीड़िता को कहीं और लेकर जाएं, लेकिन मौके पर मौजूद सिस्टर ने कहा कि वह लोग मामले को संभाल लेंगी।
सिस्टर की ओर से 30 हजार रुपये की मांग की गई। रकम न देने के चलते समय से ऑपरेशन नहीं किया और जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। प्रदर्शन व हंगामे की खबर पर पहुंची पुलिस ने परिवारीजनों से वार्ता की और मामला शांत कराया। इसके बाद शव का पंचनामा करवा शव परिवार के हवाले कर दिया। नगर कोतवाल एके राय ने बताया कि मौके पर पुलिस गई थी। पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है।
प्रकरण के बाबत महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीरजा माला का कहना है कि प्रसव पीड़िता को लाये जाने के बाद जांच के लिए सैंपल भेजवाया गया। जांच रिपोर्ट आने के पहले ही मौत हो गई। फिर भी कोई लापरवाही होगी तो उसकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
रौनाही थाना क्षेत्र के रमवापुर गांव निवासी पूजा तिवारी (30) पत्नी दुर्गा प्रसाद को शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो परिवारीजनों ने उसको सीएचसी सोहावल पहुंचाया। प्रसव पीड़िता की हालत गंभीर देख सीएचसी के चिकित्सक ने उसको जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया।
विज्ञापन
परिवारीजन प्रसव पीड़िता को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसको भर्ती कर लिया और जांच के लिए सैंपल क्षेत्रीय निदान केंद्र भेजवा दिये गये। इसके बाद प्रसव पीड़िता को लेबर रूम में पहुंचा दिया गया।
विज्ञापन
क्षेत्रीय निदान केंद्र से जांच रिपोर्ट पहुंचती, इसके पूर्व ही जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। प्रसव पीड़िता की हालत गंभीर होने तथा जिला महिला अस्पताल लाए जाने की खबर पर उसके परिवार के अन्य सदस्य तथा नाते-रिश्तेदार भी जिला महिला अस्पताल पहुंचने लगे। दोपहर में परिवारीजनों व अन्य लोगों की भीड़ एकत्र होने के बाद सभी ने हंगामा व प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मृतका के पति दुर्गा प्रसाद ने बताया कि पत्नी की हालत सीरियस थी, जिसके चलते उसको यहां लाया गया। अस्पताल की सिस्टर व डॉक्टर से तत्काल ऑपरेशन की बात कही गई तो हाल देख ड्यूटी पर मौजूद सिस्टर ने 50 हजार रुपये बतौर सुविधा शुल्क की मांग रखी। विनती करने पर वह पत्नी को लेकर लेबर रूम में चली गई, लेकिन उसका उपचार व ऑपरेशन नहीं शुरू किया।
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। वहीं मृतका के देवर बब्बन का कहना है कि पहुंचते ही उसने ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों से कहा था कि मामला न संभल पाये तो वह प्रसव पीड़िता को कहीं और लेकर जाएं, लेकिन मौके पर मौजूद सिस्टर ने कहा कि वह लोग मामले को संभाल लेंगी।
सिस्टर की ओर से 30 हजार रुपये की मांग की गई। रकम न देने के चलते समय से ऑपरेशन नहीं किया और जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। प्रदर्शन व हंगामे की खबर पर पहुंची पुलिस ने परिवारीजनों से वार्ता की और मामला शांत कराया। इसके बाद शव का पंचनामा करवा शव परिवार के हवाले कर दिया। नगर कोतवाल एके राय ने बताया कि मौके पर पुलिस गई थी। पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है।
प्रकरण के बाबत महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीरजा माला का कहना है कि प्रसव पीड़िता को लाये जाने के बाद जांच के लिए सैंपल भेजवाया गया। जांच रिपोर्ट आने के पहले ही मौत हो गई। फिर भी कोई लापरवाही होगी तो उसकी जांच कराई जाएगी।