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उपराष्ट्रपति के समक्ष होगा राममंदिर निर्माण कार्य का प्रजेंटेशन
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अयोध्या। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू शुक्रवार को सुबह 11 बजे प्रेसिडेंसियल एक्सप्रेस से अयोध्या पहुंचेंगे। रामनगरी में अपने चार घंटे के प्रवास के दौरान वह रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करने के साथ ही राममंदिर के निर्माण कार्य का प्रजेंटेशन भी देखेंगे।
उपराष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए रेलवे स्टेशन, राममंदिर और हनुमान गढ़ी में भव्य सजावट की जा रही है। उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू पहली बार रामनगरी अयोध्या आ रहे हैं। वे रामलला का दर्शन-पूजन करने वाले देश के पहले उपराष्ट्रपति होंगे।
इससे पूर्व बीते साल 29 अगस्त को देश के प्रमुख राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अयोध्या आ चुके हैं। उन्होंने भी रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई थी। राष्ट्रपति के बाद अब उपराष्ट्रपति का आगमन रामलला के दरबार में होने जा रहा है।
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इसको लेकर रामजन्मभूमि परिसर को भव्यता पूर्वक सजाया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि पूरे दर्शन मार्ग से लेकर गर्भगृह को फूलों से सजाया जा रहा है।
दर्शन मार्ग पर उपराष्ट्रपति के स्वागत में रेड कारपेट बिछाया जाएगा। उन्हें राममंदिर का मॉडल स्मृति चिह्न के रूप में दिया जाएगा। रामलला के पुजारियों द्वारा उपराष्ट्रपति को विधिवत पूजन-अर्चन कराया जाएगा।
श्रीमिश्र ने बताया कि ट्रस्ट व कार्यदाई संस्था के इंजीनियर प्रजेंटेशन के जरिए उपराष्ट्रपति को राममंदिर निर्माण की प्रगति के साथ-साथ भव्यता व बेमिसाल तकनीकि से भी अवगत कराएंगे।
इस बीच रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति दर्शन-पूजन के बाद पयर्टन विभाग के होटल राही यात्री निवास में विश्राम करेंगे। इसके बाद वे रेलमार्ग से ही वाराणसी रवाना हो जाएंगे।
रामजन्मभूमि परिसर में उपराष्ट्रपति को आशीर्वाद देने के लिए संतों को भी ट्रस्ट की ओर से बुलाया गया है। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि पंडाल में उपराष्ट्रपति के स्वागत के लिए आने वाले संतों की बैठने की व्यवस्था की जा रही है।
उपराष्ट्रपति संतों से भी आर्शीवाद लेंगे, इसके लिए संतों को आमंत्रण भेजा जा रहा है। मणिरामदास की छावनी के महंत कमलनयन दास, महंत दिनेंद्र दास सहित अन्य संत रामलला के दरबार पहुंचेंगे।
सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में भी उपराष्ट्रपति का भव्य अभिनंदन हनुमानगढ़ी की परंपरा के अनुसार होगा। हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने बताया कि उपराष्ट्रपति के अभिनंदन की खास तैयारी है।
उन्हें कुछ खास उपहार भी दिए जाएंगे। परिसर में प्रवेश करते ही वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ उनका स्वागत किया जाएगा। हनुमानगढ़ी का प्रसाद, हनुमानगढ़ी का चंदन, रामनामी व गदा भेंट की जाएगी।
महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि सदियों तक उपेक्षित रही रामनगरी अब नई पहचान को आतुर दिख रही है। बदलती अयोध्या का गवाह हर कोई बनना चाहता है। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों को भी अयोध्या लुभा रही है।
राष्ट्रपति के बाद अब उपराष्ट्रपति का अयोध्या आना अयोध्या के उत्कर्ष का ही संकेत है। धर्मध्वजाधारी परिषद के अध्यक्ष महंत बृजमोहन दास बोले कि अब अयोध्या संपूर्ण विश्व के लिए प्रेरक बन रही है।
