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Ayodhya News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रिमांड आपत्ति खारिज, सुभाष भी आरोपी
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अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपियों की रिमांड पर की गई आपत्ति अदालत ने खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने सुभाष श्रीवास्तव को भी आपराधिक षड्यंत्र का आरोपी पाया है।
यह आदेश बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद तथ्यों के अवलोकन के बाद पारित किया गया। आरोपियों की ओर से लीगल एड डिफेंस कौंसिल ने सात अगस्त को रिमांड निरस्त करने का प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने तर्क दिया था कि आरोपी लोक सेवक नहीं हैं। उन पर भ्रष्टाचार सहित कोई गंभीर अपराध नहीं बनता। अभियोजन पक्ष ने कहा कि राम मंदिर सार्वजनिक आस्था का स्थान है। ऐसे स्थान पर अपराध भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
अदालत ने अपने आदेश में विवेचना के तथ्यों का हवाला दिया। अनुकल्प मिश्रा, लवकुश, मनीष यादव, करुणेश पांडे और रमा शंकर मिश्रा गणना कक्ष में तैनात थे। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें नोटों की गड्डी छिपाते देखा गया। राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से चोरी की रकम बरामद हुई। उस पर हुंडियों की चाबी बिना अधिकार रखने का भी आरोप है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि मंदिर में दान की गणना और दान पात्रों की चाबी रखने के आधार पर आरोपी लोक सेवा का कार्य कर रहे थे। सभी आपत्तियों को निरस्त करते हुए रिमांड आदेश पांच सितंबर तक प्रभावी रहेगा।
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यह आदेश बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद तथ्यों के अवलोकन के बाद पारित किया गया। आरोपियों की ओर से लीगल एड डिफेंस कौंसिल ने सात अगस्त को रिमांड निरस्त करने का प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने तर्क दिया था कि आरोपी लोक सेवक नहीं हैं। उन पर भ्रष्टाचार सहित कोई गंभीर अपराध नहीं बनता। अभियोजन पक्ष ने कहा कि राम मंदिर सार्वजनिक आस्था का स्थान है। ऐसे स्थान पर अपराध भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
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अदालत ने अपने आदेश में विवेचना के तथ्यों का हवाला दिया। अनुकल्प मिश्रा, लवकुश, मनीष यादव, करुणेश पांडे और रमा शंकर मिश्रा गणना कक्ष में तैनात थे। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें नोटों की गड्डी छिपाते देखा गया। राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से चोरी की रकम बरामद हुई। उस पर हुंडियों की चाबी बिना अधिकार रखने का भी आरोप है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि मंदिर में दान की गणना और दान पात्रों की चाबी रखने के आधार पर आरोपी लोक सेवा का कार्य कर रहे थे। सभी आपत्तियों को निरस्त करते हुए रिमांड आदेश पांच सितंबर तक प्रभावी रहेगा।
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