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रामनगरी में 154 करोड़ से जगमग होंगी सड़कें व मंदिर

Sun, 08 Aug 2021 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 11:57 PM IST
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Roads and temples will be illuminated with 154 crores in Ramnagari
अयोध्या। रामनगरी को आध्यात्मिक मेगा सिटी व आधुनिक पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए तैयार विजन डॉक्यूमेंट में प्रस्तावित योजना सोलर सिटी का पहला डीपीआर कंसल्टेंट एजेंसी ने पेश कर दिया है।
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रामनगरी को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए तीन चरणों में डीपीआर बनाया जाएगा। पहले चरण का डीपीआर तैयार हो गया है। इसमें 34 मेगावाट के लिए 154 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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डीपीआर मिलने के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण ने आगे की प्रक्रिया के लिए नेडा को भेज दिया है। अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप पूरी अयोध्या सिटी को सोलर सिटी बनाया जाना है।
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यह कार्य अयोध्या के विजन डॉक्यूमेंट में सम्मिलित किया गया है। साथ ही इसका डीपीआर कंसलटेंट टीम एलईए एसोसिएट्स, सीपी कुकरेजा व एलएंडटी तैयार कर रही है।
रामनगरी को सोलर सिटी बनाने के लिए तीन चरणों में विभक्त किया गया है। इसमें पहले चरण में अयोध्या के सड़कों की स्ट्रीट लाइट व घरेलू मकानों को शामिल किया गया है।
दूसरे चरण में कॉमर्शियल प्रयोग की सोलर लाइट व अंतिम चरण में विभिन्न सरकारी कार्यालयों समेत प्रमुख दर्शनीय स्थलों को शामिल किया गया है। इसमें शनिवार को पहले चरण का डीपीआर कंसलटेंट टीम की ओर से पेश किया गया है।
यह 154 करोड़ रुपये की लागत से शहर की सभी गलियां व सड़कों की स्ट्रीट लाइट सौर ऊर्जा से जगमग होंगी। साथ ही घरेलू कनेक्शन भी दिए जाएंगे।
आमतौर से अयोध्या शहर में बिजली की खपत प्रतिदिन 50 मेगावाट के आसपास है। इसके लिए कंसलटेंट टीम ने सर्वे किया था। जिसमें अयोध्या शहर की अधिकतम खपत 45 मेगावाट पाई गई थी।
इसी के आधार पर तीन चरणों में पूरी अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसमें तय है मौजूदा समय अयोध्या में 76 प्रतिशत बिजली का उपयोग घरेलू खपत के रूप में होता है।
जबकि 12 प्रतिशत कॉर्मिशयल व 12 प्रतिशत के आसपास की अन्य कार्यों में बिजली का प्रयोग होता है। इसके दृष्टिगत पहले चरण का डीपीआर फाइनल हो गया है। इसमें 34 मेगावाट का डीपीआर पेश किया गया है। शेष का अन्य दो चरणों में डीपीआर आएगा।
अयोध्या विकास प्राधिकरण की देखरेख में बन रहे 11 डीपीआर में सोलर सिटी के रूप में यह चौथा डीपीआर है। इससे पहले कंसलटेंट टीम ने अयोध्या की प्रस्तावित योजनाओं में राममंदिर को जोड़ने वाली सड़कों, टूरिस्ट फैसेलिटी सेंटर व स्मार्ट रोड का डीपीआर पेश कर चुकी है।
हालांकि अभी तक किसी योजना पर कार्य नहीं शुरू हो सका है। राममंदिर को जोड़ने वाली सड़कों की धनराशि स्वीकृति होने के बाद भी अभी तक जारी नहीं की गई है। इससे पूरा कार्य अधर में लटका हुआ है।

कंसलटेंट टीम की ओर से सोलर सिटी का डीपीआर पेश कर दिया गया है। अभी यह सोलर सिटी का पहला डीपीआर है। इसके बाद दो अन्य डीपीआर सोलर सिटी के आने हैं। पहला डीपीआर 34 मेगावाट के लिए 154 करोड़ रुपये का है।- आरपी सिंह, सचिव अयोध्या विकास प्राधिकरण
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