{"_id":"618acf1279630818a7616f17","slug":"ramdhun-kept-resonating-ayodhya-was-seen-absorbed-in-enthusiasm-faizabad-news-lko6037193104","type":"story","status":"publish","title_hn":"गूंजती रही रामधुन, उत्साह में लीन दिखी अयोध्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गूंजती रही रामधुन, उत्साह में लीन दिखी अयोध्या
विज्ञापन
अयोध्या। राममंदिर के हक में सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले की दूसरी वर्षगांठ पर मंगलवार को रामनगरी अपनी धुन में लीन रही। रामकोट क्षेत्र में राम सियाराम, सियाराम जयजयराम... हे राम, हे राम, तू अंतर्यामी, सबका स्वामी...की धुन आध्यात्मिकता का अहसास कराती दिखी।
सरयू घाटों से लेकर मठ-मंदिरों तक श्रद्धालुओं की भीड़ से रौनक छायी रही। भव्य राममंदिर निर्माण के साथ दिन प्रतिदिन तरक्की की ओर बढ़ रही अयोध्या के लोग खासा उत्साहित नजर आए।
शाम को कई मंदिरों में संतों व आम लोगों की ओर से दीप जलाकर खुशी मनाई गई। 9 नवंबर 2019 को जब सुप्रीम कोर्ट से राममंदिर के हक में निर्णय आया तो पूरी अयोध्या खुशी से झूम उठी थी।
विज्ञापन
हर तरफ उल्लास का माहौल था। पांच सदी के संघर्ष का सुखद परिणाम पाकर अयोध्यावासी निहाल थे। इसके बाद पांच अगस्त 2020 को जब पीएम नरेंद्र मोदी ने राममंदिर की आधारशिला रखी तो अयोध्या के नवनिर्माण का भी मार्ग प्रशस्त हुआ।
दो वर्षों में राममंदिर निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति तो हुई ही है संपन्न अयोध्या की भी नींव तैयार होती दिखी है। फैसले की दूसरी वर्षगांठ पर मंगलवार को सरयू घाटों पर दर्शनार्थियों की भीड़ थी। जय श्रीराम के जयकारे गूंज रहे थे।
गोंडा निवासी रामराज तिवारी ने कहा घाट का जर्रा-जर्रा उत्साहित दिखता है। ये माहौल खुशहाली का प्रतीक है। गुजरात से आए श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल प्रकाश भाई, जयराम बापू सहित अन्य ने कहा कि अब अयोध्या विवाद के लिए नहीं बल्कि विकास के लिए जानी जाएगी।
अब तरक्की का दौर दिख रहा है। शृंगारहाट में मिले इमरान अंसारी ने कहा कि हम इस बात से खुश हैं कि अयोध्या में अब रोजगार के नए-नए अवसर बन रहे हैं। युवाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। नई अयोध्या सभी को लुभा रही है।
वहीं फैसले की वर्षगांठ पर अयोध्या में मुख्य मार्ग से लेकर मठ-मंदिरों तक जयघोष सुनाई पड़ रहा था। श्रद्धालुओं की भीड़ से रामनगरी में छायी रौनक प्रगति का सूचक दिख रही थी।
शाम होते ही तपस्वी छावनी में परमहंसाचार्य की अगुवाई में संतों ने 1008 दीप जलाकर खुशी व्यक्त की। नाका हनुमानगढ़ी, तिवारी मंदिर, हरिधाम गोपाल पीठ, चौबुर्जी मंदिर सहित अन्य मठ-मंदिरों पर तरक्की के दीप जलते दिख रहे थे।
रामलला सहित हनुमानगढ़ी के दरबार में भी मंगलवार को भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दी। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी भक्तों के जयघोष से गुंजायमान हो रही थी। हनुमानगढ़ी के नागा अभिषेक दास बोले कि दर्शनार्थी बढ़े हैं यह सुखद है।
