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90 हजार लोगों तक नहीं पहुंचा शिक्षा का उजियारा
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2015 12:12 AM IST
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फिर भी जिले के आंकड़े बता रहे हैं कि अभी भी निरक्षर बड़े-बूढ़े और स्कूलों की चौखट तक नहीं पहुंच पाने वालों की तादात अच्छी खासी है।
‘घर-घर फैले ज्ञान का उजियारा’, ‘पढ़ी-लिखी लड़की, रोशनी घर की’ सब के सब स्लोगन सिर्फ दीवारों और कागजों को सुशोभित कर रहे हैं।
साक्षर भारत अभियान के तहत 15 वर्ष के ऊपर निरक्षरों की तादात विभिन्न ब्लॉकों में 90 हजार है। जिसमें से लोक शिक्षा समिति के माध्यम से साक्षर होने के लिए 39 हजार 804 ने परीक्षा दी है।
निदेशालय से अभी प्रमाणपत्र नहीं आया है, इसलिए तकनीकी दृष्टिकोण से अभी ये साक्षर की श्रेणी में नहीं आए है। वैसे भी गत 23 अगस्त को परीक्षाएं हुई थी।
जिसके कारण प्रमाणपत्र पाने के लिए अभी इन निरक्षरों को इंतजार करना पड़ेगा। इनको जैसे ही प्रमाणपत्र मिलेगा, ये 39 हजार निरक्षर, साक्षर हो जाएंगे। 39 हजार 804 परीक्षार्थियों में 23 हजार 350 पुरुष एवं 16 हजार 454 महिलाएं
वर्ष 2014-15 में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आउट ऑफ स्कूल बच्चों का जो ब्लॉक वार सर्वे हुआ था। उसमें पांच से 14 आयु वर्ग में कुल 320 बच्चे आउट ऑफ स्कूल पाए गए थे।
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वर्ष 2015-16 का ब्लॉकवार सर्वे हो चुका है। लेकिन बीएसए कार्यालय पर अभी उसकी एकीकृत फीडिंग नहीं हो पाई है। एकीकृत फीडिंग होने के बाद यह संख्या गिरकर काफी कम हो जाएगी। बीते वर्ष में मिल्कीपुर ऐसा ब्लॉक मिला था जहां पर एक भी बच्चा ऐसा नहीं था जो स्कूली शिक्षा से वंचित रहा हो।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि कुल निरक्षर 90 हजार थे। जिसमें से 39 हजार निरक्षर परीक्षा दे चुके हैं। बस प्रमाणपत्र मिलते ही ये सभी साक्षर हो जाएंगे।
आउट ऑफ स्कूल पिछले वर्ष 320 बच्चे थे। लेकिन इस वर्ष अभी ब्लॉकों से आए सर्वे को संकलित किया जा रहा है। उम्मीद है कि स्कूली शिक्षा से वंचित बच्चों की तादात नए सर्वे में बहुत कम ही होंगी।
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‘घर-घर फैले ज्ञान का उजियारा’, ‘पढ़ी-लिखी लड़की, रोशनी घर की’ सब के सब स्लोगन सिर्फ दीवारों और कागजों को सुशोभित कर रहे हैं।
साक्षर भारत अभियान के तहत 15 वर्ष के ऊपर निरक्षरों की तादात विभिन्न ब्लॉकों में 90 हजार है। जिसमें से लोक शिक्षा समिति के माध्यम से साक्षर होने के लिए 39 हजार 804 ने परीक्षा दी है।
निदेशालय से अभी प्रमाणपत्र नहीं आया है, इसलिए तकनीकी दृष्टिकोण से अभी ये साक्षर की श्रेणी में नहीं आए है। वैसे भी गत 23 अगस्त को परीक्षाएं हुई थी।
जिसके कारण प्रमाणपत्र पाने के लिए अभी इन निरक्षरों को इंतजार करना पड़ेगा। इनको जैसे ही प्रमाणपत्र मिलेगा, ये 39 हजार निरक्षर, साक्षर हो जाएंगे। 39 हजार 804 परीक्षार्थियों में 23 हजार 350 पुरुष एवं 16 हजार 454 महिलाएं
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वर्ष 2014-15 में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आउट ऑफ स्कूल बच्चों का जो ब्लॉक वार सर्वे हुआ था। उसमें पांच से 14 आयु वर्ग में कुल 320 बच्चे आउट ऑफ स्कूल पाए गए थे।
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वर्ष 2015-16 का ब्लॉकवार सर्वे हो चुका है। लेकिन बीएसए कार्यालय पर अभी उसकी एकीकृत फीडिंग नहीं हो पाई है। एकीकृत फीडिंग होने के बाद यह संख्या गिरकर काफी कम हो जाएगी। बीते वर्ष में मिल्कीपुर ऐसा ब्लॉक मिला था जहां पर एक भी बच्चा ऐसा नहीं था जो स्कूली शिक्षा से वंचित रहा हो।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि कुल निरक्षर 90 हजार थे। जिसमें से 39 हजार निरक्षर परीक्षा दे चुके हैं। बस प्रमाणपत्र मिलते ही ये सभी साक्षर हो जाएंगे।
आउट ऑफ स्कूल पिछले वर्ष 320 बच्चे थे। लेकिन इस वर्ष अभी ब्लॉकों से आए सर्वे को संकलित किया जा रहा है। उम्मीद है कि स्कूली शिक्षा से वंचित बच्चों की तादात नए सर्वे में बहुत कम ही होंगी।