{"_id":"63fd035377eab7dcba054694","slug":"now-medical-college-will-also-treat-children-with-crooked-toes-faizabad-news-c-13-1-106384-2023-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: अब मेडिकल कॉलेज में भी होगा टेढ़े-मेढ़े पंजे वाले बच्चों का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: अब मेडिकल कॉलेज में भी होगा टेढ़े-मेढ़े पंजे वाले बच्चों का इलाज
Tue, 28 Feb 2023 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 28 Feb 2023 12:54 AM IST
विज्ञापन
अयोध्या। अब राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर अस्पताल में भी टेढ़े-मेढ़े पंजे वाले बच्चों (क्लबफुट रोगियों) का उपचार भी हो सकेगा। अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से प्रत्येक सोमवार को ओपीडी में आर्थो सर्जन डॉ. विनोद आर्या ऐसे बच्चों का उपचार करेंगे। यहां सोमवार को पहुंचे एक बच्चे का उपचार संस्था के सहयोग से शुरू किया गया है।
जन्म से टेढ़े-मेढ़े पैर वाले बच्चों को क्लबफुट रोगी कहा जाता है। पहले लोग इसे अभिशाप मानते थे और समाज में तमाम तरह की भ्रांतियां फैली थीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पूर्व में मिरेकल फीट इंडिया (अब अनुष्का फाउंडेशन) ने ऐसे रोगियों को दिव्यांगता से मुक्ति दिलाने के लिए सकारात्मक पहल की।
जिला अस्पताल की ओपीडी के कक्ष संख्या 9 में आर्थो सर्जन डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने संस्था की काॅओर्डिनेटर शुचि सिंह के सहयोग से ऐसे बच्चों का इलाज शुरू किया। मौजूदा समय में वहां करीब 200 से अधिक बच्चों का इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
अब संस्था ने इसका प्रसार करते हुए राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में भी सोमवार से सेवाएं प्रारंभ की हैं। मेडिकल कॉलेज की आर्थो ओपीडी में क्लबफुट क्लीनिक की शुरुआत हुई है। पहले दिन आर्थो सर्जन डॉ. विनोद आर्या ने नवाबगंज, गोंडा से आई गुडिय़ा के डेढ़ माह के बच्चे का प्लास्टर लगाकर इलाज प्रारंभ किया है।
अनुष्का फाउंडेशन की तरफ से नामित कोआर्डिनेटर शुचि सिंह ने बताया कि ऐसे रोगियों के इलाज में आने वाला खर्च संस्था वहन करती है। बच्चों का पहले पंजीकरण कराना होता है। उन्हें नियमित रूप से उपचार कराना होता है। समय पर इलाज होने से वह स्थाई रूप से ठीक हो जाते हैं।
विज्ञापन
जन्म से टेढ़े-मेढ़े पैर वाले बच्चों को क्लबफुट रोगी कहा जाता है। पहले लोग इसे अभिशाप मानते थे और समाज में तमाम तरह की भ्रांतियां फैली थीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पूर्व में मिरेकल फीट इंडिया (अब अनुष्का फाउंडेशन) ने ऐसे रोगियों को दिव्यांगता से मुक्ति दिलाने के लिए सकारात्मक पहल की।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी के कक्ष संख्या 9 में आर्थो सर्जन डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने संस्था की काॅओर्डिनेटर शुचि सिंह के सहयोग से ऐसे बच्चों का इलाज शुरू किया। मौजूदा समय में वहां करीब 200 से अधिक बच्चों का इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
अब संस्था ने इसका प्रसार करते हुए राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में भी सोमवार से सेवाएं प्रारंभ की हैं। मेडिकल कॉलेज की आर्थो ओपीडी में क्लबफुट क्लीनिक की शुरुआत हुई है। पहले दिन आर्थो सर्जन डॉ. विनोद आर्या ने नवाबगंज, गोंडा से आई गुडिय़ा के डेढ़ माह के बच्चे का प्लास्टर लगाकर इलाज प्रारंभ किया है।
अनुष्का फाउंडेशन की तरफ से नामित कोआर्डिनेटर शुचि सिंह ने बताया कि ऐसे रोगियों के इलाज में आने वाला खर्च संस्था वहन करती है। बच्चों का पहले पंजीकरण कराना होता है। उन्हें नियमित रूप से उपचार कराना होता है। समय पर इलाज होने से वह स्थाई रूप से ठीक हो जाते हैं।