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गलत सूचना देने पर एसओ पर मजिस्ट्रेट ने किया केस
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2015 11:00 PM IST
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सीजेएम की अदालत में इस पर सुनवाई के लिए अगली पेशी 4 सितंबर नियत की गई है। अब्दुल मजीद ने अपना वाहन खुद के हक में रिलीज करने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी दी।
सुनवाई के बाद अदालत मामले में थाना से आख्या मंगाई। आख्या में थानाध्यक्ष दीपन यादव ने बताया कि वाहन धारा 207 एम वी एक्ट में बंद किया गया है।
दूसरी बार इसी मामले में थानाध्यक्ष ने कोर्ट को दी गई आख्या में कहा कि संबंधित वाहन अपराध संख्या 152 व 153 सन 2015 का माल मुकदमा है। इस पर कोर्ट ने 7 अगस्त को थानाध्यक्ष से पूछा कि उन्होंने वाहन रिलीज किए जाने के संबंध में अलग-अलग आख्या क्यों दी?
इसका आज तक कोई जवाब नहीं आया। कोर्ट ने थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा तो करीब 26 दिन बाद भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। थानाध्यक्ष के इस कृत्य को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 177,182,186,187,188 के तहत अभियोग चलाए जाने का पर्याप्त आधार मानते हुए इन धाराओं के तहत संज्ञान ले लिया।
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कोर्ट ने अगली कार्रवाई के लिए पत्रावली सीजेएम देवकांत शुक्ल की अदालत में भेज दी है। सीजेएम की अदालत में इस पर सुनवाई के लिए अगली पेशी 4 सितंबर नियत की गई है।
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सुनवाई के बाद अदालत मामले में थाना से आख्या मंगाई। आख्या में थानाध्यक्ष दीपन यादव ने बताया कि वाहन धारा 207 एम वी एक्ट में बंद किया गया है।
दूसरी बार इसी मामले में थानाध्यक्ष ने कोर्ट को दी गई आख्या में कहा कि संबंधित वाहन अपराध संख्या 152 व 153 सन 2015 का माल मुकदमा है। इस पर कोर्ट ने 7 अगस्त को थानाध्यक्ष से पूछा कि उन्होंने वाहन रिलीज किए जाने के संबंध में अलग-अलग आख्या क्यों दी?
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इसका आज तक कोई जवाब नहीं आया। कोर्ट ने थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा तो करीब 26 दिन बाद भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। थानाध्यक्ष के इस कृत्य को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 177,182,186,187,188 के तहत अभियोग चलाए जाने का पर्याप्त आधार मानते हुए इन धाराओं के तहत संज्ञान ले लिया।
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कोर्ट ने अगली कार्रवाई के लिए पत्रावली सीजेएम देवकांत शुक्ल की अदालत में भेज दी है। सीजेएम की अदालत में इस पर सुनवाई के लिए अगली पेशी 4 सितंबर नियत की गई है।