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भोपाल के रामभक्त ने राममंदिर निर्माण को भेंट की पोकलैंड मशीन
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रामलला के लिए भेजी पोकलैंड मशीन।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। राममंदिर निर्माण में सहयोग देने के लिए राम भक्तों ने अपने खजाने खोल दिए हैं। कोई नगद रुपये दे रहा है तो कोई चांदी और सोने का दान दे रहा है। कुछ इसी तर्ज पर मध्यप्रदेश के इंदौर के एक व्यवसायी ने राम मंदिर निर्माण के लिए पोकलैंड मशीन रामजन्मभूमि भेजी है। मशीन राम जन्मभूमि परिसर में पहुंच गई है। इसका उपयोग राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में होगा।
भोपाल से अयोध्या पहुंची पोकलैंड में भगवान राम का चित्र छपा है। पोकलैंड का इस्तेमाल गहरी जमीन खोदाई में होता है। दिल्ली में 20 अगस्त को आयोजित मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद राममंदिर के निर्माण कार्य में और भी तेजी आ जाएगी।
जल्द ही एलएनटी कंपनी की मशीनें भी रामजन्मभूमि के परिसर में पहुंचा दी जाएंगी। हालांकि ट्रस्ट के पदाधिकारी बरसात खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि मंदिर की नींव 200 फीट गहरी खोदी जानी है। बारिश के दौरान नींव में पानी न भर जाए, इसलिए ट्रस्ट के सदस्य और कार्यदाई संस्था एलएनटी बारिश खत्म होने का इंतजार कर रही है।
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बारिश खत्म होते ही शुरू होगी नींव की खोदाई
रामलला के गर्भगृह के जमीन का समतलीकरण हो चुका है। उसका मानचित्र भी बनकर तैयार है। बारिश के खत्म होते ही नींव की खोदाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस दरमियान रामजन्म भूमि परिसर में छोटे-मोटे काम जिसमें जमीन की साफ-सफाई गर्भगृह के आसपास बनी अस्थाई दीवारें और चबूतरे हटाने का काम किया जा रहा है। जल्द ही राम मंदिर परिसर में मंदिर निर्माण की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू की जाएगी।
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भोपाल से अयोध्या पहुंची पोकलैंड में भगवान राम का चित्र छपा है। पोकलैंड का इस्तेमाल गहरी जमीन खोदाई में होता है। दिल्ली में 20 अगस्त को आयोजित मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद राममंदिर के निर्माण कार्य में और भी तेजी आ जाएगी।
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जल्द ही एलएनटी कंपनी की मशीनें भी रामजन्मभूमि के परिसर में पहुंचा दी जाएंगी। हालांकि ट्रस्ट के पदाधिकारी बरसात खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि मंदिर की नींव 200 फीट गहरी खोदी जानी है। बारिश के दौरान नींव में पानी न भर जाए, इसलिए ट्रस्ट के सदस्य और कार्यदाई संस्था एलएनटी बारिश खत्म होने का इंतजार कर रही है।
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बारिश खत्म होते ही शुरू होगी नींव की खोदाई
रामलला के गर्भगृह के जमीन का समतलीकरण हो चुका है। उसका मानचित्र भी बनकर तैयार है। बारिश के खत्म होते ही नींव की खोदाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस दरमियान रामजन्म भूमि परिसर में छोटे-मोटे काम जिसमें जमीन की साफ-सफाई गर्भगृह के आसपास बनी अस्थाई दीवारें और चबूतरे हटाने का काम किया जा रहा है। जल्द ही राम मंदिर परिसर में मंदिर निर्माण की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू की जाएगी।