अयोध्या उन्नति की ओर है तभी तो सभी रामनगरी आना चाहते हैं। रामलला के दरबार में मंगलवार को 5048 भक्तों ने हाजिरी लगाई। दर्शनमार्ग पर स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने कहा कि जो अयोध्या को लेकर भ्रम फैलाते थे आज वहीं अयोध्या आकर दर्शन-पूजन को लालायित हैं। रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या भी दोगुनी हो गई है। भव्य मंदिर के साथ दिव्य अयोध्या की परिकल्पना साकार हो रही है।
विज्ञापन
सरयू घाटों से लेकर मठ-मंदिरों तक श्रद्धालुओं की भीड़ से रौनक छायी रही। भव्य राममंदिर निर्माण के साथ दिन प्रतिदिन तरक्की की ओर बढ़ रही अयोध्या के लोग खासा उत्साहित नजर आए।
विज्ञापन
शाम को कई मंदिरों में संतों व आम लोगों की ओर से दीप जलाकर खुशी मनाई गई। 9 नवंबर 2019 को जब सुप्रीम कोर्ट से राममंदिर के हक में निर्णय आया तो पूरी अयोध्या खुशी से झूम उठी थी।
विज्ञापन
हर तरफ उल्लास का माहौल था। पांच सदी के संघर्ष का सुखद परिणाम पाकर अयोध्यावासी निहाल थे। इसके बाद पांच अगस्त 2020 को जब पीएम नरेंद्र मोदी ने राममंदिर की आधारशिला रखी तो अयोध्या के नवनिर्माण का भी मार्ग प्रशस्त हुआ।
दो वर्षों में राममंदिर निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति तो हुई ही है संपन्न अयोध्या की भी नींव तैयार होती दिखी है। फैसले की दूसरी वर्षगांठ पर मंगलवार को सरयू घाटों पर दर्शनार्थियों की भीड़ थी। जय श्रीराम के जयकारे गूंज रहे थे।
गोंडा निवासी रामराज तिवारी ने कहा घाट का जर्रा-जर्रा उत्साहित दिखता है। ये माहौल खुशहाली का प्रतीक है। गुजरात से आए श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल प्रकाश भाई, जयराम बापू सहित अन्य ने कहा कि अब अयोध्या विवाद के लिए नहीं बल्कि विकास के लिए जानी जाएगी।
अब तरक्की का दौर दिख रहा है। शृंगारहाट में मिले इमरान अंसारी ने कहा कि हम इस बात से खुश हैं कि अयोध्या में अब रोजगार के नए-नए अवसर बन रहे हैं। युवाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। नई अयोध्या सभी को लुभा रही है।
वहीं फैसले की वर्षगांठ पर अयोध्या में मुख्य मार्ग से लेकर मठ-मंदिरों तक जयघोष सुनाई पड़ रहा था। श्रद्धालुओं की भीड़ से रामनगरी में छायी रौनक प्रगति का सूचक दिख रही थी।
शाम होते ही तपस्वी छावनी में परमहंसाचार्य की अगुवाई में संतों ने 1008 दीप जलाकर खुशी व्यक्त की। नाका हनुमानगढ़ी, तिवारी मंदिर, हरिधाम गोपाल पीठ, चौबुर्जी मंदिर सहित अन्य मठ-मंदिरों पर तरक्की के दीप जलते दिख रहे थे।
रामलला सहित हनुमानगढ़ी के दरबार में भी मंगलवार को भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दी। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी भक्तों के जयघोष से गुंजायमान हो रही थी। हनुमानगढ़ी के नागा अभिषेक दास बोले कि दर्शनार्थी बढ़े हैं यह सुखद है।
अयोध्या उन्नति की ओर है तभी तो सभी रामनगरी आना चाहते हैं। रामलला के दरबार में मंगलवार को 5048 भक्तों ने हाजिरी लगाई। दर्शनमार्ग पर स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने कहा कि जो अयोध्या को लेकर भ्रम फैलाते थे आज वहीं अयोध्या आकर दर्शन-पूजन को लालायित हैं। रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या भी दोगुनी हो गई है। भव्य मंदिर के साथ दिव्य अयोध्या की परिकल्पना साकार हो रही है।