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Ayodhya News: आंधी-पानी का कहर, बिजली गिरने से पशुपालक की मौत
Thu, 08 Oct 2026 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:26 AM IST
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आंधी में दुकान में लगी पन्नी को उड़ने से लोग।
अयोध्या। तेज आंधी के साथ बुधवार दोपहर बाद हुई बारिश ने शहर से गांव तक कहर बरपा दिया। खेत में भैंस चरा रहे बीकापुर के सहावां निवासी राम कुबेर यादव (62) की बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं, फतेहगंज के ऋषि टोला में उफनाए नाले के ऊपर सड़क पर खुला पड़ा होल जानलेवा साबित हुआ।
सड़क से गुजर रहा सवारियों से भरा ऑटो अचानक नाले में पलट गया। उसमें करीब छह से आठ लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। ऑटो पलटते ही चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने दौड़कर बचाव कार्य शुरू किया और यात्रियों को बाहर निकाला। सभी यात्री सुरक्षित बच गए। करीब दो घंटे की बारिश में कई इलाके जलमग्न हो गए।
महाजनी टोला और जनौरा में घरों में पानी घुस गया। रिकाबगंज चौराहे से महिला अस्पताल रोड पर घुटनों तक पानी भर गया। देवकाली तिराहा, वजीरगंज, सिविल लाइंस, रायगंज और सब्जी मंडी मार्ग भी जलभराव की चपेट में रहे। आंधी-पानी से बिजली व्यवस्था को सबसे ज्यादा झटका लगा। जगह-जगह पेड़ और उनकी डालियां बिजली तारों पर गिरने से लाइनें टूट गईं। कई स्थानों पर बिजली के पोल उखड़ गए और ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए।
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पेड़ गिरने से रास्ते बंद, फसलों को नुकसान
हैदरगंज/सोहावल/तारुन/बीकापुर/रानीबाजार। सोहावल क्षेत्र में करीब 158 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई इलाकों में सोमवार से चला आ रहा बिजली संकट बुधवार की आंधी के बाद और गहरा गया। हैदरगंज में सोमवार को आए चक्रवाती तूफान से क्षतिग्रस्त 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र केरा लाल खां से जुड़े इलाकों में करीब 50 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। बुधवार को फिर तेज हवा और बारिश ने क्षतिग्रस्त नेटवर्क पर संकट बढ़ा दिया। सोहावल के जेई रवींद्र यादव और ज्ञान सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों की जांच कराई जा रही है। रास्ते में गिरे पेड़ हटाकर लाइन दुरुस्त होते ही आपूर्ति शुरू की जाएगी।
रानीबाजार में जेई हेमंत मिश्रा के अनुसार विद्युतकर्मी क्षेत्र में फाॅल्ट तलाश रहे हैं। बीकापुर और मंगारी विद्युत उपकेंद्र के ग्रामीण फीडरों पर भी पेड़ और पोल गिरने से करीब 48 घंटे से आपूर्ति बाधित थी। बुधवार को दोबारा पोल टूटने और ट्रांसफार्मर गिरने से स्थिति और बिगड़ गई।
केले के पौधे और फल टूटकर खेतों में गिर गए। सेमरा निवासी किसान गुड्डू वर्मा ने छह बीघे की केला फसल का नुकसान बताया। ओमप्रकाश वर्मा की चार बीघे की फसल भी तहस-नहस हो गई। सब्जियों को भारी क्षति हुई। टमाटर और गोभी की नर्सरी भी खराब हो गई। धान और गन्ने की खड़ी फसलें भी तेज हवा में खेतों में गिर गईं।
बीकापुर तहसीलदार विजय कुमार शुक्ला ने राजस्व लेखपालों को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। तारुन में प्राथमिक विद्यालय बिजनपुर सजहरा के पास नीम का पेड़ सड़क पर गिरने से करीब एक घंटे यातायात बाधित रहा। बीकापुर में पिपरी जलालपुर-तारुन मार्ग पर दशरथपुर के पास पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ।
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सड़क से गुजर रहा सवारियों से भरा ऑटो अचानक नाले में पलट गया। उसमें करीब छह से आठ लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। ऑटो पलटते ही चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने दौड़कर बचाव कार्य शुरू किया और यात्रियों को बाहर निकाला। सभी यात्री सुरक्षित बच गए। करीब दो घंटे की बारिश में कई इलाके जलमग्न हो गए।
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महाजनी टोला और जनौरा में घरों में पानी घुस गया। रिकाबगंज चौराहे से महिला अस्पताल रोड पर घुटनों तक पानी भर गया। देवकाली तिराहा, वजीरगंज, सिविल लाइंस, रायगंज और सब्जी मंडी मार्ग भी जलभराव की चपेट में रहे। आंधी-पानी से बिजली व्यवस्था को सबसे ज्यादा झटका लगा। जगह-जगह पेड़ और उनकी डालियां बिजली तारों पर गिरने से लाइनें टूट गईं। कई स्थानों पर बिजली के पोल उखड़ गए और ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए।
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पेड़ गिरने से रास्ते बंद, फसलों को नुकसान
हैदरगंज/सोहावल/तारुन/बीकापुर/रानीबाजार। सोहावल क्षेत्र में करीब 158 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई इलाकों में सोमवार से चला आ रहा बिजली संकट बुधवार की आंधी के बाद और गहरा गया। हैदरगंज में सोमवार को आए चक्रवाती तूफान से क्षतिग्रस्त 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र केरा लाल खां से जुड़े इलाकों में करीब 50 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। बुधवार को फिर तेज हवा और बारिश ने क्षतिग्रस्त नेटवर्क पर संकट बढ़ा दिया। सोहावल के जेई रवींद्र यादव और ज्ञान सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों की जांच कराई जा रही है। रास्ते में गिरे पेड़ हटाकर लाइन दुरुस्त होते ही आपूर्ति शुरू की जाएगी।
रानीबाजार में जेई हेमंत मिश्रा के अनुसार विद्युतकर्मी क्षेत्र में फाॅल्ट तलाश रहे हैं। बीकापुर और मंगारी विद्युत उपकेंद्र के ग्रामीण फीडरों पर भी पेड़ और पोल गिरने से करीब 48 घंटे से आपूर्ति बाधित थी। बुधवार को दोबारा पोल टूटने और ट्रांसफार्मर गिरने से स्थिति और बिगड़ गई।
केले के पौधे और फल टूटकर खेतों में गिर गए। सेमरा निवासी किसान गुड्डू वर्मा ने छह बीघे की केला फसल का नुकसान बताया। ओमप्रकाश वर्मा की चार बीघे की फसल भी तहस-नहस हो गई। सब्जियों को भारी क्षति हुई। टमाटर और गोभी की नर्सरी भी खराब हो गई। धान और गन्ने की खड़ी फसलें भी तेज हवा में खेतों में गिर गईं।
बीकापुर तहसीलदार विजय कुमार शुक्ला ने राजस्व लेखपालों को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। तारुन में प्राथमिक विद्यालय बिजनपुर सजहरा के पास नीम का पेड़ सड़क पर गिरने से करीब एक घंटे यातायात बाधित रहा। बीकापुर में पिपरी जलालपुर-तारुन मार्ग पर दशरथपुर के पास पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ।