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एनआरएचएम घोटाले की जांच के लिए गांवों में पहुंची सीबीआई
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2016 11:50 PM IST
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एनआरएचएम घोटाले की जांच कर रही सीबीआई टीम ने यहां लाभार्थियों के घर जाकर सच्चाई जांची है। सीएचसी रुदौली में जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के नाम पर हुई लूट जांचने के लिए सीबीआई टीम दूसरे दिन गांवों में उतरी।
जमीनी हकीकत जांचने के लिये टीम आठ गांवों में गई। जांच के केंद्र में लाभार्थियों और आशा बहुओं को एनआरएचएम के तहत हुआ भुगतान था। सीबीआई के दो अधिकारियों की टीम ने फर्जी भुगतान होने को लेकर सच्चाई सामने लाने पर अपनी जांच केंद्रित कर रखी है।
बुधवार को जननी सुरक्षा में वर्ष 2008 से 2011 तक का सीएचसी रुदौली में हुए भुगतान की फाइलों को कब्जे में लेने के बाद गुरुवार को 8 गांवों में गई। दोपहर में सीएमओ कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. देशमुख के साथ गाजियाबाद से आए सीबीआई अधिकारी गौरव सोम सीएचसी रुदौली पहुंचे।
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जहां से रुदौली सीएचसी से स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह व अस्पताल कर्मी घनश्याम के साथ खंड पिपरा, अहमदाबाद, दशरथ मऊ, गौरिया मऊ, जुनेदपुर, भेलसर, ऐहार व बेतौली गांव गए। इस दौरान इन गांवों की तत्कालीन अधीक्षक डॉ. सुरेश के कार्यकाल में हुए जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की पत्रावली साथ ली।
टीम के अधिकारी गौरव सोम ने जुनैदपुर की आशा बहू रेखा मिश्रा, भेलसर की सुनीता लोधी, खंड पिपरा की देवकी, अहमदाबाद की मालती देवी के अलावा ऐहार और बेतौली गांव के साथ जांच के दायरे में आये गांव की आशा बहुओं से पूछताछ की।
आशा बहुओं से सीबीआई टीम ने जननी सुरक्षा के लाभार्थियों को प्रसव के लिए सीएचसी ले जाने और जननी सुरक्षा योजना ले तहत मिलने वाली राशि के बाबत दर्ज दस्तावेजों व भुगतान की जानकारी जुटाई। टीम गांव की आशा बहुओं को लेकर लाभार्थियों के घर पहुंची और सत्यापन किया।
इसके बाद सीबीआई की दोनों टीमें देर शाम सीएचसी रुदौली वापस आईं। सीएचसी में बैठकर रिपोर्ट तैयार कर टीम वापस चली गयी। सीबीआई अधिकारी गौरव सोम ने एनएचआरएम में हुए भुगतान की जांच करने की बात कही। लेकिन जांच के तथ्यों की जानकारी देने से इंकार किया।
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जमीनी हकीकत जांचने के लिये टीम आठ गांवों में गई। जांच के केंद्र में लाभार्थियों और आशा बहुओं को एनआरएचएम के तहत हुआ भुगतान था। सीबीआई के दो अधिकारियों की टीम ने फर्जी भुगतान होने को लेकर सच्चाई सामने लाने पर अपनी जांच केंद्रित कर रखी है।
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बुधवार को जननी सुरक्षा में वर्ष 2008 से 2011 तक का सीएचसी रुदौली में हुए भुगतान की फाइलों को कब्जे में लेने के बाद गुरुवार को 8 गांवों में गई। दोपहर में सीएमओ कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. देशमुख के साथ गाजियाबाद से आए सीबीआई अधिकारी गौरव सोम सीएचसी रुदौली पहुंचे।
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जहां से रुदौली सीएचसी से स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह व अस्पताल कर्मी घनश्याम के साथ खंड पिपरा, अहमदाबाद, दशरथ मऊ, गौरिया मऊ, जुनेदपुर, भेलसर, ऐहार व बेतौली गांव गए। इस दौरान इन गांवों की तत्कालीन अधीक्षक डॉ. सुरेश के कार्यकाल में हुए जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की पत्रावली साथ ली।
टीम के अधिकारी गौरव सोम ने जुनैदपुर की आशा बहू रेखा मिश्रा, भेलसर की सुनीता लोधी, खंड पिपरा की देवकी, अहमदाबाद की मालती देवी के अलावा ऐहार और बेतौली गांव के साथ जांच के दायरे में आये गांव की आशा बहुओं से पूछताछ की।
आशा बहुओं से सीबीआई टीम ने जननी सुरक्षा के लाभार्थियों को प्रसव के लिए सीएचसी ले जाने और जननी सुरक्षा योजना ले तहत मिलने वाली राशि के बाबत दर्ज दस्तावेजों व भुगतान की जानकारी जुटाई। टीम गांव की आशा बहुओं को लेकर लाभार्थियों के घर पहुंची और सत्यापन किया।
इसके बाद सीबीआई की दोनों टीमें देर शाम सीएचसी रुदौली वापस आईं। सीएचसी में बैठकर रिपोर्ट तैयार कर टीम वापस चली गयी। सीबीआई अधिकारी गौरव सोम ने एनएचआरएम में हुए भुगतान की जांच करने की बात कही। लेकिन जांच के तथ्यों की जानकारी देने से इंकार किया।