{"_id":"5863fedc4f1c1b7675eec930","slug":"pawan-ticket-cut-in-battal-of-uncle-nefew","type":"story","status":"publish","title_hn":"चाचा-भतीजा की लड़ाई में कटा पवन का पत्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चाचा-भतीजा की लड़ाई में कटा पवन का पत्ता
अमर उजाला ब्यूरो / फैजाबाद
Updated Wed, 28 Dec 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
NOTA in PU Election
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आखिरकार वही हुआ, जिसकी आशंका थी...। रामनगरी से कमल को उखाड़ साइकिल दौड़ाने वाले वन राज्य मंत्री तेजनारायण पांडेय पवन का टिकट कट गया। राजनीतिक गलियारे में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के बीच तल्ख हुई रार के बीच पवन को एक पक्ष में गर्मजोशी दिखाना भारी पड़ा।
अयोध्या में 1967 से 2012 तक हुए विधानसभा के 12 चुनावों में भाजपा के चार बार लगातार 1991 से 2007 तक विधायक लल्लू सिंह रहे हैं। यहां से जनता पार्टी व जनता दल से जयशंकर पांडेय दो बार जीते, जिनके बेटे आशीष पांडेय दीपू को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को प्रत्याशी बनाया है।
किसी ने सपने में नहीं सोचा था कि कटेगा टिकट
सपाइयों में वनराज्य मंत्री पवन के टिकट कटने को लेकर सधी हुई प्रतिक्रिया है। लोग कहते हैं कि 2012 में तेज नारायण पांडेय पवन ने 55262 वोट पाकर लल्लू सिंह (49857) को हराया तो कभी सपने में किसी ने नहीं सोचा था कि जिस पार्टी को पहली बार यहां जीत मिली वह एक दिन पवन को टिकट से वंचित कर देगी।
विज्ञापन
फिर जयशंकर के हिस्से खलनायकी!
अवैध खनन को लेकर आईपीएस अफसर से भिड़ने पर पवन का जब मंत्री पद छिना था तो कहीं न कहीं निशाने पर जिलाध्यक्ष जयशंकर पांडेय भी थे। उन्हें पवन का साथ न देने के रूप में देखा जा रहा था। अब पवन का टिकट काटकर जयशंकर पांडेय के बेटे आशीष दीपू को टिकट देने से फिर उनके हिस्से खलनायकी आ गई है। दीपू ने अभी तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है। दीपू कहते हैं कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उसे जीतकर साकार करेंगे। उधर पवन पांडेय का मोबाइल पूरे दिन स्विच ऑफ रहा।
अयोध्या विस का परिदृश्य
वर्ष- जीते
2012- तेज नारायण पांडेय पवन, एसपी
2007- लल्लू सिंह, बीजेपी
2002- लल्लू सिंह, बीजेपी
1996- लल्लू सिंह, बीजेपी
1991- लल्लू सिंह, बीजेपी
1989- जयशंकर पांडेय, जेडी
1985- सुरेंद्र प्रताप सिंह, कांग्रेस
1980- निर्मल खत्री, कांग्रेस
1977- जयशंकर पांडेय, जेएनपी
1974- बेद प्रकाश अग्रवाल, बीजेएस
1969- विश्वनाथ कपूर, कांग्रेस
1967- बी.किशोर, बीजेएस
विज्ञापन
अयोध्या में 1967 से 2012 तक हुए विधानसभा के 12 चुनावों में भाजपा के चार बार लगातार 1991 से 2007 तक विधायक लल्लू सिंह रहे हैं। यहां से जनता पार्टी व जनता दल से जयशंकर पांडेय दो बार जीते, जिनके बेटे आशीष पांडेय दीपू को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को प्रत्याशी बनाया है।
विज्ञापन
किसी ने सपने में नहीं सोचा था कि कटेगा टिकट
सपाइयों में वनराज्य मंत्री पवन के टिकट कटने को लेकर सधी हुई प्रतिक्रिया है। लोग कहते हैं कि 2012 में तेज नारायण पांडेय पवन ने 55262 वोट पाकर लल्लू सिंह (49857) को हराया तो कभी सपने में किसी ने नहीं सोचा था कि जिस पार्टी को पहली बार यहां जीत मिली वह एक दिन पवन को टिकट से वंचित कर देगी।
विज्ञापन
फिर जयशंकर के हिस्से खलनायकी!
अवैध खनन को लेकर आईपीएस अफसर से भिड़ने पर पवन का जब मंत्री पद छिना था तो कहीं न कहीं निशाने पर जिलाध्यक्ष जयशंकर पांडेय भी थे। उन्हें पवन का साथ न देने के रूप में देखा जा रहा था। अब पवन का टिकट काटकर जयशंकर पांडेय के बेटे आशीष दीपू को टिकट देने से फिर उनके हिस्से खलनायकी आ गई है। दीपू ने अभी तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है। दीपू कहते हैं कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उसे जीतकर साकार करेंगे। उधर पवन पांडेय का मोबाइल पूरे दिन स्विच ऑफ रहा।
अयोध्या विस का परिदृश्य
वर्ष- जीते
2012- तेज नारायण पांडेय पवन, एसपी
2007- लल्लू सिंह, बीजेपी
2002- लल्लू सिंह, बीजेपी
1996- लल्लू सिंह, बीजेपी
1991- लल्लू सिंह, बीजेपी
1989- जयशंकर पांडेय, जेडी
1985- सुरेंद्र प्रताप सिंह, कांग्रेस
1980- निर्मल खत्री, कांग्रेस
1977- जयशंकर पांडेय, जेएनपी
1974- बेद प्रकाश अग्रवाल, बीजेएस
1969- विश्वनाथ कपूर, कांग्रेस
1967- बी.किशोर, बीजेएस