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लग्जरी वाहनों से गांव आकर रौब झाड़ता था राकेश

Tue, 16 Jul 2019 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2019 10:51 PM IST
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Rakesh was rushed to the village by luxury vehicles
अयोध्या। मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया राकेश यादव (24) जिले में हुई लूट की कई वारदातों में शामिल था। जिले के कई थानों में उसके खिलाफ तमाम केस दर्ज हैं।
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वह जिले का टॉप टेन अपराधी भी था। हालांकि राकेश के खिलाफ हैदरगंज थाने में कोई केस नहीं दर्ज था, जिसका फायदा उठाकर वह दूसरे जिलों में अपराध करके अपने साथियों के साथ गांव में शरण लेता था।
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हालांकि पुलिस उस पर निगरानी का दावा करती थी मगर वह गांव में कई बार लग्जरी वाहनों के साथ देखा गया। गांव के युवक बताते हैं कि राकेश रौब झाड़ता था।
बीते वर्ष एसटीएफ द्वारा की गई छापेमारी के बाद भी गांव के लोगों व राकेश के परिवारीजनों को उसके बड़े अपराधी होने का आभास नहीं था।
लोगों के अनुसार वह अक्सर लग्जरी वाहन से घर आता था, इस दौरान कुछ अन्य युवक भी उसके साथ होते थे। वह अक्सर घर पर रुकता भी था।
वहीं स्थानीय थाने व बाहर की पुलिस उसकी तलाश में अक्सर छापेमारी करती थी मगर वह हाथ नहीं आता था। राकेश के खिलाफ पहला आपराधिक मुकदमा सुल्तानपुर के मोतिगरपुर थाने में अपराध संख्या 138/16 धारा 392, 411 व 120-बी में दर्ज हुआ।
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उसके बाद बीकापुर कोतवाली, कैंट और पूराकलंदर थाने में भी लूट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए। वर्ष 2018 में एसटीएफ लखनऊ के निरीक्षक अंजनी कुमार तिवारी ने बीकापुर कोतवाली में धारा 147, 148, 149 व 307 के तहत राकेश के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
हैदरगंज थाने में राकेश के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं दर्ज है। क्षेत्र में भी उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं सामने आया है।
बीते वर्ष एसटीएफ द्वारा की गई छापेमारी में भी राकेश बच निकला था। कैंट थाने के सहादतगंज में कैश वैन से हुई लूट और गार्ड की हत्या के मामले में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
हैदरगंज थाना क्षेत्र के भोपा डुहिया गांव निवासी राकेश के पिता पतिराम यादव की मौत करीब दस साल पहले हो गई थी। राकेश तीन भाइयों में बड़ा था। उसकी एक बड़ी बहन मंजू है। ये सभी अभी अविवाहित हैं।
कूड़ेभार में सिलाई की दुकान चलाने वाले राकेश के चाचा गोरखनाथ रोते हुए बोले कि पहले ही अहसास हो गया था कि बुरे काम का बुरा नतीजा एक दिन सामने आएगा।
वहीं ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान दिनेश पांडेय ने बताया कि राकेश ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उसने महाराणा प्रताप डिग्री कॉलेज सुल्तानपुर से बीकॉम की परीक्षा भी प्रथम श्रेणी में पास की थी।
राकेश का छोटा भाई बृजेश यादव रायबरेली में नौकरी करता है जबकि दूसरा भाई पंकज यादव कमला नेहरू महाविद्यालय सुल्तानपुर में बीकॉम की पढ़ाई कर रहा है।
राकेश यादव की मां सरस्वती देवी व बहन मंजू यादव ने बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे दो सिपाही आए और अपने साथ थाने ले गए। वहां बताया गया कि राकेश की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है।

सरस्वती व मंजू का आरोप है कि साजिश के तहत फर्जी एनकाउंटर में राकेश की हत्या की गई है। कहा कि कई मामलों में उसके ऊपर पुलिस द्वारा साजिशन फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है।
राकेश इतना बड़ा अपराधी नहीं था। सरस्वती व मंजू ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है।
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