{"_id":"22d7313ee327474f0b59d010dd629fb2","slug":"pointed-voice-of-mosque-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाबरी मस्जिद तामीर की उठाई आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबरी मस्जिद तामीर की उठाई आवाज
फैजाबाद/अमरउजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Dec 2015 10:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वनराज्य मंत्री तेजनारायन पांडेय पवन ने कहा कि जिस नेता के हम सिपाही है, हमेशा आप के मान-सम्मान और वजूद की लड़ाई लड़ी है। कहीं भी मुस्लिम दुखी हुआ है तो वहां जाकर उनका बाजू बनने का काम किया है। बीजेपी, आरएसएस और भाजपा सांप्रदायिक ताकते हैं, उनकों यहां सफल नहीं होने देंगे।
यौमे गम कार्यक्रम में बाबरी मस्जिद के पैरोकार हाजी महबूब, सपा जिलाध्यक्ष जयशंकर पांडेय, सूर्यकांत पांडेय, कैसर अंसारी, हाजी असद अहमद, मौलाना जलाल अशरफ, हाजी असलम, जमाल अहमद, सिद्धार्थ सिंह, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद हकीम, मौलाना बादशाह खान, खालिक अहमद आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से जफरयाब जिलानी ने कहा कि कोई भी सरकार सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना नहीं कर सकती है। भागवत साहब मोदी के करीबी है तो उनसे शीघ्र सुनवाई की बात करें। यह सब सिर्फ 2017 की तैयारी है। सुलह समझौते के प्रयास किए जा चुके है जो अब संभव नहीं है।
विज्ञापन
विश्व हिंदू परिषद चुनाव के कारण हिंदू और मुस्लिम के बीच तनाव पैदा करना चाह रही है। 30 अक्टूबर 2015 को बाबरी मस्जिद मामले में आखिरी पेशी हुई थी। कोर्ट ने वकीलों से अंग्रेजी में दस्तावेज मांगा है।
विज्ञापन
यौमे गम कार्यक्रम में बाबरी मस्जिद के पैरोकार हाजी महबूब, सपा जिलाध्यक्ष जयशंकर पांडेय, सूर्यकांत पांडेय, कैसर अंसारी, हाजी असद अहमद, मौलाना जलाल अशरफ, हाजी असलम, जमाल अहमद, सिद्धार्थ सिंह, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद हकीम, मौलाना बादशाह खान, खालिक अहमद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से जफरयाब जिलानी ने कहा कि कोई भी सरकार सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना नहीं कर सकती है। भागवत साहब मोदी के करीबी है तो उनसे शीघ्र सुनवाई की बात करें। यह सब सिर्फ 2017 की तैयारी है। सुलह समझौते के प्रयास किए जा चुके है जो अब संभव नहीं है।
विज्ञापन
विश्व हिंदू परिषद चुनाव के कारण हिंदू और मुस्लिम के बीच तनाव पैदा करना चाह रही है। 30 अक्टूबर 2015 को बाबरी मस्जिद मामले में आखिरी पेशी हुई थी। कोर्ट ने वकीलों से अंग्रेजी में दस्तावेज मांगा है।