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आज से मेडिकल कॉलेज में फिर शुरू होगी आरटीपीसीआर जांच
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अयोध्या। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच एक राहत भरी खबर है। अब जिले के लोगों की आरटीपीसीआर जांच दोबारा राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में बनी बीएसएल-2 लैब में आज से होगी।
लैब के कर्मचारियों की नौकरी जाने पर यहां जांच ठप हो गई थी। अभी पुराने कर्मचारियों की वापसी तो नहीं हुई है, लेकिन सीएमओ ने अपने अधीन कार्यरत छह नए कर्मचारियों को तैनात किया है।
जिले के कोरोना संदिग्ध लोगों की कोविड-19 की जांच के लिए सितंबर 2020 में लाखों की लागत से राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में बीएसएल-2 लैब बनाई गई थी।
इसके संचालन के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से तीन वैज्ञानिक, 14 लैब टेक्नीशियन, छह लैब अटेंडेंट व दो डाटा ऑपरेटर को नियुक्त किया गया था।
इन कर्मचारियों द्वारा चौबीस घंटे लैब संचालित की गई और करीब नौ लाख लोगों का नमूना अभी तक इस लैब से जांचा गया था। कोरोना के चरम काल के दौरान जिले के अलावा निकटवर्ती जिले के लोगों की भी कोरोना जांच यहीं से हो रही थी।
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जिले में ही जांच की सुविधा मिलने से लोगों को समय पर रिपोर्ट भी मिलने लगी थी, साथ ही इलाज में भी काफी सहूलियत हो रही थी। इधर, 26 अप्रैल को हुई अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की बैठक में निर्णय लिया गया कि एक मई से मेडिकल कॉलेज में बनी इस लैब में कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय का व्यय भार स्वयं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा उठाया जाएगा।
इसके कारण एक मई के बाद से इन कर्मचारियों का सेवा विस्तार नहीं किया गया। वहीं, इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से कोई निर्देश नहीं दिया।
लिहाजा सेवा विस्तार न होने से इन 25 कर्मचारियों की नौकरी चली गई और मेडिकल कॉलेज में जिले भर की हो रही कोरोना जांच ठप हो गई। मामले को ‘अमर उजाला’ ने सात जून के अंक में ‘कर्मचारियों की नौकरी गई, आरटीपीसीआर जांच ठप’ व 23 जून के अंक में ‘बढ़ा संक्रमण, जांच के कोई इंतजाम’ नहीं शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए सीएमओ डॉ. अजय राजा ने बीएसएल-2 लैब से ही जांचें कराने का निर्णय लिया। पुराने कर्मचारियों की बहाली तो नहीं हो सकी, लेकिन अपने अधीन तैनात व विभिन्न स्थानों पर नमूने आदि लेने में लगाए गए छह कर्मचारियों को लैब में अग्रिम आदेशों तक तैनात करते हुए जांच शुरू कराने का निर्देश दिया है।
वहीं, संक्रमण को बढ़ता हुआ देखकर अब नमूनों की संख्या भी बढ़ाने के लिए कहा गया है। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, अयोध्या के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि जिले भर के मरीजों की कोरोना जांच दोबारा प्रारंभ करने के लिए तैयारी की जा रही थी। कुछ कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। सीएमओ ने भी छह कर्मचारी तैनात कर दिये हैं। सोमवार से पहले की तरह जांचें प्रारंभ होंगी।
जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। पहले से बीएसएल-2 लैब में तैनात कर्मचारियों का सेवा विस्तार न करने के लिए कहा गया था। ऐसे में कोरोना जांच लखनऊ से कराई जा रही थी। रेलवे कोविड-19 टीम व सीएचसी मसौधा और जिला अस्पताल में तैनात छह कर्मचारियों लैब टेक्नीशियन पंकज चौधरी, अभिषेक सिंह, अमन सिंह व राजीव रंजन, लैब सहायक अनुराग कुमार व अमरचंद्र को बीएसएल-2 लैब में अग्रिम आदेशों तक तैनात किया गया है। जिले भर की जांच सोमवार से यहीं होगी। -डॉ. अजय राजा, सीएमओ, अयोध्या
