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नए स्थान पर 20 फिट से होंगे रामलला के दर्शन
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अयोध्या। रामलला को नए स्थान पर शिफ्ट करने की कवायद तेज हो गई है। परिसर में चबूतरे का निर्माण लगभग पूरा होने को है। इसके साथ ही दीवार भी बनाई जा रही है। इस अस्थायी गर्भगृह में रामलला को नवरात्र से पहले शिफ्ट करने की तैयारी है।
नवरात्र से रामलला का दर्शन भक्त महज 20 फीट की दूरी से कर सकेंगे। अभी तक रामलला के दर्शन 51 फीट की दूरी से भक्तों को सुलभ हो पाते थे। नए गर्भगृह में स्थापित होने के बाद रामलला के दर्शन मार्ग की दूरी भी कम हो जाएगी।
रामलला के पक्ष में फैसला आने के बाद अब भक्त और भगवान के बीच की दूरी धीरे-धीरे समाप्त होने को है। नए स्थान पर शिफ्ट होने के साथ ही रामलला के दरबार में पहुंचने वाले भक्तों को कड़ी सुरक्षा के बीच 20 फीट की दूरी से दर्शन प्राप्त होंगे।
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राम जन्मभूमि परिसर में विराजमान भगवान श्री रामलला 1992 से पहले महज कुछ ही दूरी पर दर्शन किया जाता था लेकिन विवादित ढांचा विध्वंस के बाद कोर्ट के आदेश पर भगवान को टेंट में विराजमान होने के साथ दर्शन के लिए 51 फीट की दूरी तय की गई है। साथ ही बैरिंकेडिग की व्यवस्था की गई। लेकिन अब अस्थायी भवन में शिफ्ट किये जाने के साथ श्रद्धालु व भगवान के बीच की दूरी भी कम कर दी जाएगी।
यह व्यवस्था नवरात्रि से प्रारंभ होगी। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के बीच दर्शन कराए जाएंगे। रामजन्मभूमि पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के मुताबिक पहले 51 फीट की दूरी से रामलला के दर्शन होते थे लेकिन अब नवरात्र से श्रद्धालुओं को मात्र 20 फीट की दूरी पर ही भगवान दिखाई देंगे।
इसके साथ ही माना जा रहा है कि मंदिर निर्माण के बाद यह दूरी और भी कम होती नजर आएगी। रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि ट्रस्ट के द्वारा संकेत दिया गया है कि नवरात्रि के प्रारंभ से पहले नए स्थान पर श्री रामलला विराजमान होंगे। पहले की अपेक्षा कम दूरी से दर्शन होंगे। वहीं नवरात्र से रामलला के दर्शन के समय में भी बदलाव की तैयारी है।
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नवरात्र से रामलला का दर्शन भक्त महज 20 फीट की दूरी से कर सकेंगे। अभी तक रामलला के दर्शन 51 फीट की दूरी से भक्तों को सुलभ हो पाते थे। नए गर्भगृह में स्थापित होने के बाद रामलला के दर्शन मार्ग की दूरी भी कम हो जाएगी।
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रामलला के पक्ष में फैसला आने के बाद अब भक्त और भगवान के बीच की दूरी धीरे-धीरे समाप्त होने को है। नए स्थान पर शिफ्ट होने के साथ ही रामलला के दरबार में पहुंचने वाले भक्तों को कड़ी सुरक्षा के बीच 20 फीट की दूरी से दर्शन प्राप्त होंगे।
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राम जन्मभूमि परिसर में विराजमान भगवान श्री रामलला 1992 से पहले महज कुछ ही दूरी पर दर्शन किया जाता था लेकिन विवादित ढांचा विध्वंस के बाद कोर्ट के आदेश पर भगवान को टेंट में विराजमान होने के साथ दर्शन के लिए 51 फीट की दूरी तय की गई है। साथ ही बैरिंकेडिग की व्यवस्था की गई। लेकिन अब अस्थायी भवन में शिफ्ट किये जाने के साथ श्रद्धालु व भगवान के बीच की दूरी भी कम कर दी जाएगी।
यह व्यवस्था नवरात्रि से प्रारंभ होगी। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के बीच दर्शन कराए जाएंगे। रामजन्मभूमि पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के मुताबिक पहले 51 फीट की दूरी से रामलला के दर्शन होते थे लेकिन अब नवरात्र से श्रद्धालुओं को मात्र 20 फीट की दूरी पर ही भगवान दिखाई देंगे।
इसके साथ ही माना जा रहा है कि मंदिर निर्माण के बाद यह दूरी और भी कम होती नजर आएगी। रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि ट्रस्ट के द्वारा संकेत दिया गया है कि नवरात्रि के प्रारंभ से पहले नए स्थान पर श्री रामलला विराजमान होंगे। पहले की अपेक्षा कम दूरी से दर्शन होंगे। वहीं नवरात्र से रामलला के दर्शन के समय में भी बदलाव की तैयारी है।