श्रीरामकी जन्मस्थली पर उपराष्ट्रपति का आगमन गौरवशाली क्षण है। संत समाज के साथ-साथ करोड़ों रामभक्त रामनगरी के वैभव की पुनर्स्थापना से आह्लादित हैं, अयोध्यावासी भी निहाल है।
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उपराष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए रेलवे स्टेशन, राममंदिर और हनुमान गढ़ी में भव्य सजावट की जा रही है। उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू पहली बार रामनगरी अयोध्या आ रहे हैं। वे रामलला का दर्शन-पूजन करने वाले देश के पहले उपराष्ट्रपति होंगे।
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इससे पूर्व बीते साल 29 अगस्त को देश के प्रमुख राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अयोध्या आ चुके हैं। उन्होंने भी रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई थी। राष्ट्रपति के बाद अब उपराष्ट्रपति का आगमन रामलला के दरबार में होने जा रहा है।
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इसको लेकर रामजन्मभूमि परिसर को भव्यता पूर्वक सजाया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि पूरे दर्शन मार्ग से लेकर गर्भगृह को फूलों से सजाया जा रहा है।
दर्शन मार्ग पर उपराष्ट्रपति के स्वागत में रेड कारपेट बिछाया जाएगा। उन्हें राममंदिर का मॉडल स्मृति चिह्न के रूप में दिया जाएगा। रामलला के पुजारियों द्वारा उपराष्ट्रपति को विधिवत पूजन-अर्चन कराया जाएगा।
श्रीमिश्र ने बताया कि ट्रस्ट व कार्यदाई संस्था के इंजीनियर प्रजेंटेशन के जरिए उपराष्ट्रपति को राममंदिर निर्माण की प्रगति के साथ-साथ भव्यता व बेमिसाल तकनीकि से भी अवगत कराएंगे।
इस बीच रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति दर्शन-पूजन के बाद पयर्टन विभाग के होटल राही यात्री निवास में विश्राम करेंगे। इसके बाद वे रेलमार्ग से ही वाराणसी रवाना हो जाएंगे।
रामजन्मभूमि परिसर में उपराष्ट्रपति को आशीर्वाद देने के लिए संतों को भी ट्रस्ट की ओर से बुलाया गया है। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि पंडाल में उपराष्ट्रपति के स्वागत के लिए आने वाले संतों की बैठने की व्यवस्था की जा रही है।
उपराष्ट्रपति संतों से भी आर्शीवाद लेंगे, इसके लिए संतों को आमंत्रण भेजा जा रहा है। मणिरामदास की छावनी के महंत कमलनयन दास, महंत दिनेंद्र दास सहित अन्य संत रामलला के दरबार पहुंचेंगे।
सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में भी उपराष्ट्रपति का भव्य अभिनंदन हनुमानगढ़ी की परंपरा के अनुसार होगा। हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने बताया कि उपराष्ट्रपति के अभिनंदन की खास तैयारी है।
उन्हें कुछ खास उपहार भी दिए जाएंगे। परिसर में प्रवेश करते ही वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ उनका स्वागत किया जाएगा। हनुमानगढ़ी का प्रसाद, हनुमानगढ़ी का चंदन, रामनामी व गदा भेंट की जाएगी।
महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि सदियों तक उपेक्षित रही रामनगरी अब नई पहचान को आतुर दिख रही है। बदलती अयोध्या का गवाह हर कोई बनना चाहता है। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों को भी अयोध्या लुभा रही है।
राष्ट्रपति के बाद अब उपराष्ट्रपति का अयोध्या आना अयोध्या के उत्कर्ष का ही संकेत है। धर्मध्वजाधारी परिषद के अध्यक्ष महंत बृजमोहन दास बोले कि अब अयोध्या संपूर्ण विश्व के लिए प्रेरक बन रही है।
श्रीरामकी जन्मस्थली पर उपराष्ट्रपति का आगमन गौरवशाली क्षण है। संत समाज के साथ-साथ करोड़ों रामभक्त रामनगरी के वैभव की पुनर्स्थापना से आह्लादित हैं, अयोध्यावासी भी निहाल है।