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लैब के कर्मचारियों की नौकरी जाने पर यहां जांच ठप हो गई थी। अभी पुराने कर्मचारियों की वापसी तो नहीं हुई है, लेकिन सीएमओ ने अपने अधीन कार्यरत छह नए कर्मचारियों को तैनात किया है।
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जिले के कोरोना संदिग्ध लोगों की कोविड-19 की जांच के लिए सितंबर 2020 में लाखों की लागत से राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में बीएसएल-2 लैब बनाई गई थी।
इसके संचालन के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से तीन वैज्ञानिक, 14 लैब टेक्नीशियन, छह लैब अटेंडेंट व दो डाटा ऑपरेटर को नियुक्त किया गया था।
इन कर्मचारियों द्वारा चौबीस घंटे लैब संचालित की गई और करीब नौ लाख लोगों का नमूना अभी तक इस लैब से जांचा गया था। कोरोना के चरम काल के दौरान जिले के अलावा निकटवर्ती जिले के लोगों की भी कोरोना जांच यहीं से हो रही थी।
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जिले में ही जांच की सुविधा मिलने से लोगों को समय पर रिपोर्ट भी मिलने लगी थी, साथ ही इलाज में भी काफी सहूलियत हो रही थी। इधर, 26 अप्रैल को हुई अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की बैठक में निर्णय लिया गया कि एक मई से मेडिकल कॉलेज में बनी इस लैब में कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय का व्यय भार स्वयं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा उठाया जाएगा।
इसके कारण एक मई के बाद से इन कर्मचारियों का सेवा विस्तार नहीं किया गया। वहीं, इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से कोई निर्देश नहीं दिया।
लिहाजा सेवा विस्तार न होने से इन 25 कर्मचारियों की नौकरी चली गई और मेडिकल कॉलेज में जिले भर की हो रही कोरोना जांच ठप हो गई। मामले को ‘अमर उजाला’ ने सात जून के अंक में ‘कर्मचारियों की नौकरी गई, आरटीपीसीआर जांच ठप’ व 23 जून के अंक में ‘बढ़ा संक्रमण, जांच के कोई इंतजाम’ नहीं शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए सीएमओ डॉ. अजय राजा ने बीएसएल-2 लैब से ही जांचें कराने का निर्णय लिया। पुराने कर्मचारियों की बहाली तो नहीं हो सकी, लेकिन अपने अधीन तैनात व विभिन्न स्थानों पर नमूने आदि लेने में लगाए गए छह कर्मचारियों को लैब में अग्रिम आदेशों तक तैनात करते हुए जांच शुरू कराने का निर्देश दिया है।
वहीं, संक्रमण को बढ़ता हुआ देखकर अब नमूनों की संख्या भी बढ़ाने के लिए कहा गया है। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, अयोध्या के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि जिले भर के मरीजों की कोरोना जांच दोबारा प्रारंभ करने के लिए तैयारी की जा रही थी। कुछ कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। सीएमओ ने भी छह कर्मचारी तैनात कर दिये हैं। सोमवार से पहले की तरह जांचें प्रारंभ होंगी।
जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। पहले से बीएसएल-2 लैब में तैनात कर्मचारियों का सेवा विस्तार न करने के लिए कहा गया था। ऐसे में कोरोना जांच लखनऊ से कराई जा रही थी। रेलवे कोविड-19 टीम व सीएचसी मसौधा और जिला अस्पताल में तैनात छह कर्मचारियों लैब टेक्नीशियन पंकज चौधरी, अभिषेक सिंह, अमन सिंह व राजीव रंजन, लैब सहायक अनुराग कुमार व अमरचंद्र को बीएसएल-2 लैब में अग्रिम आदेशों तक तैनात किया गया है। जिले भर की जांच सोमवार से यहीं होगी। -डॉ. अजय राजा, सीएमओ, अयोध्या